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रक्षाबंधन से पहले बड़ा खेल पकड़ा गया! 350 किलो पनीर देखकर अफसर भी हैरान, फिर जो हुआ उसने मचा दी हलचल



ग्रेटर नोएडा: रक्षाबंधन के त्योहार से पहले उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा के लखनावली इलाके में करीब 350 किलोग्राम पनीर पकड़ा गया, जिसकी गुणवत्ता प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई। अधिकारियों को यह पनीर मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त होने की आशंका थी। कार्रवाई के बाद पनीर का एक नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जबकि बाकी करीब 350 किलो पनीर को जब्त कर सुरक्षित रखवाने के बाद नष्ट करा दिया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले दूध और उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रक्षाबंधन के मौके पर पनीर, खोया, मिठाई और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए विभाग ने मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है।

आधी रात को पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम

अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई 21 और 22 अगस्त की मध्यरात्रि को की गई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और अमर बहादुर सरोज की टीम ने लखनावली क्षेत्र में जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान टीम को एक वाहन से पनीर सप्लाई के लिए ले जाते हुए मिला। बताया गया कि यह पनीर अलीगढ़ के महगोरा स्थित सुरेंद्र की डेयरी से आया था और इसे दिल्ली समेत एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

टीम ने जब पनीर की गुणवत्ता की जांच की तो वह प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पनीर का नमूना लिया और उसे विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।

350 किलो पनीर को किया गया जब्त

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नमूना लेने के बाद बाकी पनीर को भी अपनी निगरानी में ले लिया। करीब 350 किलोग्राम पनीर जब्त कर उसे लखनावली स्थित सिद्ध बाबा डेयरी में सुरक्षित रखवाया गया।

अधिकारियों का कहना था कि संदिग्ध खाद्य पदार्थ को किसी भी हालत में बाजार तक नहीं पहुंचने दिया जा सकता। इसी वजह से पनीर को सुरक्षित रखने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।

इसके बाद 22 अगस्त की सुबह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से जब्त पनीर को नष्ट करा दिया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध खाद्य सामग्री को आम लोगों तक पहुंचने से रोकना था।

एक नमूना जांच के लिए भेजा गया

विभाग ने पनीर का एक नमूना प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पनीर में किस तरह की मिलावट थी और खाद्य सुरक्षा मानकों का कितना उल्लंघन हुआ था।

इसलिए फिलहाल पनीर को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। विभाग ने इसे प्रथम दृष्टया संदिग्ध और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त प्रतीत होने वाला खाद्य पदार्थ बताया है।

प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रक्षाबंधन पर क्यों बढ़ जाती है मिलावट की चिंता?

त्योहारों के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। रक्षाबंधन पर मिठाइयों के अलावा पनीर और खोया की भी बिक्री बढ़ती है। मांग बढ़ने के साथ बाजार में नकली या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद पहुंचने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों से पहले दूध, पनीर, खोया, घी, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच करता है। अधिकारियों की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर दुकानों, डेयरियों, वाहनों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं।

विभाग की कोशिश है कि मिलावटी या मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचने से पहले ही पकड़ लिए जाएं।

दिल्ली-NCR तक होनी थी सप्लाई

जांच के दौरान पकड़ा गया पनीर सिर्फ स्थानीय बाजार के लिए नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित डेयरी से पनीर की सप्लाई दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न जिलों में की जाती थी।

ऐसे में अगर संदिग्ध पनीर बाजार में पहुंच जाता तो बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका हो सकती थी। खाद्य विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर इसे रोक दिया।

इसी वजह से अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है।

विभाग ने कहा- आगे भी जारी रहेगा अभियान

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा के अनुसार, आम लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए दूध और दुग्ध उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जांच अभियान जारी रहेगा। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान या कारोबारी के यहां नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पनीर खरीदते समय ग्राहक भी रहें सावधान

त्योहारों के दौरान ग्राहकों को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ताओं को पनीर और अन्य दुग्ध उत्पाद विश्वसनीय दुकानों से खरीदने चाहिए और पैकेज्ड उत्पाद होने पर पैकेट पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर और अन्य जरूरी जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

अगर किसी खाद्य पदार्थ की गंध, रंग, स्वाद या बनावट असामान्य लगे तो उसे खाने से बचना बेहतर है। संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग तक भी पहुंचाई जा सकती है।

त्योहार से पहले सख्त हुई निगरानी

ग्रेटर नोएडा में 350 किलो संदिग्ध पनीर पकड़े जाने की कार्रवाई यह दिखाती है कि त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट को लेकर सतर्क है। एक तरफ प्रयोगशाला जांच से पनीर की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी, वहीं दूसरी तरफ विभाग की लगातार कार्रवाई से कारोबारियों पर भी नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा।

फिलहाल पनीर का नमूना जांच के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उसमें किस प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई। तब तक विभाग की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यही है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री किसी भी स्थिति में आम लोगों की थाली तक न पहुंचे।

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