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'7 दिन बाद आना...' बैंक मैनेजर के रवैये का VIDEO वायरल, ग्राहकों का फूटा गुस्सा

 


उत्तर प्रदेश से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक ग्रामीण बैंक शाखा में ग्राहकों को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि बैंक की बिजली से कथित तौर पर निजी वाहन चार्ज किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है और मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

क्या है वायरल वीडियो में दावा?

वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे के अनुसार, यह मामला उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की एक शाखा का बताया जा रहा है। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि बैंक में बड़ी संख्या में ग्राहक अपने काम के लिए लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें समय पर सेवाएं नहीं मिल रही हैं।

दावा यह भी किया जा रहा है कि शाखा प्रबंधक (मैनेजर) ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करतीं और सामान्य बैंकिंग कार्यों के लिए भी 7 से 8 दिन बाद आने की बात कहती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

बैंक की बिजली से निजी वाहन चार्ज करने का आरोप

वीडियो में सबसे अधिक चर्चा उस दावे की हो रही है, जिसमें कहा गया है कि बैंक परिसर की बिजली का इस्तेमाल कथित तौर पर निजी वाहन को चार्ज करने के लिए किया जा रहा था।

यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में बैंक प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।

कर्मचारियों पर भी लगे आरोप

वायरल वीडियो में यह आरोप भी लगाया गया है कि बैंक के कामकाजी समय के दौरान सभी कर्मचारी एक साथ लंबे लंच ब्रेक पर चले जाते हैं, जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होती हैं और ग्राहकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।

ग्राहकों का कहना है कि इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले लोगों को विशेष रूप से परेशानी होती है।

पुलिस में पकड़वाने की धमकी देने का भी दावा

वीडियो साझा करने वालों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने वाले ग्राहकों को पुलिस कार्रवाई की धमकी दी जाती है।

हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई यूजर्स का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि कुछ लोगों ने बिना आधिकारिक जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दी है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किस शाखा का है। वीडियो में किए गए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

यदि बैंक प्रबंधन, संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से जुड़ा बताया जा रहा यह वायरल वीडियो कई गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। ग्राहकों से कथित दुर्व्यवहार, बैंक की बिजली के निजी उपयोग और सेवाओं में लापरवाही जैसे दावों ने लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना उचित होगा। यदि संबंधित विभाग जांच करता है, तो उसके आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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