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5 साल से लापता थीं तीन लड़कियां, अचानक ऐसे खुला राज! एक मार्कशीट लेने निकली थी… अब सामने आई चौंकाने वाली कहानी



बांका: बिहार के बांका जिले में पुलिस ने लंबे समय से लंबित गुमशुदगी और अपहरण से जुड़े तीन मामलों का खुलासा करते हुए तीन युवतियों को सकुशल बरामद किया है। इनमें दो युवतियां वर्ष 2021 में अपने घरों से लापता हुई थीं, जबकि तीसरे मामले में एक नाबालिग छात्रा इंटरमीडिएट की मार्कशीट लेने के लिए कॉलेज जाने के बाद वापस घर नहीं लौटी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि इन पांच वर्षों के दौरान तीनों की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी।

सबसे चौंकाने वाली बात तीसरे मामले में सामने आई, जहां घर से कॉलेज की मार्कशीट लेने निकली छात्रा अब दो बच्चों की मां बन चुकी है। वहीं, अन्य दो युवतियों के बारे में पुलिस को पता चला कि उन्होंने अपने-अपने प्रेमियों के साथ विवाह कर लिया और अलग-अलग जगहों पर अपनी गृहस्थी बसा ली।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से अपनी बेटियों की तलाश कर रहे परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पुलिस और न्यायालय के स्तर पर जारी है।

2021 में अचानक लापता हुई थी आरसीना

पहला मामला बांका शहर के अहमद नगर मोहल्ले से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2021 में आरसीना नाम की युवती अचानक लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने बांका सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में सदर थाना कांड संख्या 159/21 के तहत अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवती की तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसके बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी।

पुलिस के लिए यह मामला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि घटना को कई वर्ष बीत चुके थे। इसके बावजूद जांच को बंद नहीं किया गया। सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार उपलब्ध सूचनाओं और संभावित ठिकानों की पड़ताल करती रही।

इसी दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने खगड़िया जिले के पसराहा थाना क्षेत्र स्थित मोहद्दीपुर गांव में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरसीना को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस की पूछताछ में उसके पिछले वर्षों के दौरान रहने और जीवन से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। आगे की कार्रवाई उसके बयान और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर की जा रही है।

जगतपुर से गायब अनुराधा समस्तीपुर में मिली

दूसरा मामला बांका के जगतपुर मोहल्ले का है। यहां से अनुराधा कुमारी वर्ष 2021 में लापता हुई थी। उसके अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

मामले को लेकर बांका सदर थाने में कांड संख्या 1016/21 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले की भी जांच जारी रखी और संभावित स्थानों पर नजर बनाए रखी।

कई वर्षों तक लंबित रहे इस मामले में पुलिस टीम को आखिरकार एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच के आधार पर टीम ने समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के सालेपुर गांव में दबिश दी।

पुलिस ने अनुराधा को वहां से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि उसने अपने प्रेमी के साथ विवाह कर लिया था और पिछले कुछ समय से वहीं रह रही थी।

पुलिस के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया उसका आधिकारिक बयान दर्ज कराने और मामले की परिस्थितियों को कानूनी तौर पर स्पष्ट करने की है।

तीसरे मामले ने पुलिस को भी चौंकाया

तीसरा मामला इन दोनों मामलों से भी ज्यादा हैरान करने वाला बताया जा रहा है। यह मामला बांका सदर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है, जहां एक नाबालिग छात्रा करीब पांच साल पहले अपने कॉलेज से इंटरमीडिएट की मार्कशीट लेने के लिए घर से निकली थी।

परिजनों को उम्मीद थी कि वह कॉलेज का काम पूरा कर जल्द वापस लौट आएगी। लेकिन वह घर नहीं पहुंची। समय बीतता गया और परिजनों की चिंता बढ़ती गई। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश करने के साथ-साथ अन्य संभावित स्थानों पर भी खोजबीन की गई।

जब काफी समय तक छात्रा का कोई पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस से मदद मांगी। मामले की जांच शुरू हुई और पुलिस ने उपलब्ध सुरागों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी।

करीब पांच साल बाद पुलिस उसे बरामद करने में सफल रही। बरामदगी के बाद सामने आई जानकारी ने परिवार और पुलिस दोनों को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, इतने वर्षों के दौरान वह अपने प्रेमी के साथ रह रही थी और अब दो बच्चों की मां बन चुकी है।

हालांकि, इस मामले में छात्रा के नाबालिग होने के कारण कानूनी प्रक्रिया और उसके बयान का महत्व काफी बढ़ जाता है। पुलिस मामले की परिस्थितियों को उसके आधिकारिक बयान, मेडिकल जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ा रही है।

तीनों को बांका लाकर कराई जा रही प्रक्रिया

पुलिस के अनुसार, तीनों को बरामद करने के बाद बांका लाया गया है। नियमानुसार उनकी चिकित्सीय जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही न्यायालय में उनके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

पुलिस के लिए कोर्ट में दर्ज होने वाले बयान बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इन बयानों से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि संबंधित महिलाएं और लड़की किन परिस्थितियों में अपने घरों से अलग हुईं और इतने वर्षों तक कहां रहीं।

मामले में चिकित्सीय और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस का कहना है कि सभी कानूनी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पांच साल बाद परिवारों को मिली बड़ी राहत

इन तीन मामलों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि लंबे समय से अपने परिजनों की तलाश कर रहे परिवारों को आखिरकार उनके बारे में जानकारी मिल गई। वर्षों तक किसी करीबी के लापता रहने की स्थिति में परिवार लगातार चिंता और अनिश्चितता में रहता है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इन मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यह घटनाक्रम यह भी दिखाता है कि लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों में जांच को लगातार आगे बढ़ाना कितना महत्वपूर्ण है।

बांका पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में बरामदगी के बाद अब तथ्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। कोर्ट में दर्ज बयानों और मेडिकल तथा अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि संबंधित मामलों में आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जानी है।

फिलहाल, पांच साल से लंबित इन मामलों में तीनों की बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि इन वर्षों के दौरान तीनों की जिंदगी में क्या-क्या घटनाएं हुईं और उनके घर से जाने के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में न्यायालय में दर्ज होने वाले बयानों और जांच के नतीजों से सामने आने की उम्मीद है।

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