मां ने खोली बेटे के हाथ-पैर की रस्सी… कुछ ही मिनट बाद घर में मच गई चीख-पुकार, नाना-नानी समेत कई की मौत!
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अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम आमोदा में शनिवार सुबह एक युवक ने अपने ही परिवार के सदस्यों पर डंडे से हमला कर दिया। घटना में परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि नाना-नानी और युवक की मां समेत कई लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि घटना छोटी तुम्मी ग्राम पंचायत के अमोदा गांव में हुई। यह स्थान सरई पुलिस चौकी से करीब 60 किलोमीटर और उमरिया जिले के घनघुटी गांव से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
सुबह-सुबह परिवार में मच गई चीख-पुकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय प्रेम सिंह गोंड कुछ समय से अपनी मां के साथ अपने नाना-नानी के घर अमोदा में रह रहा था। शुक्रवार रात से ही उसका व्यवहार सामान्य नहीं बताया जा रहा था।
रात करीब 1 से 2 बजे के बीच उसने गांव के मंदिर के 62 वर्षीय पुजारी गंगा सिंह पर भी कथित तौर पर डंडे से हमला कर दिया। हमले में पुजारी घायल हो गए। ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
इसके बाद ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने प्रेम सिंह को पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। कुछ समय तक वह इसी स्थिति में रहा। परिवार को लगा कि अब उसका गुस्सा शांत हो चुका है और वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
बताया गया है कि सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच उसकी मां अनूपिया बाई ने बेटे की रस्सी खोल दी। इसके कुछ ही समय बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई।
रस्सी खुलते ही नानी पर किया हमला
पुलिस के अनुसार, रस्सी खुलने के बाद प्रेम सिंह ने पास रखे डंडे से अपनी 70 वर्षीय नानी भन्नी बाई गोंड पर हमला कर दिया।
नानी पर हमला होते देखकर 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड बीच-बचाव के लिए आगे आए। आरोप है कि युवक ने उन पर भी डंडे से हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
परिवार के लोगों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन युवक का हमला रुकने के बजाय और बढ़ता गया।
बताया गया है कि मां अनूपिया बाई भी अपने माता-पिता को बचाने के लिए आगे आईं। इसी दौरान युवक ने उन पर भी हमला कर दिया।
कुछ ही देर में घर का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया।
मामा और उनकी बेटियों पर भी हमला
घटना यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि प्रेम सिंह ने अपने मामा चैन सिंह और उनकी बेटियों पर भी डंडे से हमला किया। कई लोग इस हमले में घायल हुए।
घटना के दौरान परिवार के कुछ सदस्य किसी तरह मौके से भागने में सफल रहे। एक बेटी के जंगल की तरफ भागने की बात भी सामने आई है। उसने कथित तौर पर चैन सिंह को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद चैन सिंह घर की तरफ पहुंचे, लेकिन आरोप है कि युवक ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर बढ़ने और ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने मिलकर प्रेम सिंह को काबू किया और दोबारा रस्सी से बांध दिया।
तब तक परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
इलाज के दौरान भी हुई एक घायल की मौत
घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी में नानी भन्नी बाई, नाना संपत सिंह और मां अनूपिया बाई की मौत की सूचना सामने आई।
वहीं बाद में घायल मोनिका की भी इलाज के दौरान मौत होने की जानकारी सामने आई है। एक अन्य घायल चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट बताई गई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे आईसीयू में रखा गया है।
घटना में मृतकों की अंतिम संख्या और मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
डर के कारण शुरुआत में मदद के लिए नहीं आए लोग
घायल चैन सिंह के मुताबिक, घटना के समय आसपास घर होने के बावजूद लोग तुरंत मदद के लिए आगे नहीं आ सके। ग्रामीणों में युवक के व्यवहार को लेकर इतना डर था कि लोग दूरी बनाकर स्थिति देखते रहे।
जब एक लड़की किसी तरह भागकर घटना की जानकारी देने पहुंची और आसपास के लोगों को स्थिति का पता चला, तब ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने प्रेम सिंह को दोबारा पकड़कर रस्सी से बांधा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
फॉरेंसिक टीम को भी गांव बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने अचानक इस तरह हमला क्यों किया, घटना से पहले उसकी स्थिति क्या थी और परिवार के साथ उसके संबंध किस प्रकार के थे।
ग्रामीणों ने युवक की मानसिक स्थिति को लेकर कही ये बात
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही है। हालांकि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
पुलिस पूरे मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुक्रवार रात मंदिर के पुजारी पर हुए हमले और शनिवार सुबह परिवार पर हुए हमले के बीच संबंध भी जांच का हिस्सा है।
पत्नी से भी मारपीट के आरोप
घटना के बाद युवक के पारिवारिक जीवन से जुड़ी कुछ और बातें भी सामने आई हैं। घायल चैन सिंह के अनुसार, प्रेम सिंह की शादी हो चुकी थी। आरोप है कि वह अपनी पत्नी के साथ भी मारपीट करता था।
बताया गया है कि करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। उसके बाद वह अपनी मां के साथ रह रहा था।
चैन सिंह के मुताबिक, प्रेम सिंह की मां अनूपिया बाई की तबीयत भी खराब थी और वह करीब एक सप्ताह पहले इलाज के लिए मायके आई थीं। प्रेम सिंह भी कुछ दिन पहले ही गांव आया था।
एक परिवार के लिए बदल गई पूरी जिंदगी
अमोदा गांव की यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। परिवार ने जिस युवक को अपना सदस्य समझकर उसके हाथ-पैर खोले, उसी के बाद घर में ऐसी स्थिति पैदा हो गई जिसमें कई लोगों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों में भी डर का माहौल बताया जा रहा है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, घायलों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस घटना के पूरे क्रम को समझने, आरोपी की स्थिति और हमले की वजह का पता लगाने तथा घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने पर है।
इस घटना में मृतकों की संख्या और कुछ अन्य विवरणों को लेकर शुरुआती सूचनाओं में अंतर सामने आया है। इसलिए अंतिम आंकड़े पुलिस जांच, पोस्टमार्टम और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट माने जाएंगे।

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