22 अगस्त को आसमान से बरसेगी आफत? यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं से मचेगा हड़कंप!
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के 21 अगस्त के आधिकारिक पूर्वानुमान के मुताबिक 22 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में 22 अगस्त को 24 राज्यों में 80-85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का दावा किया जा रहा है। मौसम विभाग के उपलब्ध 21 अगस्त के आधिकारिक बुलेटिन में ऐसा कोई देशव्यापी 80-85 किमी प्रति घंटे का पूर्वानुमान नहीं दिया गया है। विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश, गरज-चमक, बिजली और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इसलिए स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
मौसम विभाग के अनुसार, 21 अगस्त को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12-20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई इलाकों में भारी बारिश हुई।
22 अगस्त को किन इलाकों में ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक 22 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में भी 21 से 23 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है।
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त और पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है। खास तौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त के बीच बारिश जारी रहने का अनुमान है।
पूर्वी भारत में बिहार के लिए 22 से 25 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 23 अगस्त को और ओडिशा में 22-23 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ओडिशा में 24 से 27 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में 22 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक सुबह से दोपहर के बीच कई जगह हल्की बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी संभव है। रात के समय भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में 22 अगस्त को अधिकतम तापमान लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। विभाग के अनुसार इस दिन हवा की रफ्तार बहुत ज्यादा नहीं रहने की संभावना है।
इसलिए दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से बचने और मौसम की ताजा जानकारी देखते रहने की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश में फिर सक्रिय होगा बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां 22 अगस्त से और बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त तक बारिश की संभावना जताई है। 21 अगस्त को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई थी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश हुई।
21 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मड़ावरा, ललितपुर में 12 सेंटीमीटर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा के बदुसा क्षेत्र में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि प्रदेश के कई हिस्सों में जमीन पहले से ही काफी गीली है।
ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है।
बिहार में 22 अगस्त से बढ़ेगी बारिश
बिहार में भी 22 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य में 22 से 25 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने, ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
किसानों को विशेष रूप से धान, मक्का और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का असर
झारखंड और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। झारखंड में 22 अगस्त से व्यापक बारिश की संभावना है और 23 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा में 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इसके बाद 24 से 27 अगस्त के दौरान राज्य में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ऐसे में पहाड़ी, नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी होगा।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा
मध्य प्रदेश इस समय सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है। मौसम विभाग ने 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 21 से 25 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में नागोद क्षेत्र में 16 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश हुई।
भारी बारिश की वजह से स्थानीय स्तर पर सड़कें प्रभावित होने, निचले इलाकों में पानी भरने और खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी राज्यों में सावधानी जरूरी
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर में 21 से 23 अगस्त तक व्यापक बारिश और 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में 21-22 अगस्त को व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, पत्थर गिरने, सड़क बाधित होने और अचानक नालों में पानी बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय में 21 से 27 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 21 से 24 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम भी बताया गया है।
असम और मेघालय के कुछ जिलों तथा मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड के कई इलाकों में बारिश के कारण स्थानीय जलभराव और अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
तेज हवा और बिजली गिरने से कितना खतरा?
बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरना भी चिंता का कारण हो सकता है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के झोंकों की संभावना है, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाओं का अनुमान है।
ऐसे मौसम में पेड़ों के नीचे खड़े होना खतरनाक हो सकता है। बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए। बिजली की आशंका होने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने और पानी के स्रोतों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी
मानसून की भारी बारिश किसानों के लिए राहत के साथ चुनौती भी लेकर आती है। खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में खेतों की जल निकासी व्यवस्था साफ रखने और अतिरिक्त पानी को जल्द बाहर निकालने की सलाह दी गई है।
लंबी फसलों और सब्जियों को तेज हवा से गिरने से बचाने के लिए उचित सहारा देने की भी सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए भी अलर्ट
समुद्री इलाकों में रहने वाले मछुआरों के लिए भी अलग-अलग क्षेत्रों में चेतावनी जारी की गई है। 22 अगस्त से उत्तर आंध्र प्रदेश के तट और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां बन सकती हैं। अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी अलग-अलग तारीखों पर समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी है।
इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय समुद्री मौसम चेतावनी जरूर देखनी चाहिए।
मौसम विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी?
मौसम विभाग ने भारी बारिश और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। कमजोर मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों में वाहन लेकर जाने से भी बचना जरूरी है।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, जलाशय और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
22 अगस्त के बाद भी जारी रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के 21 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में 22 अगस्त के बाद भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
इसलिए इसे केवल एक दिन का मौसम बदलाव मानना सही नहीं होगा। कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक स्थानीय स्तर पर भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर 22 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। यूपी, बिहार, दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, 80-85 किमी प्रति घंटे की देशव्यापी आंधी वाले दावे की पुष्टि उपलब्ध मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन से नहीं होती। इसलिए मौसम को लेकर अफवाहों के बजाय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करना बेहतर होगा।

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