आयुष्मान भारत योजना में बड़ा बदलाव हो सकता है! ₹5 लाख की जगह ₹10 लाख तक हेल्थ कवर बढ़ाने की सिफारिश, करोड़ों परिवारों को मिल सकती है राहत
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने सरकार से योजना के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य बीमा कवर को मौजूदा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष करने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत को देखते हुए वर्तमान सीमा कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल यह केवल संसदीय समिति की सिफारिश है। इसे सरकार ने अभी लागू नहीं किया है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा।
क्यों उठी बीमा राशि बढ़ाने की मांग?
पिछले कुछ वर्षों में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत तेजी से बढ़ी है।
विशेष रूप से—
लिवर ट्रांसप्लांट,
हार्ट सर्जरी,
कैंसर का इम्यूनोथेरेपी उपचार,
जटिल न्यूरोलॉजिकल सर्जरी,
अन्य उच्च स्तरीय चिकित्सा प्रक्रियाएं
कई मामलों में लाखों रुपये का खर्च मांगती हैं।
संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसे उपचारों की लागत अक्सर ₹5 लाख की वर्तमान सीमा से काफी अधिक होती है, जिसके कारण लाभार्थियों को अतिरिक्त खर्च स्वयं उठाना पड़ता है।
क्या है आयुष्मान भारत योजना?
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है।
इसके तहत पात्र परिवारों को वर्तमान में—
प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज,
सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपचार,
गंभीर बीमारियों के लिए आर्थिक सहायता
की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
यह योजना देश के अधिकांश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है।
समिति ने क्या-क्या सुझाव दिए?
रिपोर्ट में केवल बीमा राशि बढ़ाने की ही सिफारिश नहीं की गई, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं।
इनमें प्रमुख हैं—
स्वास्थ्य बीमा सीमा ₹10 लाख तक बढ़ाई जाए।
महंगे इलाज के लिए अलग विशेष पैकेज बनाए जाएं।
कैशलेस उपचार की मंजूरी (Pre-authorization) समयबद्ध तरीके से मिले।
अनावश्यक देरी करने वाले अस्पतालों या एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए।
अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं।
आधुनिक तकनीक और AI आधारित सिस्टम के जरिए अनुमोदन प्रक्रिया तेज की जाए।
किन बीमारियों में मिलेगा सबसे अधिक लाभ?
यदि भविष्य में सरकार इस सिफारिश को स्वीकार करती है, तो सबसे अधिक राहत उन मरीजों को मिल सकती है जिन्हें महंगे उपचार की आवश्यकता होती है।
विशेष रूप से—
कैंसर,
हृदय रोग,
अंग प्रत्यारोपण,
गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियां,
जटिल सर्जरी
जैसे मामलों में आर्थिक बोझ कम हो सकता है।
क्यों पर्याप्त नहीं माना जा रहा ₹5 लाख का कवर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण इलाज की गुणवत्ता बढ़ी है, लेकिन उसकी लागत भी काफी बढ़ चुकी है।
उदाहरण के तौर पर—
कई प्रकार के ट्रांसप्लांट पर 15 से 30 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है।
कुछ कैंसर उपचारों की लागत भी कई लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
गंभीर हृदय सर्जरी का खर्च भी कई बार वर्तमान सीमा से अधिक हो जाता है।
ऐसे में ₹5 लाख का कवर कई परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।
सरकार के सामने क्या चुनौती?
यदि भविष्य में कवर राशि बढ़ाई जाती है, तो सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की होगी।
बीमा सीमा बढ़ने से—
सरकारी व्यय बढ़ सकता है।
अस्पतालों के साथ नई भुगतान व्यवस्था बनानी पड़ सकती है।
पैकेज दरों की समीक्षा करनी पड़ सकती है।
इसलिए अंतिम निर्णय लेते समय वित्तीय प्रभाव का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
वर्तमान में कितने लोग उठा रहे हैं लाभ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत करोड़ों आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लाखों परिवार कैशलेस उपचार का लाभ उठा चुके हैं। योजना देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक मानी जाती है।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गंभीर बीमारियों के इलाज की वास्तविक लागत को देखते हुए बीमा सीमा बढ़ाई जाती है, तो इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि वे यह भी कहते हैं कि केवल बीमा राशि बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा।
साथ ही—
अस्पतालों की संख्या बढ़ानी होगी।
उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।
धोखाधड़ी रोकने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था बनानी होगी।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल—
₹10 लाख का कवर लागू नहीं हुआ है।
केवल संसदीय समिति ने इसकी सिफारिश की है।
सरकार इस पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लेगी।
आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की सिफारिश देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव मानी जा रही है। यदि भविष्य में इसे मंजूरी मिलती है, तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे करोड़ों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है। फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाना बाकी है।

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