पत्नी के सामने सास ने दामाद के साथ पार की सारी हदें! पहले उतरवाए कपड़े, फिर करवाया ऐसा घिनौना काम, गोमांस खिलाने का भी आरोप
असम के गुवाहाटी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतरधार्मिक विवाह, धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत सहमति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और सास पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और उसकी इच्छा के विरुद्ध खतना कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसे एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर उसके साथ यह घटना की गई। इतना ही नहीं, उसने जबरदस्ती गोमांस खिलाने का भी आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सास को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पत्नी से जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है। आखिर इस पूरे मामले की शुरुआत कैसे हुई और गुवाहाटी के टीवी टावर इलाके में उस दिन क्या हुआ था? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
राजस्थान के युवक ने पत्नी और सास के खिलाफ दर्ज कराई FIR
मामला असम के गुवाहाटी का है। यहां राजस्थान निवासी अखिल कुमार चांडक ने अपनी 24 वर्षीय पत्नी नुरशिका बेगम और 36 वर्षीय सास नूर खातून के खिलाफ भांगागढ़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी पत्नी और सास उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव बना रही थीं। उसने दावा किया कि जब उसने धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया तो उसके साथ जबरदस्ती की गई।
अखिल कुमार चांडक के मुताबिक, वह हिंदू धर्म से संबंध रखता है और अपनी इच्छा के विरुद्ध किसी दूसरे धर्म को अपनाना नहीं चाहता था। इसके बावजूद उस पर नाम बदलने और औपचारिक रूप से धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था।
इस मामले में पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर सास नूर खातून को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, अखिल की पत्नी नुरशिका बेगम फिलहाल बेंगलुरु में है। उसे जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है। आरोपी पक्ष का बयान और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
2019 में दिल्ली में हुई थी दोनों की मुलाकात
अखिल कुमार चांडक ने एक मीडिया बातचीत में अपनी शादी और रिश्ते की शुरुआत के बारे में विस्तार से बताया। उनके अनुसार, वर्ष 2019 में उनकी मुलाकात दिल्ली में नुरशिका बेगम से हुई थी।
दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसके बाद उन्होंने शादी करने का फैसला किया। अखिल के मुताबिक, दोनों ने असम में कोर्ट मैरिज की थी और लगभग तीन साल तक साथ रहे।
उनका दावा है कि रिश्ते की शुरुआत में धर्म को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं था। दोनों सामान्य रूप से अपनी जिंदगी बिता रहे थे। उस समय उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उनके वैवाहिक रिश्ते में धर्म परिवर्तन को लेकर कभी कोई गंभीर विवाद खड़ा होगा।
अखिल का कहना है कि शुरुआत में पत्नी के परिवार के सदस्यों का व्यवहार भी उनके प्रति सामान्य था। वह पत्नी के घर पर लगभग दस दिनों तक रहे थे और उस दौरान परिवार के लोगों ने उनके साथ अच्छा व्यवहार किया था।
उनके अनुसार, उस समय किसी ने उनसे धर्म बदलने की बात नहीं कही थी। लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने लगीं।
फेसबुक पर सिंदूर वाली तस्वीर बनी विवाद की वजह?
अखिल कुमार चांडक ने दावा किया कि उनके वैवाहिक रिश्ते में तनाव उस समय बढ़ना शुरू हुआ, जब पत्नी के परिवार और गांव के लोगों को पता चला कि वह हिंदू हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी नुरशिका बेगम ने सिंदूर लगाया हुआ था। ऐसी ही एक तस्वीर उन्होंने फेसबुक पर अपलोड की थी। आरोप है कि इस तस्वीर के सामने आने के बाद गांव के लोगों को उनकी अंतरधार्मिक शादी के बारे में जानकारी हुई।
अखिल का दावा है कि इसके बाद पत्नी के परिवार और आसपास के लोगों की तरफ से उन पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाने लगा।
उनके मुताबिक, शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन गांव के लोगों को उनकी शादी और धार्मिक पहचान के बारे में पता चलने के बाद परिवार का रवैया बदल गया।
अखिल ने यह भी दावा किया कि उनसे कई बार नाम बदलने और धर्म परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई। हालांकि, वह अपनी धार्मिक पहचान और कानूनी दस्तावेजों में बदलाव करने के लिए तैयार नहीं थे।
छह महीने पहले पत्नी चली गई थी अपने गांव
अखिल ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके और पत्नी के बीच कुछ समय पहले विवाद शुरू हो गया था। दोनों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि लगभग छह महीने पहले उनकी पत्नी अपने गांव चली गई थीं।
इसके बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे। अखिल के मुताबिक, इस दौरान उनके वैवाहिक रिश्ते को लेकर बातचीत और विवाद जारी रहा।
इसी बीच उनकी सास नूर खातून ने कथित तौर पर उनसे संपर्क किया। अखिल का कहना है कि सास ने उन्हें गुवाहाटी आने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि परिवार के लोग बैठकर उनके और पत्नी के बीच चल रहे मतभेदों को सुलझा देंगे।
