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वाराणसी में फंदे पर मिला 27 साल के डिलीवरी बॉय का शव, पड़ोस की महिला से रिश्ते ने उलझाई मौत की गुत्थी; अब CCTV और मोबाइल खोलेंगे बड़ा राज!



वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 27 वर्षीय डिलीवरी बॉय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई। आदमपुर थाना क्षेत्र के विजयीपुरा चौराहा, कोनिया स्थित एक मकान में डिलीवरी बॉय शुभम मौर्या का शव बेडरूम में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।

मृतक की बहन रंजना ने दावा किया कि शुभम का पड़ोस में रहने वाली दो बच्चों की मां से प्रेम संबंध था और घटना के पीछे उसी महिला की भूमिका हो सकती है। परिवार की ओर से शव की स्थिति और शरीर पर मिले कथित निशानों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और मृतक के मोबाइल फोन तथा आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

घर में अकेला था शुभम, तभी सामने आई मौत की खबर

शुभम मौर्या परिवार का सबसे छोटा और इकलौता बेटा था। उसकी उम्र 27 वर्ष थी और वह डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। उसके पिता उमेश कुमार मौर्या मूल रूप से बिहार के नवादा के रहने वाले हैं और कई वर्षों से वाराणसी के आदमपुर क्षेत्र में मकान बनाकर रह रहे हैं।

परिवार के अनुसार, शुभम के पिता घटना के समय गांव गए हुए थे। घर में शुभम अकेला था। शनिवार दोपहर उसकी बहन रंजना को पड़ोस के एक व्यक्ति ने फोन करके बताया कि शुभम की तबीयत खराब है और उन्हें तुरंत वहां पहुंचना चाहिए।

रंजना ने पहले अपने बेटे को मौके पर भेजा और उसके बाद अपनी दुकान बंद करके खुद वहां पहुंचीं। जब वह घर पहुंचीं तो बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। रिपोर्टों के मुताबिक, घर के दरवाजे पर बाहर से कुंडी लगी हुई थी। अंदर जाने के बाद शुभम का शव कमरे में रस्सी के सहारे लटका मिला।

बहन ने जताई हत्या की आशंका

शुभम की बहन रंजना ने शव की स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि शुभम का एक पैर नीचे की ओर था जबकि दूसरा पैर बेड पर मुड़ा हुआ था। उन्होंने गले पर खरोंच जैसे निशान होने की बात भी कही है।

परिवार का कहना है कि शव जिस तरह मिला, उससे उन्हें मामला सामान्य आत्महत्या का नहीं लगा। रंजना ने रस्सी बांधे जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि यह उन्हें आत्महत्या के लिए बनाए गए फंदे जैसा नहीं लगा।

इसके अलावा, उन्होंने शरीर के संवेदनशील हिस्से से खून आने का दावा भी किया है। हालांकि इन सभी बातों की वास्तविकता और मौत के कारण की पुष्टि जांच तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगी।

ऐसे मामलों में केवल शव की स्थिति या परिजनों के आरोपों के आधार पर हत्या का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट ही यह स्पष्ट कर सकती है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई।

पड़ोस की दो बच्चों की मां से संबंध का दावा

परिवार की ओर से शुभम के पड़ोस में रहने वाली एक महिला को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसकी बहन रंजना का कहना है कि शुभम का उस महिला के साथ प्रेम संबंध था।

परिजनों के अनुसार, शुभम पिछले कुछ दिनों से महिला के साथ संपर्क में था। इसी कथित संबंध को परिवार ने घटना की जांच का महत्वपूर्ण पहलू बताया है।

हालांकि, महिला की भूमिका या उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस भी इस एंगल की जांच कर रही है। इसलिए इस मामले में किसी व्यक्ति को दोषी मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।

मोबाइल फोन को लेकर भी उठे सवाल

परिजनों ने मृतक के मोबाइल फोन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। बहन रंजना के मुताबिक, मौके पर मोबाइल फोन का लॉक खोलने की कोशिश की गई थी। परिवार ने आरोप लगाया कि पड़ोस की महिला ने शुभम के फिंगरप्रिंट से फोन अनलॉक किया था।

