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साइलेंट हार्ट अटैक! बिना दर्द के भी हो सकती है जानलेवा घटना



दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में एक ही तस्वीर आती है—सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अचानक जमीन पर गिर जाना। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार हर हार्ट अटैक ऐसा नहीं होता। कई बार हार्ट अटैक बिना किसी तेज दर्द के भी हो सकता है। इसे ही साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यही है कि मरीज अक्सर इसे सामान्य थकान, गैस, बदहजमी या मांसपेशियों के दर्द समझकर नजरअंदाज कर देता है।

यही वजह है कि साइलेंट हार्ट अटैक कई मामलों में तब सामने आता है, जब दिल को पहले ही नुकसान पहुंच चुका होता है।

क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक?

साइलेंट हार्ट अटैक भी सामान्य हार्ट अटैक की तरह ही होता है। इसमें हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। अंतर केवल इतना है कि इसके लक्षण बहुत हल्के, असामान्य या लगभग महसूस न होने वाले हो सकते हैं।

कुछ लोगों को इसका पता केवल बाद में ईसीजी (ECG), इकोकार्डियोग्राफी या अन्य जांचों के दौरान चलता है, जब डॉक्टर दिल में पहले से हुए नुकसान के संकेत देखते हैं।

क्यों होता है बिना दर्द के?

हर व्यक्ति के शरीर की प्रतिक्रिया अलग होती है। कुछ लोगों में दर्द महसूस करने की क्षमता कम हो सकती है। विशेष रूप से डायबिटीज के मरीजों में नसों को नुकसान होने के कारण हार्ट अटैक का दर्द सामान्य से कम महसूस हो सकता है।

इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ भी लक्षण अलग तरीके से सामने आ सकते हैं।

किन लोगों में ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोगों में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा अधिक हो सकता है।

  • डायबिटीज के मरीज।

  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीज।

  • धूम्रपान करने वाले।

  • मोटापे से ग्रस्त लोग।

  • शारीरिक गतिविधि कम करने वाले।

  • अधिक तनाव में रहने वाले।

  • जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो।

  • बढ़ती उम्र के पुरुष और महिलाएं।

ये हल्के संकेत हो सकते हैं खतरे की घंटी

साइलेंट हार्ट अटैक में कई बार तेज सीने का दर्द नहीं होता, लेकिन शरीर कुछ संकेत जरूर दे सकता है।

  • अचानक असामान्य थकान।

  • हल्की सांस फूलना।

  • सीने में दबाव या भारीपन।

  • गर्दन, जबड़े, कंधे या पीठ में असहजता।

  • बिना कारण अत्यधिक पसीना आना।

  • मतली या उल्टी जैसा महसूस होना।

  • चक्कर आना।

  • सामान्य काम करते समय कमजोरी महसूस होना।

  • बदहजमी या गैस जैसा एहसास।

ये लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए लगातार बने रहने पर इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।

महिलाएं और बुजुर्ग क्यों रहें ज्यादा सतर्क?

विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार पुरुषों से अलग हो सकते हैं। कई महिलाओं को तेज सीने के दर्द के बजाय थकान, सांस फूलना, मतली, पीठ दर्द या जबड़े में दर्द महसूस हो सकता है।

इसी तरह बुजुर्गों में भी लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे समय पर पहचान करना कठिन हो सकता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक?

डायबिटीज लंबे समय तक रहने पर नसों को प्रभावित कर सकती है। ऐसी स्थिति में दर्द महसूस करने की क्षमता कम हो सकती है। इसी कारण कई मरीज हार्ट अटैक होने के बावजूद सामान्य दर्द महसूस नहीं करते और इलाज में देरी हो जाती है।

किन जांचों से चल सकता है पता?

यदि डॉक्टर को हार्ट संबंधी समस्या का संदेह हो, तो मरीज की स्थिति के अनुसार विभिन्न जांचें कराई जा सकती हैं।

  • ईसीजी (ECG)

  • इकोकार्डियोग्राफी

  • ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट

  • ट्रेडमिल टेस्ट (TMT)

  • सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी

  • कोरोनरी एंजियोग्राफी

समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उपचार की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

अगर ऐसे लक्षण दिखें तो क्या करें?

यदि अचानक सांस लेने में परेशानी, सीने में दबाव, अत्यधिक कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण महसूस हों, तो उन्हें केवल गैस या थकान मानकर नजरअंदाज न करें।

ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेना सबसे सुरक्षित कदम है। यदि लक्षण गंभीर हों या लगातार बने रहें, तो आपातकालीन चिकित्सा सेवा से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

बचाव कैसे करें?

हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

  • नियमित व्यायाम करें।

  • संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।

  • धूम्रपान और तंबाकू से दूरी रखें।

  • शराब का सेवन सीमित रखें या न करें।

  • वजन नियंत्रित रखें।

  • ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।

  • पर्याप्त नींद लें।

  • तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य स्वस्थ उपाय अपनाएं।

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का नियमित सेवन करें।

क्या हर सीने का दर्द हार्ट अटैक होता है?

नहीं। सीने में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे गैस, मांसपेशियों का दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं। वहीं दूसरी ओर, कुछ हार्ट अटैक में सीने का तेज दर्द बिल्कुल भी नहीं होता। इसलिए केवल दर्द की मौजूदगी या अनुपस्थिति के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। यदि कोई संदिग्ध लक्षण हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

साइलेंट हार्ट अटैक एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें हृदय को नुकसान तो पहुंचता है लेकिन उसके स्पष्ट संकेत हमेशा दिखाई नहीं देते। यही कारण है कि इसे समय रहते पहचानना कठिन हो सकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, जोखिम कारकों पर नियंत्रण और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना हृदय को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। समय पर चिकित्सा सलाह लेने से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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