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धनबाद में ED का सबसे बड़ा धावा! 25 से ज्यादा ठिकानों पर छापे, ₹1.5 करोड़ कैश और ₹150 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा



धनबाद: झारखंड के धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को भारी मात्रा में नकदी, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण और कई अहम डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब ₹1.5 करोड़ नकद और ₹150 करोड़ से अधिक की संपत्ति व बैंक बैलेंस का पता चला है। इसे झारखंड में अब तक की सबसे बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।

इस कार्रवाई के बाद पूरे राज्य में अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।

एक साथ कई ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बुधवार सुबह तड़के धनबाद और आसपास के इलाकों में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई ताकि किसी भी आरोपी को पहले से भनक न लग सके।

छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी तैनात रहे। कई स्थानों पर अधिकारियों ने घंटों तक दस्तावेजों की जांच की और कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में लिए।

अवैध कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन, परिवहन और बिक्री से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट की जांच का हिस्सा है। एजेंसी को आशंका है कि अवैध तरीके से अर्जित धन को विभिन्न कंपनियों, फर्जी खातों और निवेश के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई।

जांच में यह भी सामने आया है कि कई संदिग्ध बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। एजेंसी अब इन खातों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धन आखिर किन-किन माध्यमों से इधर-उधर भेजा गया।

₹1.5 करोड़ नकद मिलने से बढ़ी जांच की रफ्तार

छापेमारी के दौरान विभिन्न ठिकानों से लगभग ₹1.5 करोड़ नकद बरामद होने की सूचना है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम अवैध कारोबार से जुड़ी हो सकती है।

नकदी के अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें संपत्तियों की खरीद-फरोख्त, कंपनियों में निवेश और बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।

₹150 करोड़ से अधिक की संपत्तियों का पता

जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक की कार्रवाई में ₹150 करोड़ से अधिक की संपत्ति और बैंक बैलेंस का पता चला है। इनमें अचल संपत्तियां, व्यावसायिक निवेश, बैंक जमा और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं।

हालांकि एजेंसी अभी यह जांच कर रही है कि इन संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और इन्हें किन स्रोतों से खरीदा गया।

कई लोगों से घंटों पूछताछ

छापेमारी के दौरान कई कारोबारियों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों से लंबी पूछताछ भी की गई। अधिकारियों ने उनसे दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के संबंध में जानकारी जुटाई।

सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों के बयान रिकॉर्ड किए गए हैं और आने वाले दिनों में उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे समन जारी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

डिजिटल साक्ष्य भी जांच के दायरे में

ED ने केवल नकदी और दस्तावेज ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए हैं। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य स्टोरेज डिवाइस शामिल हैं।

विशेषज्ञ इन उपकरणों से ई-मेल, बैंकिंग रिकॉर्ड, चैट, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण करेंगे। एजेंसी को उम्मीद है कि इससे पूरे नेटवर्क के संचालन का तरीका सामने आ सकता है।

झारखंड में अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई

झारखंड लंबे समय से अवैध कोयला खनन और उसके कारोबार को लेकर चर्चा में रहा है। समय-समय पर विभिन्न जांच एजेंसियां इस तरह के मामलों में कार्रवाई करती रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान होता है। इसके अलावा इससे संगठित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है। इसी वजह से ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

आगे और बड़े खुलासों की संभावना

जांच एजेंसी का मानना है कि अभी यह कार्रवाई शुरुआती चरण में है। जब्त दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच पूरी होने के बाद कई नए नाम सामने आ सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं के और सबूत मिलते हैं तो संबंधित लोगों की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की जा सकती हैं और आगे कानूनी कार्रवाई भी तेज हो सकती है।

पूरे राज्य में मचा हड़कंप

धनबाद में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे झारखंड के कारोबारी और खनन क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के बीच इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है। कई लोग अपने वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि जांच एजेंसी ने अभी तक किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।

धनबाद में अवैध कोयला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ED की यह कार्रवाई झारखंड की सबसे बड़ी प्रवर्तन कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। 25 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी, करीब ₹1.5 करोड़ नकद की बरामदगी और ₹150 करोड़ से अधिक की संपत्तियों एवं बैंक बैलेंस का पता चलना इस बात का संकेत है कि जांच का दायरा काफी बड़ा है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद कौन-कौन से नए खुलासे सामने आते हैं और एजेंसी आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आधिकारिक रूप से आगे की जानकारी आने का इंतजार किया जा रहा है।

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