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बारिश के बीच फैली खतरनाक बीमारी! सिर्फ 5 दिनों में 156 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी


 

अहमदाबाद: गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में मानसून के साथ जलजनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहर में जुलाई 2026 के पहले पांच दिनों के दौरान डायरिया के 96 और टाइफाइड के 60 मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है और नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण डायरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों के मामले बढ़ना सामान्य बात है। ऐसे समय में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है।

पांच दिनों में 156 मामले

स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के पहले पांच दिनों में शहर में कुल 156 जलजनित बीमारी के मामले सामने आए हैं।

इनमें—

  • 96 मामले डायरिया

  • 60 मामले टाइफाइड

के दर्ज किए गए हैं। यह स्थिति बताती है कि मानसून के दौरान संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और नागरिकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है।

क्यों बढ़ती हैं ये बीमारियां?

डायरिया और टाइफाइड दोनों ही बीमारियां मुख्य रूप से दूषित भोजन और दूषित पानी के सेवन से फैलती हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि बारिश के दौरान—

  • पेयजल पाइपलाइन में गंदा पानी मिल जाना,

  • जलभराव,

  • खुले में रखा भोजन,

  • सड़क किनारे अस्वच्छ खानपान,

  • हाथों की सफाई में लापरवाही

जैसे कारण संक्रमण फैलाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

इसी कारण हर वर्ष मानसून के दौरान ऐसे मामलों में वृद्धि देखने को मिलती है।

अहमदाबाद में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब अहमदाबाद में जलजनित बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई हो।

जून 2026 के दौरान भी शहर में डायरिया, टाइफाइड और पीलिया के सैकड़ों मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद नगर निगम ने जल गुणवत्ता की जांच बढ़ाई, हजारों पानी के नमूनों का परीक्षण कराया और कई स्थानों पर विशेष निगरानी शुरू की थी।

स्वास्थ्य विभाग लगातार उन इलाकों पर विशेष नजर रख रहा है जहां दूषित पानी की शिकायतें अधिक मिलती रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतें।

विशेष रूप से—

  • केवल उबला हुआ या शुद्ध पानी पिएं।

  • खुले में बिकने वाले कटे फल और अस्वच्छ भोजन से बचें।

  • भोजन बनाने और खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें।

  • बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन सामान्य सावधानियों से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डायरिया क्या है?

डायरिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को बार-बार पतला दस्त होता है।

यदि समय पर उपचार न मिले तो शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है।

बच्चों और बुजुर्गों में यह स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।

प्रमुख लक्षण

  • बार-बार दस्त

  • पेट दर्द

  • उल्टी

  • कमजोरी

  • बुखार

  • शरीर में पानी की कमी

टाइफाइड कितना खतरनाक?

टाइफाइड Salmonella Typhi नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है।

यह मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है।

यदि समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

सामान्य लक्षण

  • लगातार तेज बुखार

  • सिरदर्द

  • कमजोरी

  • भूख कम लगना

  • पेट दर्द

  • उल्टी या कब्ज

ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

नगर निगम भी कर रहा निगरानी

रिपोर्टों के अनुसार, अहमदाबाद नगर निगम जल गुणवत्ता की निगरानी बढ़ा रहा है।

पानी के नमूनों की जांच, क्लोरीनेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की तैनाती जैसे कदम उठाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

मानसून में कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

विशेषज्ञ निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं—

  • पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर करके पिएं।

  • बाहर का खुला खाना खाने से बचें।

  • ताजा और गर्म भोजन का सेवन करें।

  • घर में साफ-सफाई बनाए रखें।

  • बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें।

  • दस्त या बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टरों की सलाह

चिकित्सकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, तेज बुखार या उल्टी की शिकायत हो तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं, जबकि देर होने पर डिहाइड्रेशन और अन्य जटिलताएं बढ़ सकती हैं।

अहमदाबाद में जुलाई के पहले पांच दिनों में डायरिया और टाइफाइड के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर मानसून के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से स्वच्छ पानी पीने, सुरक्षित भोजन करने और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इन जलजनित बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।

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