15 दिन से गायब था 19 साल का इशू, गोबर के ढेर से मिला बोरा तो खुला खौफनाक राज! 3 दोस्तों ने आखिर क्यों किया ये कांड?
वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने दोस्ती और भरोसे के रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है। करीब 15 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता चल रहे 19 वर्षीय इशू कन्नौजिया की उसके ही तीन परिचित दोस्तों ने कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए बेहद खौफनाक साजिश रची और उसे प्लास्टिक के बोरे में बंद कर रेलवे क्वार्टर के पास गोबर के ढेर में दबा दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक राहगीर को गोबर के ढेर के पास संदिग्ध दुर्गंध महसूस हुई और वहां एक बोरा दिखाई दिया। संदेह होने पर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बोरे को बाहर निकलवाया तो उसके अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पहचान इशू कन्नौजिया के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में तीन आरोपियों प्रदीप, रोहित और रामकिशन को गिरफ्तार किया गया है। तीनों मृतक के परिचित बताए जा रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की है।
15 दिनों से लापता था इशू
पुलिस के अनुसार, इशू कन्नौजिया 6 अगस्त को अचानक लापता हो गया था। उसके परिवार ने उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों के मुताबिक, इशू लहरतारा-महमूरगंज मार्ग से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुआ था। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
शुरुआत में मामला एक सामान्य गुमशुदगी की तरह दिखाई दे रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने लगी।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इशू के संपर्क में रहने वाले लोगों की गतिविधियों की जांच शुरू की। इसी दौरान प्रदीप, रोहित और रामकिशन पुलिस के संदेह के घेरे में आए।
शराब पीने के दौरान हुआ था विवाद
ADCP वैभव बांगर के मुताबिक, 6 अगस्त को इशू अपने तीन परिचित दोस्तों प्रदीप, रोहित और रामकिशन के साथ शराब पी रहा था।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी बात को लेकर चारों के बीच विवाद हो गया। शुरुआत में मामला कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद गंभीर हो गया।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि तीनों दोस्तों ने मिलकर इशू पर हमला कर दिया। धारदार हथियार से हमला किए जाने के कारण इशू गंभीर रूप से घायल हो गया और अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। क्या शराब के नशे में अचानक झगड़ा हुआ था या इसके पीछे कोई पुरानी दुश्मनी और विवाद था, इसकी जांच की जा रही है।
हत्या के बाद रची गई शव छिपाने की साजिश
हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को छिपाने की थी। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने कथित तौर पर शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद किया।
इसके बाद वे शव को शिवपुरवा इलाके में रेलवे क्वार्टर के पास बने गोबर के ढेर तक ले गए। आरोपियों ने कथित तौर पर शव को गोबर के ढेर में गहराई में दबा दिया, ताकि किसी को उसके बारे में पता न चल सके।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सबूत मिटाने और शव की पहचान छिपाने की कोशिश की थी।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि आरोपियों ने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए अपराध से संबंधित जानकारी हासिल करने की कोशिश की थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या विवाद के बाद आरोपियों ने अचानक शव छिपाने की साजिश रची।
शव के टुकड़े करने का भी आरोप
मामले में पुलिस ने यह भी बताया है कि आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए उसे कई हिस्सों में काटा था। पुलिस के अनुसार, शव के पांच टुकड़े किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
यह खुलासा मामले को और भी गंभीर बना देता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शव के साथ ऐसा क्यों किया गया और इसमें इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार कहां छिपाए गए हैं।
घटना में इस्तेमाल हथियार को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दुर्गंध से खुला पूरा राज
करीब 15 दिन तक शव के बारे में किसी को जानकारी नहीं मिली। लेकिन गुरुवार को एक राहगीर को रेलवे क्वार्टर के पास बने गोबर के ढेर से तेज और संदिग्ध दुर्गंध महसूस हुई।
जब उसने आसपास देखा तो उसे वहां एक बोरा दिखाई दिया। बोरे को देखकर उसे शक हुआ और उसने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी।
112 नंबर पर सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और जांच शुरू की।
जब संदिग्ध बोरे को बाहर निकाला गया तो उसके अंदर शव मिला। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
जांच में पता चला कि शव इशू कन्नौजिया का था, जो कई दिनों से लापता था।
सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
शव बरामद होने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या की गुत्थी सुलझाने की थी। पुलिस ने मृतक के परिवार, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ शुरू की।
इसके साथ ही तकनीकी सर्विलांस की मदद ली गई। पुलिस ने इशू के मोबाइल संपर्कों और उसके साथ आखिरी समय में मौजूद लोगों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान प्रदीप, रोहित और रामकिशन पर पुलिस का शक गहराता गया। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली।
पुराने दोस्त थे तीनों आरोपी
ADCP वैभव बांगर के अनुसार, तीनों आरोपी शिवपुरवा इलाके के रहने वाले हैं और मृतक इशू के पुराने परिचित थे।
यही वजह है कि पुलिस अब हत्या के पीछे दोस्ती में पैदा हुए विवाद के अलावा किसी पुरानी रंजिश की संभावना को भी खारिज नहीं कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इशू और आरोपियों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या घटना वाले दिन शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी ही हत्या की तत्काल वजह बनी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और शरीर पर लगी चोटों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाएगी।
पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य संभावित सबूत बरामद करने की कोशिश कर रही है।
परिवार को नहीं था ऐसा अंत होने का अंदाजा
इशू के करीब 15 दिनों तक लापता रहने के दौरान परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि वह किसी कारण से घर से दूर चला गया होगा और जल्द वापस लौट आएगा।
लेकिन जब उसका शव बरामद हुआ तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जिस युवक को परिवार कई दिनों से खोज रहा था, उसकी हत्या उसके ही परिचितों द्वारा किए जाने की बात सामने आने से इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस हत्याकांड में अभी कई सवालों के जवाब तलाशे जाने बाकी हैं।
आखिर शराब पीने के दौरान ऐसा क्या हुआ कि दोस्ती दुश्मनी में बदल गई? क्या इशू और आरोपियों के बीच पहले से कोई विवाद था? हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या अचानक हुए झगड़े के बाद यह वारदात हुई? शव के टुकड़े करने की जरूरत क्यों पड़ी? और आरोपियों ने यूट्यूब से किस तरह की जानकारी हासिल की थी?
पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और अन्य साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
वाराणसी की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली विवाद किस तरह बेहद खतरनाक अपराध में बदल सकता है। एक 19 वर्षीय युवक, जो अपने परिचित दोस्तों के साथ बैठा था, कुछ ही समय बाद जिंदगी से हाथ धो बैठा। अब पुलिस की जांच यह तय करेगी कि इस खौफनाक वारदात के पीछे सिर्फ शराब के दौरान हुआ विवाद था या इसके पीछे कोई गहरी और पुरानी साजिश भी छिपी थी।

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