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17 साल के बेटे की मां ने 21 साल के युवक का थामा हाथ... स्टेशन पर पति रह गया देखता, तहसील में हुआ ऐसा काम कि मच गई सनसनी!



उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र से सामने आया एक मामला इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां तीन बच्चों की 48 वर्षीय महिला ने अपने से 27 वर्ष छोटे 21 वर्षीय युवक के साथ विवाह पंजीकरण कराकर सभी को हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले ट्रेन के सफर के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। आखिरकार दोनों ने समाज की परवाह किए बिना साथ रहने का फैसला कर लिया और मंगलवार को सकलडीहा तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में विवाह पंजीकरण करा लिया।

इस घटना की जानकारी मिलते ही तहसील परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। उम्र के बड़े अंतर वाले इस रिश्ते को लेकर पूरे दिन तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कोई इसे सच्चे प्रेम की मिसाल बता रहा था तो कोई सामाजिक मूल्यों पर सवाल उठा रहा था।

ट्रेन के सफर में हुई थी पहली मुलाकात

जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जिले के भदौरा क्षेत्र के सेवराई गांव निवासी 21 वर्षीय अजय गुप्ता ट्रेनों में मूंगफली बेचने का काम करता है। करीब एक वर्ष पहले उसकी मुलाकात ट्रेन में सफर कर रही सरिता राजभर से हुई थी।

शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहने लगे। धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ता गया और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। समय बीतने के साथ यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।

बताया जा रहा है कि दोनों पिछले कई महीनों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और साथ जीवन बिताने का फैसला कर चुके थे। इसी निर्णय के तहत मंगलवार को दोनों सकलडीहा तहसील पहुंचे और विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की।

तीन बच्चों की मां है महिला

मामले में सबसे ज्यादा चर्चा महिला की उम्र और उसके पारिवारिक जीवन को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, महिला 48 वर्ष की है और तीन बच्चों की मां है। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा करीब 17 वर्ष का बताया जा रहा है।

महिला पहले से विवाहित है और लंबे समय से अपने पति के साथ रह रही थी। हालांकि अब उसने पति से अलग होकर नया जीवन शुरू करने का फैसला किया है।

पति ने सुनाई अपनी आपबीती

डैना गांव निवासी जीवनाथ राजभर ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2001 में महेसुआ (नई बाजार) निवासी सरिता राजभर से हुआ था। दोनों का परिवार सामान्य तरीके से चल रहा था और उनके तीन बच्चे हैं।

जीवनाथ के अनुसार, वह दिल्ली में वेल्डिंग का काम करते हैं। अप्रैल महीने में वह घर खर्च के लिए पैसे देकर वापस दिल्ली चले गए थे। उनके जाने के चार दिन बाद उनकी पत्नी अचानक घर छोड़कर चली गई।

उन्होंने बताया कि पत्नी की काफी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद सकलडीहा कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

जीवनाथ का कहना है कि मंगलवार को उन्हें सूचना मिली कि उनकी पत्नी एक युवक के साथ सकलडीहा रेलवे स्टेशन आने वाली है। सूचना मिलते ही वह स्टेशन पहुंचे और पत्नी को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने घर लौटने से साफ इनकार कर दिया।

स्टेशन से सीधे पहुंचे तहसील

पति के समझाने के बावजूद महिला अपने फैसले पर अडिग रही। इसके बाद वह युवक के साथ सकलडीहा तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय पहुंची, जहां दोनों ने विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली।

तहसील परिसर में जैसे ही लोगों को इस विवाह पंजीकरण की जानकारी मिली, वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। उम्र के बड़े अंतर को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देते दिखाई दिए।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप

दूसरी ओर, महिला सरिता राजभर ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पति अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे और परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता भी नहीं देते थे।

महिला का कहना है कि वह लंबे समय से घरेलू परेशानियों का सामना कर रही थी। इसी कारण उसने पति से अलग रहने का निर्णय लिया। उसके अनुसार, उसने किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी इच्छा से युवक के साथ नया जीवन शुरू करने का फैसला किया है।

महिला का कहना है कि वह अब अपने नए जीवनसाथी के साथ सम्मानपूर्वक जीवन बिताना चाहती है।

युवक करता है ट्रेनों में मूंगफली बेचने का काम

21 वर्षीय अजय गुप्ता ट्रेनों में मूंगफली बेचकर अपना जीवनयापन करता है। बताया जा रहा है कि ट्रेन में रोजाना यात्रियों के बीच सामान बेचने के दौरान उसकी मुलाकात सरिता से हुई थी।

दोनों के बीच बातचीत बढ़ने के बाद मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और फिर दोनों लगातार संपर्क में रहे। समय के साथ उनका रिश्ता इतना मजबूत हो गया कि उन्होंने विवाह करने का फैसला कर लिया।

इलाके में दिनभर होती रही चर्चा

इस विवाह पंजीकरण के बाद पूरे सकलडीहा क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। तहसील परिसर में मौजूद लोग इस अनोखे रिश्ते को लेकर अपनी-अपनी राय देते नजर आए।

कई लोगों ने कहा कि प्रेम में उम्र मायने नहीं रखती, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दोनों पक्ष बालिग हैं और किसी प्रकार का दबाव, धोखाधड़ी या कानूनी बाधा नहीं है, तो भारतीय कानून वयस्कों को अपनी इच्छा से विवाह करने का अधिकार देता है। हालांकि, यदि पहले से वैध विवाह मौजूद हो और उसका विधिक रूप से अंत (जैसे तलाक) नहीं हुआ है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित वैवाहिक कानूनों के तहत कानूनी प्रश्न उत्पन्न हो सकते हैं। इस मामले में उपलब्ध जानकारी के आधार पर वैवाहिक स्थिति और कानूनी प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से किसी नए विवाद या आपराधिक घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पति द्वारा पहले गुमशुदगी दर्ज कराने की बात सामने आई है, जबकि महिला का कहना है कि वह अपनी इच्छा से युवक के साथ गई थी। आगे की किसी भी कानूनी कार्रवाई या जांच का निर्णय संबंधित तथ्यों और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर होगा।

सकलडीहा का यह मामला प्रेम, पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मान्यताओं के बीच खड़े कई सवालों को सामने लाता है। एक ओर पति अपनी पत्नी के घर छोड़ने और परिवार टूटने का दर्द बयां कर रहा है, तो दूसरी ओर महिला अपने वैवाहिक जीवन में प्रताड़ना और आर्थिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नए जीवन की शुरुआत का दावा कर रही है। वहीं 21 वर्षीय युवक के साथ उसका विवाह पंजीकरण पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस मामले के कई पहलुओं पर अभी आधिकारिक स्पष्टता आना बाकी है, लेकिन फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में लोगों के बीच बहस और जिज्ञासा का विषय बनी हुई है।

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