यह आरोप जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि मृतक के मोबाइल फोन से उसकी अंतिम बातचीत, कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य डिजिटल जानकारी सामने आ सकती है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले शुभम की किस-किस व्यक्ति से बातचीत हुई थी और घटना से ठीक पहले वह कहां था।

मोबाइल फोन की जांच से पुलिस को घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

पिता से आखिरी बार हुई थी फोन पर बात

शुभम के पिता उमेश कुमार मौर्या ने बताया कि उन्होंने बेटे से घटना से एक दिन पहले यानी 9 अक्टूबर को फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान शुभम ने पिता से कहा था कि उसे बेंगलुरु जाना है और सोमवार की टिकट है।

पिता ने बेटे से कहा था कि वह गांव आ जाए और उनसे मिलकर फिर बेंगलुरु चला जाए।

उमेश कुमार ने बताया कि उन्हें क्या पता था कि बेटे से यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। अगले दिन उन्हें शुभम के फंदे पर लटके होने की सूचना मिली।

बेटे की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। पिता के लिए सबसे बड़ा सदमा यही है कि जिस बेटे से उन्होंने कुछ घंटे पहले भविष्य की योजनाओं को लेकर बात की थी, उसकी अचानक मौत की खबर सामने आ गई।

शुभम था परिवार का इकलौता बेटा

उमेश कुमार मौर्या की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। उनकी दो बेटियां हैं—कल्पना और रंजना। दोनों की शादी हो चुकी है। शुभम उनका सबसे छोटा और इकलौता बेटा था।

यही वजह है कि बेटे की मौत ने परिवार पर गहरा असर डाला है। परिजन अब मामले की निष्पक्ष जांच और मौत की वास्तविक वजह सामने आने की मांग कर रहे हैं।

पिता का कहना है कि अगर बेटे की हत्या हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस ने क्या कहा?

आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा के अनुसार, शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है।

पुलिस के मुताबिक, मृतक के मोबाइल फोन और आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले शुभम के घर में कौन-कौन आया था, उसके संपर्क में कौन लोग थे और मौत से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं।

CCTV फुटेज इस मामले में अहम हो सकती है, क्योंकि इससे घटना के आसपास घर के पास आने-जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुल सकता है मौत का राज

इस मामले में अब सबसे ज्यादा नजर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर है। परिवार ने शरीर पर कथित चोट और खरोंच के निशान को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में मेडिकल रिपोर्ट मौत की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

अगर पोस्टमॉर्टम में ऐसी चोटों या अन्य परिस्थितियों की पुष्टि होती है जो सामान्य फांसी से अलग हों, तो पुलिस की जांच का रुख बदल सकता है। वहीं यदि मेडिकल जांच आत्महत्या के अनुरूप परिस्थितियां सामने लाती है तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ सकती है।

फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी हत्या की पुष्टि नहीं हुई है।

बेंगलुरु जाने वाला था शुभम, लेकिन नहीं पहुंच सका

इस पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू शुभम की बेंगलुरु जाने की योजना है। पिता के मुताबिक, शुभम ने उनसे कहा था कि वह सोमवार को बेंगलुरु जाने वाला है।

परिवार को उम्मीद थी कि वह पहले गांव आएगा, पिता से मिलेगा और फिर अपनी यात्रा पर निकल जाएगा। लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत की खबर आ गई।

एक तरफ परिवार बेटे के भविष्य को लेकर सोच रहा था और दूसरी तरफ अचानक उसके शव की खबर ने सभी को सदमे में डाल दिया।

अब पुलिस की जांच पर टिकी परिवार की उम्मीद

शुभम की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई?

क्या उसने वास्तव में आत्महत्या की थी या फिर परिवार के आरोपों के मुताबिक उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई? क्या कथित प्रेम संबंध का इस घटना से कोई संबंध है? घटना से पहले उसके घर पर कौन मौजूद था? मोबाइल फोन में आखिरी बातचीत किससे हुई? और CCTV में क्या सामने आता है?

इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की जांच से मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल पुलिस ने मोबाइल फोन और CCTV फुटेज को जांच का हिस्सा बनाया है और पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी।

इस मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि परिवार की ओर से लगाए गए हत्या के आरोप अभी जांच का विषय हैं। किसी व्यक्ति की भूमिका या अपराध साबित होने से पहले उसे दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

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