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यूपी में फिर बदलेगा मौसम! अचानक घिरेंगे बादल, इन जिलों में बारिश-गरज का अलर्ट; अगले 7 दिनों में क्या होगा बड़ा बदलाव?



उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जहां कई इलाकों में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, वहीं दिन में तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 11 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि फिलहाल आईएमडी ने उत्तर प्रदेश के किसी भी हिस्से के लिए 11 अक्टूबर को कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है।

ऐसे में प्रदेश के लोगों के लिए मौसम का मिजाज थोड़ा मिला-जुला रहने वाला है। पश्चिमी जिलों में अचानक बादल छाने और स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना है, जबकि लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत पूर्वी और मध्य हिस्सों में फिलहाल बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है।

पश्चिमी यूपी में अचानक बदल सकता है मौसम

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम में आने वाले दिनों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।

हाल के 24 घंटों में भी पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश और मौसम में बदलाव दर्ज किया गया। मेरठ में बारिश के बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। मौसम में इस बदलाव के कारण सुबह और रात के समय लोगों को अपेक्षाकृत ठंडक महसूस होने लगी है।

हालांकि, इस बारिश को फिलहाल किसी बड़े या लगातार चलने वाले बारिश के दौर के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश स्थानीय स्तर पर और सीमित इलाकों में हो सकती है।

11 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

रविवार यानी 11 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है। इसके विपरीत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने इस दिन यूपी के किसी भी संभाग के लिए विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल भारी बारिश, अत्यधिक तेज आंधी या किसी गंभीर मौसम संबंधी स्थिति का आधिकारिक अलर्ट नहीं है।

फिर भी स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक बदल सकता है। इसलिए जिन इलाकों में आसमान में घने बादल दिखाई दें या गरज-चमक शुरू हो, वहां लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

12 और 13 अक्टूबर को राहत, फिर 14 से 16 अक्टूबर तक बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। 12 और 13 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।

इसके बाद 14, 15 और 16 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर फिर से बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी यूपी में इन दिनों भी मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

यानी पश्चिमी यूपी के लोगों को अगले कुछ दिनों में मौसम के बदलते मिजाज का सामना करना पड़ सकता है। कभी धूप तेज हो सकती है तो कभी अचानक बादल छाकर हल्की बारिश हो सकती है।

क्या पूरे यूपी में फिर होगी तेज बारिश?

फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि पूरे उत्तर प्रदेश में लगातार या मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान में बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक सीमित रहने की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। यहां मौसम ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है।

इसका असर तापमान पर भी देखने को मिल सकता है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।

दिन में फिर बढ़ सकती है गर्मी

पिछले दिनों बारिश और बादलों की वजह से जिन इलाकों में मौसम सुहावना हुआ था, वहां आने वाले दिनों में दिन के समय फिर गर्मी महसूस हो सकती है। अक्टूबर में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ना सामान्य मौसमी बदलाव का हिस्सा है।

सुबह और रात में हल्की ठंडक जबकि दोपहर में गर्मी का अहसास लोगों को परेशान कर सकता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को तापमान में इस उतार-चढ़ाव के दौरान अपनी दिनचर्या में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

मेरठ जैसे पश्चिमी यूपी के कुछ शहरों में हालिया बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे सुबह और रात का मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक हुआ है।

किसानों के लिए भी अहम है मौसम का यह बदलाव

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी के लिहाज से भी मौसम का यह बदलाव महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में हल्की बारिश होती है, वहां खेतों में नमी बढ़ सकती है। हालांकि बारिश की मात्रा और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है।

किसानों को सलाह है कि किसी भी कृषि गतिविधि, सिंचाई या फसल कटाई से जुड़ा फैसला स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए लें। खासकर जहां गरज-चमक की संभावना हो, वहां खुले खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

गरज-चमक के दौरान क्या करें?

बारिश के साथ अगर बिजली चमक रही हो तो लोगों को खुले मैदान, खेत, तालाब या अन्य खुले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता।

अगर अचानक तेज गरज-चमक शुरू हो जाए तो संभव हो तो किसी सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाएं। बिजली के उपकरणों के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतें।

बारिश के दौरान सड़क पर निकलने वाले लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि अचानक बारिश से सड़क पर फिसलन बढ़ सकती है और दृश्यता कम हो सकती है।

लखनऊ, कानपुर और आगरा में क्या स्थिति?

मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे शहरों में पश्चिमी यूपी की तुलना में बारिश की संभावना कम है। लखनऊ में 11 अक्टूबर को मुख्य रूप से साफ मौसम और तेज धूप रहने का अनुमान जताया गया है। कानपुर और आगरा में भी व्यापक बारिश की संभावना नहीं बताई गई है।

इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में एक जैसा मौसम नहीं रहने वाला है। एक तरफ पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बादल और बौछारें देखने को मिल सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ मध्य और पूर्वी हिस्सों में धूप और शुष्क मौसम का असर रहेगा।

अगले एक सप्ताह में क्या होगा?

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम का मिजाज उतार-चढ़ाव वाला रहने की संभावना है। 11 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। 12 और 13 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के बाद 14 से 16 अक्टूबर के बीच पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में फिर से छिटपुट बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस अवधि के दौरान व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं। वहीं तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे दिन के समय गर्मी का अहसास दोबारा बढ़ सकता है।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि उत्तर प्रदेश के लिए कोई बड़ा आधिकारिक मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसलिए इसे भारी बारिश या बड़े तूफान का संकेत मानना सही नहीं होगा। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में अचानक बारिश या गरज-चमक हो सकती है।

ऐसे में लोगों को अपने जिले के ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और गरज-चमक के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। आने वाले दिनों में तापमान, बादलों और स्थानीय बारिश की गतिविधियों में होने वाले बदलाव पर मौसम विभाग की नजर बनी रहेगी।

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