आसमान में फिर मंडराया बड़ा खतरा! 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, यूपी-दिल्ली समेत इन इलाकों में बदलेगा मौसम
नई दिल्ली: अगस्त के आखिरी दिनों में मानसून एक बार फिर कई हिस्सों में सक्रिय होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अगस्त 2026 से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खास तौर पर उत्तर भारत के कुछ राज्यों के साथ मध्य और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से कहीं राहत का माहौल है तो कहीं जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी समस्याएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
कई राज्यों में बदल सकता है मौसम का मिजाज
मानसून के इस दौर में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग रूप देखने को मिल रहा है। कहीं भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही के बीच उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।
21 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली में भी बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से उमस और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली और आसपास के इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
भारी बारिश होने पर दिल्ली-एनसीआर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होने और कुछ स्थानों पर पानी जमा होने की स्थिति भी बन सकती है।
बारिश के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
यूपी में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
यूपी के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
लखनऊ समेत कई शहरों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। लोगों को बारिश के दौरान बिजली चमकने पर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ी चिंता
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने का खतरा बढ़ जाता है।
उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
नदियों और बरसाती नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक जलस्तर बढ़ने से परेशानी हो सकती है।
मध्य भारत में भी जमकर बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। खेतों में पानी भरने से किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का असर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
लगातार बारिश होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
केरल, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है। तटीय इलाकों में मौसम खराब होने पर मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी जा सकती है।
राजस्थान में भी आंधी-बारिश की संभावना
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम करवट ले सकता है। पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
तेज हवाओं के दौरान ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
बारिश के बीच इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश और आंधी के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान में खड़े न रहें।
तेज बारिश के दौरान पेड़ के नीचे शरण न लें।
जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से बचें।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित रास्तों पर जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सूचना जरूर देखें।
नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें।
किसानों को स्थानीय मौसम सलाह के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर निर्माण और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
मछुआरों के लिए भी जरूरी चेतावनी
तटीय इलाकों में तेज हवाओं और खराब मौसम के दौरान समुद्र में जाने का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में मछुआरों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी का पालन करना चाहिए।
समुद्र में मौसम अचानक खराब होने पर छोटी नावों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मौसम की स्थिति सामान्य होने तक समुद्र में जाने से बचना सुरक्षित विकल्प है।
अगस्त के आखिरी सप्ताह में जारी रहेगा मानसून का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से संकेत मिल रहा है कि अगस्त के आखिरी सप्ताह में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना रह सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बना रह सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की समस्या लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर
मौसम तेजी से बदल सकता है और एक ही राज्य के अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए लोगों को अपने जिले के लिए जारी ताजा मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए।
खासकर बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यात्रा करने वाले लोगों को भी निकलने से पहले मौसम की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।
कुल मिलाकर, 21 अगस्त से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में विशेष सतर्कता की जरूरत है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी आने वाले दिनों में बारिश का जोर बढ़ सकता है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखते हुए यात्रा, खेती और रोजमर्रा की गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

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