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16 साल की किशोरी के गर्भवती होने से मचा हड़कंप, 70 वर्षीय दादा पर लगा यौन शोषण का आरोप; ऐसे खुला पूरा राज



हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग किशोरी के गर्भवती मिलने के बाद उसके बुजुर्ग दादा पर यौन शोषण का आरोप लगा है। पुलिस ने किशोरी की शिकायत और मेडिकल जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस किशोरी के बयान, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किशोरी की उम्र 16 वर्ष बताई गई है और आरोपी की उम्र करीब 70 वर्ष है। हालांकि, कुछ स्थानीय रिपोर्टों में उम्र के आंकड़ों में मामूली अंतर बताया गया है। इसलिए अंतिम उम्र और अन्य विवरणों की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से ही मानी जाएगी।

पेट दर्द के बाद सामने आया पूरा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, किशोरी को कुछ समय से पेट में दर्द की शिकायत थी। परिवार के लोग उसे चिकित्सकीय जांच के लिए डॉक्टर के पास लेकर गए। जांच के दौरान पता चला कि वह करीब ढाई महीने की गर्भवती है। यह जानकारी सामने आने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें गर्भावस्था की पुष्टि हुई। पुलिस ने किशोरी से बातचीत कर उसके बयान दर्ज किए। इसी बयान के आधार पर उसके दादा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

किशोरी ने पुलिस को क्या बताया?

पुलिस के अनुसार, किशोरी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि उसके दादा ने उसके साथ जबरन यौन शोषण किया। रिपोर्टों में बताया गया है कि कथित घटना कई सप्ताह पहले शुरू हुई थी और बाद में भी आरोपी द्वारा उसे परेशान किए जाने का आरोप है।

किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है और वह अपने पिता तथा दादा के साथ रहती थी। उसके पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर जाते थे। पुलिस अब किशोरी के बयान में बताए गए घटनाक्रम और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस ने पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। कानूनी रूप से भी ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना जरूरी होता है।

मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

किशोरी के बयान के बाद पुलिस ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। रिपोर्टों के मुताबिक, मेडिकल जांच में गर्भावस्था की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

हाथरस पुलिस अब मामले में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को भी जुटा रही है। जांच में मेडिकल रिपोर्ट, किशोरी का बयान और घटनाक्रम से संबंधित अन्य तथ्यों को शामिल किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

परिवार में ही रहने वाले आरोपी पर लगा आरोप

इस मामले ने इसलिए भी लोगों को झकझोर दिया है क्योंकि आरोप परिवार के ही एक बुजुर्ग सदस्य पर लगा है। किशोरी अपनी मां की मृत्यु के बाद पिता और दादा के साथ रहती थी। ऐसे में जिस व्यक्ति को परिवार में सुरक्षा और भरोसे का सदस्य माना जाता है, उसी पर गंभीर आरोप लगना चिंता का विषय बन गया है।

हालांकि, पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप अदालत में सिद्ध हो चुके हैं। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।

नाबालिग होने के कारण POCSO कानून के तहत कार्रवाई

किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण मामला बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) के प्रावधानों के अंतर्गत आता है। नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों में कानून पीड़ित बच्चे की सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और विशेष कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान करता है।

ऐसे मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए यह जरूरी होता है कि बच्चे के बयान और मेडिकल जांच सहित सभी साक्ष्यों को संवेदनशील तरीके से दर्ज किया जाए। मामले की सुनवाई विशेष अदालत में भी हो सकती है।

पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई। इसके साथ ही पुलिस किशोरी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के बीच मौजूद तथ्यों का भी परीक्षण करेगी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत के सामने आरोपपत्र या अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले ने फिर उठाए बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

हाथरस की यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण के मामलों में अक्सर आरोपी कोई परिचित व्यक्ति या परिवार से जुड़ा व्यक्ति भी हो सकता है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित माहौल देना और उनकी बातों को गंभीरता से सुनना बेहद जरूरी है।

अगर कोई बच्चा असामान्य व्यवहार कर रहा हो, किसी व्यक्ति से डर रहा हो या उसके साथ कुछ गलत होने का संकेत दे रहा हो, तो परिवार के सदस्यों को उसकी बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस, बाल संरक्षण तंत्र या चिकित्सकीय सहायता से संपर्क करना चाहिए।

फिलहाल हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के इस मामले में आरोपी गिरफ्तार है और जांच जारी है। पुलिस किशोरी के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटी है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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