70 की उम्र में भी कायम ‘वो ताकत’ ! जौनपुर के बुजुर्ग ने खोला 3 देसी चीजों का राज… दावा सुनकर चौंक जाएंगे आप!
जौनपुर: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। ऊर्जा का स्तर, मांसपेशियों की ताकत, नींद, मानसिक स्थिति और हार्मोन में बदलाव का असर व्यक्ति की सेहत पर पड़ सकता है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से 70 वर्षीय एक बुजुर्ग के खानपान और जीवनशैली को लेकर चर्चा सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि वे आज भी काफी सक्रिय और चुस्त-दुरुस्त हैं और इसके पीछे उनकी पारंपरिक दिनचर्या और खानपान की अहम भूमिका है।
बताया जाता है कि वे किसी खास महंगी दवा या सप्लीमेंट के बजाय सामान्य घरेलू खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं। इनमें सोंठ, काले तिल, दूध और केसर जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। हालांकि, यहां यह समझना बेहद जरूरी है कि किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत अनुभव अपने आप में वैज्ञानिक प्रमाण नहीं होता। इन खाद्य पदार्थों को यौन शक्ति बढ़ाने या किसी यौन समस्या का इलाज करने वाली दवा मानना उचित नहीं है।
सोंठ को लेकर क्या दावा किया जाता है?
सूखी अदरक यानी सोंठ भारतीय रसोई में लंबे समय से इस्तेमाल होती रही है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर पाचन से जुड़ी परेशानियों और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता है।
जौनपुर के बुजुर्ग के अनुसार, वे सुबह सोंठ का सेवन करते हैं और इसे अपनी सक्रिय जीवनशैली से जोड़ते हैं। उनका मानना है कि इससे उन्हें ऊर्जा और चुस्ती बनाए रखने में मदद मिलती है।
हालांकि, सोंठ को सीधे तौर पर पुरुषों की यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवा मानने के लिए पर्याप्त मजबूत चिकित्सकीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। सोंठ को भोजन का हिस्सा बनाकर लेना और इसे यौन समस्या का इलाज मानना दो अलग-अलग बातें हैं।
अगर किसी व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी है तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
काले तिल क्यों माने जाते हैं फायदेमंद?
काले तिल भारतीय खानपान में काफी लोकप्रिय हैं। इनमें वसा, प्रोटीन, फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। तिल का इस्तेमाल सर्दियों में गुड़ के साथ लड्डू या अन्य पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है।
बुजुर्गों की पारंपरिक मान्यता में तिल को शरीर को गर्म रखने और ताकत देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। लेकिन यह दावा कि काले तिल सीधे तौर पर वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाते हैं या यौन कमजोरी को दूर करते हैं, इसे वैज्ञानिक रूप से सामान्य नियम के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
संतुलित आहार में तिल शामिल करना पोषण के लिहाज से उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी या यौन समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
दूध और केसर का क्या कनेक्शन है?
दूध प्रोटीन और कैल्शियम सहित कई पोषक तत्व प्रदान करता है। वहीं केसर का इस्तेमाल भारतीय खानपान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में लंबे समय से किया जाता रहा है।
कुछ शोधों में केसर के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों पर अध्ययन हुआ है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि रात में दूध के साथ केसर लेने से शीघ्रपतन, स्वप्नदोष या यौन कमजोरी का निश्चित इलाज हो जाता है।
इसी तरह मिश्री मुख्य रूप से चीनी है। इसलिए इसे अधिक मात्रा में लेना विशेष रूप से उन लोगों के लिए उचित नहीं हो सकता जिन्हें ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है।
क्या ये तीन चीजें 'Male Power' बढ़ाती हैं?
यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अक्सर “Male Power”, “यौन ताकत” और “मर्दानगी” बढ़ाने वाले घरेलू नुस्खों के दावे वायरल होते रहते हैं। लेकिन यौन स्वास्थ्य केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर नहीं करता।
यौन क्षमता पर उम्र, हृदय और रक्तवाहिका स्वास्थ्य, हार्मोन, मानसिक तनाव, नींद, शारीरिक सक्रियता, धूम्रपान, शराब, मोटापा और कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का प्रभाव पड़ सकता है।
इसलिए केवल सोंठ, तिल या केसर को इसका समाधान बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।
असली भूमिका निभाती है पूरी जीवनशैली
अगर किसी व्यक्ति को उम्र बढ़ने के बावजूद स्वस्थ और सक्रिय रहना है तो सबसे महत्वपूर्ण चीज पूरी जीवनशैली है।
नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन, वजन को स्वस्थ सीमा में रखना, तनाव कम करना और धूम्रपान व अत्यधिक शराब से दूरी बनाना लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
सुबह टहलना भी अच्छी आदत हो सकती है। नियमित पैदल चलने या अन्य उपयुक्त व्यायाम से हृदय स्वास्थ्य, मांसपेशियों की कार्यक्षमता और सामान्य फिटनेस को फायदा मिल सकता है।
तनाव और नींद का भी पड़ता है असर
यौन स्वास्थ्य की बात हो तो केवल खानपान पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। मानसिक तनाव और नींद की कमी भी व्यक्ति की ऊर्जा और यौन इच्छा को प्रभावित कर सकती है।
लगातार तनाव रहने पर व्यक्ति में थकान, चिड़चिड़ापन और नींद की परेशानी हो सकती है। इसी तरह रात में पर्याप्त नींद नहीं लेने से दिनभर ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।
इसलिए स्वस्थ दिनचर्या में समय पर सोना और जागना, पर्याप्त आराम करना तथा तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करना महत्वपूर्ण है।
शराब और सिगरेट से दूरी जरूरी
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लंबे समय तक इनका सेवन हृदय और रक्तवाहिकाओं सहित शरीर के कई हिस्सों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
यौन स्वास्थ्य भी शरीर के समग्र स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए किसी भी कथित “पावर” बढ़ाने वाले नुस्खे से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति अपनी बुनियादी स्वास्थ्य आदतों पर ध्यान दे।
सोशल मीडिया के 'चमत्कारी नुस्खों' से रहें सावधान
आजकल इंटरनेट पर कई ऐसे वीडियो और पोस्ट वायरल होते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि कोई खास मसाला, फल, जड़ी-बूटी या घरेलू मिश्रण कुछ ही दिनों में पुरुषों की यौन शक्ति कई गुना बढ़ा सकता है।
ऐसे दावों को बिना प्रमाण के सच मानना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर तब, जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा हो।
यौन कमजोरी या लगातार बनी रहने वाली समस्या कई बार किसी दूसरी स्वास्थ्य स्थिति का संकेत भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
70 साल की उम्र में फिट रहने का असली संदेश
जौनपुर के 70 वर्षीय बुजुर्ग की कहानी को अगर सकारात्मक नजरिए से देखा जाए तो इसका सबसे महत्वपूर्ण संदेश किसी एक नुस्खे में नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली में छिपा है।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से संतुलित भोजन करता है, नियमित रूप से सक्रिय रहता है, पर्याप्त नींद लेता है और नशे से दूर रहता है तो वह बढ़ती उम्र में भी अच्छी फिटनेस बनाए रख सकता है।
सोंठ, तिल, दूध और केसर जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज या “मर्दानगी बढ़ाने की गारंटी” नहीं माना जाना चाहिए।
यौन स्वास्थ्य को लेकर शर्म नहीं, सही जानकारी जरूरी
यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर कई लोग खुलकर बात नहीं कर पाते। शर्म या सामाजिक दबाव के कारण वे इंटरनेट पर मिले घरेलू नुस्खों को आजमाने लगते हैं।
ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है सही जानकारी हासिल करना। अगर किसी व्यक्ति को लगातार यौन कमजोरी, इच्छा में कमी, इरेक्शन से जुड़ी परेशानी या शीघ्रपतन जैसी समस्या है तो योग्य डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर है।
किसी भी घरेलू नुस्खे को इलाज का विकल्प मानने से पहले उसके संभावित फायदे और नुकसान को समझना जरूरी है।
70 वर्ष की उम्र में सक्रिय और स्वस्थ रहना निश्चित रूप से प्रेरणादायक हो सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति की फिटनेस को केवल तीन खाद्य पदार्थों से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है। सोंठ, काले तिल, दूध और केसर पोषण देने वाले खाद्य पदार्थ हो सकते हैं, मगर इन्हें यौन कमजोरी, शीघ्रपतन या वीर्य संबंधी समस्याओं का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता।
स्वस्थ शरीर और बेहतर यौन स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और नशे से दूरी कहीं अधिक महत्वपूर्ण आधार हैं। किसी भी लगातार बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्या में घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित रास्ता है।

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