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शहीद का शव लेकर घर लौट रहा था परिवार, रास्ते में हुआ ऐसा हादसा कि डीएम के कंधे पर सिर रखकर रो पड़ा भतीजा



उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को ऐसा जख्म दे दिया, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो पाएगी। एक तरफ परिवार अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर लेकर चंडीगढ़ से पैतृक गांव लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हुई एक भीषण दुर्घटना ने परिवार के कई सदस्यों को हमेशा के लिए छीन लिया। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें सेना के सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के परिवार के सदस्य और एंबुलेंस चालक शामिल थे।

लेकिन इस भयावह हादसे के बीच सुल्तानपुर के जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की एक तस्वीर और वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हादसे के बाद जब डीएम पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो सूबेदार मेजर के भतीजे दरोगा सिंह खुद को संभाल नहीं सके। वह डीएम के सामने पहुंचते ही टूट गए और उनके कंधे पर सिर रखकर फूट-फूटकर रोने लगे।

डीएम इंद्रजीत सिंह काफी देर तक उन्हें ढांढस बंधाते रहे। इस भावुक क्षण का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

एक तरफ चाचा का पार्थिव शरीर, दूसरी तरफ परिवार की चार मौतें

जानकारी के मुताबिक देवरिया के गहिला-दुधैला गांव निवासी सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह की चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को परिजन चंडीगढ़ कमांड हॉस्पिटल से पैतृक गांव ले जा रहे थे।

परिवार के लिए यह पहले ही बेहद कठिन समय था। एक सैनिक की मौत के बाद पूरा परिवार अंतिम विदाई की तैयारी में था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही एक और ऐसी त्रासदी सामने आने वाली है, जो परिवार की कई जिंदगियां बदल देगी।

रविवार सुबह करीब 8 बजे से 8:15 बजे के आसपास हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक हादसा किलोमीटर 79.6 के आसपास हुआ। एंबुलेंस में सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर ले जाया जा रहा था।

हादसे में एंबुलेंस सवार चार लोगों की मौत हो गई। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में हादसे में शामिल परिजनों के नाम और रिश्तों को लेकर कुछ अंतर सामने आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि मृतकों में सूबेदार मेजर के बेटे सहित परिवार के सदस्य और एंबुलेंस चालक शामिल थे।

डीएम को देखते ही टूट गया भतीजा

हादसे के बाद जब सुल्तानपुर के डीएम इंद्रजीत सिंह परिजनों से मिलने पहुंचे तो वहां मौजूद माहौल बेहद भावुक हो गया।

सूबेदार मेजर के भतीजे दरोगा सिंह ने डीएम को सामने देखा तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। वह डीएम के पास पहुंचे और उनके कंधे पर सिर रखकर जोर-जोर से रोने लगे।

वीडियो में डीएम उन्हें संभालते और ढांढस बंधाते नजर आते हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी और एक दुखी परिवार के सदस्य के बीच का यह भावुक पल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

दरोगा सिंह ने डीएम से बात करते हुए अपने चाचा को याद किया। वह बार-बार परिवार पर टूट पड़े दुख का जिक्र करते रहे। उनके शब्दों में किसी ऐसे व्यक्ति की पीड़ा साफ दिखाई दे रही थी, जिसने कुछ ही समय में अपने परिवार के कई लोगों को खो दिया था।

‘चाचा घर जाने को तैयार नहीं थे’

डीएम के सामने रोते हुए दरोगा सिंह ने अपने चाचा सत्यवान सिंह को याद किया। उन्होंने कहा कि चाचा घर जाने को तैयार नहीं थे।

उनकी बातों में अपने चाचा के साथ बिताए समय और अचानक उन्हें खो देने का दर्द साफ महसूस किया जा सकता था। इसके बाद उन्होंने अपने पिता को लेकर भी भावुक बात कही।

उन्होंने कहा कि अब बाबू भी इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी यह बात सुनकर आसपास मौजूद लोगों का भी दिल भर आया।

एक परिवार के लिए इससे बड़ा सदमा क्या होगा कि जिस व्यक्ति के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ घर ले जाने की तैयारी हो रही थी, उसी यात्रा में परिवार के दूसरे सदस्य भी मौत का शिकार हो जाएं।

‘तीन दिन से हम लोगों ने कुछ नहीं खाया’

दरोगा सिंह ने डीएम को बताया कि परिवार पिछले कई दिनों से बेहद तनाव और दुख की स्थिति में था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से उन्होंने ठीक से कुछ खाया-पिया तक नहीं था।

