DM साहब, वसूली की लिस्ट लगवा दीजिए..." समाधान दिवस में वकीलों का अनोखा विरोध, SDM और तहसील प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील से एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी (DM) को एक ज्ञापन सौंपते हुए तहसील प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान लगाए गए एक नारे—"DM साहब, वसूली की लिस्ट लगवा दीजिए, जिससे सामंजस्य बना रहे"—ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया।
हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई थी।
समाधान दिवस में सौंपा गया ज्ञापन
जानकारी के अनुसार, समाधान दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे और एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसील से जुड़े कुछ कार्यों में कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निजी व्यक्तियों के माध्यम से धन वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल किसी स्वतंत्र जांच से नहीं हुई है।
SDM और तहसीलदार से जुड़े आरोप
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार से जुड़े कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से वसूली की जा रही है।
DM साहब वसूली की लिस्ट लगवा दीजिये....जिससे सामंजस्य बना रहे
— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) July 8, 2026
समाधान दिवस में वकीलों ने डीएम साहब को ज्ञापन सौंप खोली भ्रष्टाचार की पोल। SDM और तहसीलदार के प्राइवेट लोगों पर लगाया वसूली का आरोप।
पीलीभीत के बीसलपुर तहसील का मामला.. pic.twitter.com/2vloYNMKR9
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये आरोप ज्ञापन में लगाए गए हैं और अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापित नहीं किए गए हैं।
यदि इन आरोपों की जांच होती है, तो उसके निष्कर्ष के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नारे ने खींचा ध्यान
समाधान दिवस के दौरान लगाए गए कथित नारे—
"DM साहब, वसूली की लिस्ट लगवा दीजिए, जिससे सामंजस्य बना रहे"
—को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई।
कई लोगों ने इसे व्यवस्था पर व्यंग्य बताया, जबकि अन्य लोगों ने कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
उनका कहना है कि तहसील स्तर पर कार्यों में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए और शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण होना चाहिए।
प्रशासनिक पक्ष का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक जिलाधिकारी कार्यालय या संबंधित तहसील प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं था।
यदि प्रशासन की ओर से कोई बयान या जांच रिपोर्ट जारी की जाती है, तो उससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बिना जांच निष्कर्ष निकालना उचित नहीं
प्रशासनिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत की जांच साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाती है।
केवल आरोप लगने मात्र से किसी व्यक्ति या अधिकारी को दोषी नहीं माना जा सकता। निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
पीलीभीत के बीसलपुर तहसील में समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन ने स्थानीय स्तर पर नई चर्चा शुरू कर दी है। ज्ञापन में तहसील प्रशासन से जुड़े कुछ लोगों पर कथित अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं और जांच की मांग की गई है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए मामले की वास्तविक तस्वीर प्रशासनिक जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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