अखिल के मुताबिक, उन्हें लगा कि शायद बातचीत के जरिए उनका वैवाहिक विवाद खत्म हो सकता है। इसी उम्मीद में वह बताए गए स्थान पर पहुंचने के लिए तैयार हो गए।
लेकिन उनका आरोप है कि इसके बाद जो कुछ हुआ, वह उनकी जिंदगी का सबसे भयावह अनुभव बन गया।
जलुकबाड़ी से टीवी टावर इलाके तक ले जाने का आरोप
अखिल कुमार चांडक ने कथित घटना का विवरण देते हुए बताया कि उन्हें गुवाहाटी के जलुकबाड़ी इलाके में पहुंचने के लिए कहा गया था।
उनका दावा है कि वहां पहुंचने के बाद दो अनजान व्यक्ति उनके पास आए। इन लोगों का परिचय उनसे रिश्तेदारों के रूप में कराया गया था।
अखिल के अनुसार, इसके बाद वे लोग उन्हें एक गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। उन्हें बताया गया था कि परिवार के सदस्य उनके वैवाहिक विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत करना चाहते हैं।
लेकिन आरोप है कि गाड़ी उन्हें टीवी टावर इलाके की तरफ ले गई। अखिल का दावा है कि वहां पहुंचने के बाद उनके साथ जबरदस्ती की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से उन्हें वहां ले जाया गया और बाद में उनके साथ कथित घटना हुई, उससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर डर महसूस हुआ।
गाड़ी के अंदर नशीला पदार्थ देकर खतना कराने का दावा
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप खतना कराने को लेकर लगाया गया है।
अखिल कुमार चांडक का दावा है कि टीवी टावर इलाके में गाड़ी के अंदर उन्हें कोई नशीला पदार्थ दिया गया था। इसके बाद वह ऐसी स्थिति में नहीं थे कि अपने साथ हो रही गतिविधियों का विरोध कर सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका खतना कर दिया गया।
उनका कहना है कि उन्होंने इसके लिए अपनी सहमति नहीं दी थी। इसके बावजूद उनके साथ यह प्रक्रिया की गई।
अखिल के मुताबिक, यह सब कथित तौर पर उन पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध मेडिकल तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
जबरदस्ती गोमांस खिलाने का भी लगाया आरोप
अखिल ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि कथित घटना के दौरान उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध गोमांस भी खिलाया गया।
उनके अनुसार, उन्होंने इसके लिए मना किया था, लेकिन इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया गया।
अखिल का आरोप है कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य उन्हें मानसिक रूप से दबाव में लाकर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करना था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे बार-बार कहा जाता था कि वह अपना नाम बदलें और औपचारिक रूप से इस्लाम धर्म स्वीकार करें।
उनके मुताबिक, धार्मिक पहचान बदलने को लेकर बातचीत धीरे-धीरे दबाव में बदलती चली गई।
शुरुआत में धर्म परिवर्तन पर विचार करने को तैयार हुए थे अखिल
अखिल कुमार चांडक ने बताया कि पत्नी और उसके परिवार की तरफ से लगातार बातचीत और दबाव के बाद एक समय ऐसा भी आया, जब उन्होंने धर्म परिवर्तन के बारे में विचार करने की सहमति दे दी थी।
हालांकि, उनका कहना है कि वह कानूनी रूप से अपना नाम बदलने या धर्म परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए तैयार नहीं थे।
उनके मुताबिक, परिवार की तरफ से नाम बदलने और औपचारिक रूप से धर्म परिवर्तन की घोषणा करने की मांग लगातार बढ़ती गई।
अखिल का दावा है कि जब उन्होंने इन मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया तो उनके साथ कथित रूप से जबरदस्ती की गई।
सास गिरफ्तार, पत्नी से पूछताछ की तैयारी
मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद गुवाहाटी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी और सास दोनों को आरोपी बनाया है।
पुलिस ने सास नूर खातून को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पत्नी नुरशिका बेगम फिलहाल बेंगलुरु में बताई जा रही है। उसे जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य मौजूद हैं।
मामले में कथित रूप से शामिल बताए जा रहे दो अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
गुवाहाटी का यह मामला कई गंभीर कानूनी और सामाजिक सवाल खड़े करता है। किसी भी व्यक्ति की धार्मिक पहचान और धर्म चुनने की स्वतंत्रता उसका व्यक्तिगत अधिकार है। इसी तरह किसी भी शारीरिक प्रक्रिया के लिए व्यक्ति की स्वतंत्र और स्पष्ट सहमति आवश्यक है।
हालांकि, इस मामले में अभी तक सामने आई जानकारी मुख्य रूप से शिकायतकर्ता के आरोपों और उसके मीडिया में दिए गए बयान पर आधारित है। इसलिए जांच पूरी होने और सभी पक्षों के बयान सामने आने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित घटना के संबंध में क्या मेडिकल साक्ष्य मिलते हैं, आरोपों की पुष्टि कैसे होती है और जांच में अन्य लोगों की क्या भूमिका सामने आती है।
राजस्थान के रहने वाले अखिल कुमार चांडक द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने उनके वैवाहिक रिश्ते को लेकर शुरू हुए विवाद को एक बड़े आपराधिक मामले में बदल दिया है। अब आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष ही इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट कर सकेंगे।

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