यह बात उस मानसिक स्थिति को बताती है, जिससे परिवार गुजर रहा था। पहले सूबेदार मेजर की तबीयत खराब होना, फिर चंडीगढ़ में उनका निधन और उसके बाद पार्थिव शरीर को लेकर गांव की ओर रवाना होना—इन सबके बीच परिवार पहले से ही गहरे सदमे में था।

लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने दुख को कई गुना बढ़ा दिया।

डीएम इंद्रजीत सिंह ने उनकी बात ध्यान से सुनी और उन्हें शांत कराने की कोशिश की। प्रशासन की ओर से परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया गया।

दो गाड़ियों में लौट रहा था परिवार

परिवार के सदस्य अलग-अलग वाहनों से गांव की ओर लौट रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार एक वाहन में परिवार के कुछ सदस्य थे, जबकि सूबेदार मेजर का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था।

दरोगा सिंह ने बताया कि वे लोग आर्टिगा कार से जा रहे थे। उन्होंने एंबुलेंस चालक से भी उसी रास्ते से आने को कहा था। चालक ने कथित तौर पर बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाना शॉर्टकट होगा और इससे जल्दी पहुंच जाएंगे।

इसके बाद परिवार के कुछ सदस्य दूसरी गाड़ी से आगे निकल गए, जबकि एंबुलेंस अपने रास्ते पर चली गई।

कुछ समय बाद जो खबर सामने आई, उसने परिवार को अंदर तक हिला दिया।

एंबुलेंस हादसे का शिकार हो चुकी थी और उसमें सवार कई लोग जिंदगी गंवा चुके थे।

‘चाची को क्या जवाब देंगे?’

सबसे दर्दनाक पल तब आया जब दरोगा सिंह मीडिया से बात कर रहे थे।

वह लगातार रो रहे थे और कह रहे थे कि अब चाची को क्या जवाब देंगे। परिवार के दूसरे सदस्यों को हादसे की जानकारी मिल चुकी थी और धीरे-धीरे सभी लोग घटनास्थल तथा थाने की ओर पहुंच रहे थे।

उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के कई लोग खत्म हो गए। इसके बाद वह खुद को संभाल नहीं सके और दहाड़ मारकर रोने लगे।

उनके शब्दों में सिर्फ एक हादसे का दर्द नहीं था, बल्कि एक साथ कई रिश्तों को खो देने की पीड़ा थी।

थाने में सम्मान के साथ रखा गया सूबेदार का पार्थिव शरीर

हादसे के बाद सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को हलियापुर थाने में सम्मानपूर्वक रखा गया। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।

सुल्तानपुर प्रशासन ने राहत और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटना में एंबुलेंस एक वाहन/ट्रक से टकराई। पुलिस और प्रशासन हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में अज्ञात वाहन की टक्कर का भी उल्लेख है, इसलिए दुर्घटना के सटीक कारण की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

सीएम योगी ने भी जताया दुख

इस दर्दनाक हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हादसे की खबर सामने आने के बाद देवरिया स्थित परिवार के गांव में भी मातम पसर गया। एक तरफ सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह की मौत का दुख था और दूसरी तरफ उनके पार्थिव शरीर को घर लाते समय हुए हादसे ने परिवार को और गहरे सदमे में डाल दिया।

डीएम की संवेदनशीलता ने जीता लोगों का दिल

पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हो रही है जिसमें एक दुखी परिजन डीएम इंद्रजीत सिंह के कंधे पर सिर रखकर रोता दिखाई देता है।

आम तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और राहत कार्यों से जुड़े फैसले लेते हुए देखा जाता है, लेकिन इस घटना में डीएम का एक अलग मानवीय रूप सामने आया। उन्होंने दुखी परिजन की बात सुनी, उसे रोने दिया और फिर उसे संभालने की कोशिश की।

किसी ऐसे व्यक्ति के लिए, जिसने एक साथ कई अपनों को खो दिया हो, उस वक्त बड़े-बड़े शब्द शायद कोई मायने नहीं रखते। कभी-कभी सिर्फ किसी का कंधा और कुछ पल की संवेदनशील मौजूदगी ही सबसे बड़ी मदद बन जाती है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का यह हादसा सिर्फ सड़क दुर्घटना की एक खबर नहीं है। यह उस परिवार की कहानी है, जो एक सैनिक को अंतिम विदाई देने घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में ही परिवार के कई सदस्यों को खो बैठा।

और इसी त्रासदी के बीच डीएम के कंधे पर सिर रखकर रोते उस युवक की तस्वीर यह बताती है कि कुछ दुख ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्दों में नहीं बांधा जा सकता—उन्हें सिर्फ महसूस किया जा सकता है।

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