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ट्यूशन के नाम पर शुरू हुआ खेल, 2 साल तक छिपा रहा राज… 10वीं की छात्रा के गर्भवती होने पर खुला शिक्षक का खौफनाक सच!



नई दिल्ली: दिल्ली में नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहांगीरपुरी इलाके में रहने वाली 16 वर्षीय 10वीं कक्षा की छात्रा ने अपने ट्यूशन शिक्षक पर करीब दो साल तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी शिक्षक पढ़ाई और प्रैक्टिकल की तैयारी के बहाने उसे अलग-अलग मौकों पर जीटीबी नगर स्थित एक होटल में ले जाता था। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने कथित घटनाओं का वीडियो बना लिया था और उसे धमकी देता था कि यदि उसने किसी को इसकी जानकारी दी तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा में फेल कराने की धमकी भी दी जाती थी। लंबे समय तक डर और दबाव में रहने के बाद मामला तब सामने आया जब किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी परिवार को मिली।

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और मारपीट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पढ़ाई के लिए परिवार ने रखा था ट्यूशन शिक्षक

जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने परिवार के साथ दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में रहती है और स्थानीय सरकारी स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ती है। उसके पिता फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मां घरेलू काम करके परिवार की आर्थिक मदद करती हैं।

परिवार अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर गंभीर था। इसी वजह से उन्होंने पड़ोस में रहने वाले शिक्षक मंथन से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि आरोपी करीब तीन साल से किशोरी को ट्यूशन पढ़ाता था। परिवार को उस पर भरोसा था और उन्हें उम्मीद थी कि वह उनकी बेटी की पढ़ाई में मदद करेगा।

पीड़िता के आरोपों के मुताबिक, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने करीब दो साल पहले उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।

प्रैक्टिकल की पढ़ाई के बहाने होटल ले जाने का आरोप

पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि करीब दो साल पहले शिक्षक ने उसे प्रैक्टिकल की पढ़ाई कराने के बहाने जीटीबी नगर स्थित एक होटल में ले गया था। वहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।

आरोप है कि घटना के बाद शिक्षक ने किशोरी को धमकाया और कहा कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसके वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा में फेल कराने की धमकी भी दी गई।

पीड़िता के अनुसार, धमकियों के कारण वह काफी समय तक किसी को कुछ नहीं बता सकी। आरोप है कि इसके बाद भी शिक्षक उसे कई बार होटल ले जाता रहा और उसके साथ यौन शोषण करता रहा।

किशोरी ने कथित तौर पर आरोपी से दूरी बनाने की कोशिश भी की। उसने ट्यूशन जाने से इनकार करना शुरू कर दिया था। हालांकि परिवार को इसके पीछे की वास्तविक वजह की जानकारी नहीं थी। परिजनों को लगा कि शायद बेटी पढ़ाई से बचने के लिए ट्यूशन नहीं जाना चाहती।

परिवार को क्यों नहीं बता पाई किशोरी?

नाबालिग पीड़िता के बयान के मुताबिक, वह कथित धमकियों के कारण लंबे समय तक अपने परिवार से कुछ नहीं कह पाई। ऐसे मामलों में आरोपी द्वारा डराने-धमकाने या सामाजिक बदनामी का भय पैदा करने से पीड़ित बच्चे अक्सर घटना की जानकारी तुरंत साझा नहीं कर पाते।

इस मामले में भी कथित तौर पर परीक्षा में फेल करने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई थी। इसी वजह से किशोरी ने लंबे समय तक अपने परिवार से बात नहीं की।

मामले का खुलासा तब हुआ जब उसकी तबीयत खराब होने लगी।

पेट दर्द के बाद अस्पताल ले गए परिजन, जांच में सामने आई गर्भावस्था

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे आखिरी बार 30 सितंबर को जीटीबी नगर स्थित होटल ले गया था। इसके कुछ दिन बाद 3 अक्टूबर को उसे पेट में दर्द होने लगा।

तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। चिकित्सकीय जांच के दौरान परिवार को पता चला कि किशोरी गर्भवती है।

यह जानकारी सामने आने के बाद परिवार के लिए मामला बेहद गंभीर हो गया। पूछताछ के दौरान किशोरी ने कथित तौर पर अपने साथ हुई घटनाओं की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पॉक्सो एक्ट के तहत जांच

किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण मामला पॉक्सो यानी बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून के तहत भी दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस कथित घटनाओं की समय-सीमा, आरोपी और पीड़िता के संपर्क, होटल में जाने से संबंधित परिस्थितियों तथा अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर सकती है। आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस को उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की भी जांच करनी होगी।

फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी की स्थिति पुलिस की जांच पर निर्भर है।

दिल्ली में घरेलू सहायिका से दुष्कर्म का दूसरा मामला

इसी बीच दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस इलाके से भी महिला के साथ कथित दुष्कर्म का एक अलग मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बुधवार को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय युवती असम के शोणितपुर जिले की रहने वाली है। वह एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से करीब 20 दिन पहले संदेश विहार स्थित एक फ्लैट में घरेलू काम के लिए नियुक्त हुई थी।

युवती के मुताबिक, फ्लैट में परिवार के सदस्य शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। इसी दौरान मंगलवार को फ्लैट मालिक का 58 वर्षीय बेटा घर पर मौजूद था।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

घटना के बाद घर से निकलकर परिचितों के पास पहुंची युवती

पीड़िता के मुताबिक, घटना के बाद वह किसी तरह फ्लैट से बाहर निकली और अपने दो परिचितों से संपर्क किया। इसके बाद उसने उन्हें पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।

अगले दिन बुधवार को पुलिस से शिकायत की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

इस मामले में भी पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

दोनों मामलों ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल

दिल्ली में सामने आए इन दोनों मामलों ने अलग-अलग परिस्थितियों में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े सवाल फिर सामने ला दिए हैं। पहले मामले में परिवार ने जिस शिक्षक पर अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए भरोसा किया था, उसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दूसरे मामले में एक युवती रोजगार के लिए दूसरे राज्य से दिल्ली आई थी और कथित तौर पर कार्यस्थल से जुड़े स्थान पर उसके साथ अपराध हुआ।

हालांकि दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें डराता-धमकाता है, अनुचित तरीके से छूता है, अकेले मिलने के लिए दबाव डालता है या किसी तस्वीर अथवा वीडियो के जरिए धमकी देता है, तो इसकी जानकारी तुरंत किसी भरोसेमंद वयस्क को दी जानी चाहिए।

परिजनों के लिए भी जरूरी है कि बच्चों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव को नजरअंदाज न करें। यदि बच्चा अचानक ट्यूशन, स्कूल या किसी व्यक्ति से मिलने से मना करने लगे, तो उसके पीछे की वजह समझने के लिए शांतिपूर्वक बातचीत करनी चाहिए।

फिलहाल दिल्ली पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है। पहले मामले में नाबालिग छात्रा के आरोपों की जांच के साथ आरोपी शिक्षक की तलाश जारी है, जबकि नेताजी सुभाष प्लेस मामले में पुलिस शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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