ससुराल से चोरी हुए देवरानी के 20 लाख के जेवर, जेठानी ने मचाया हल्ला- मां जी पुलिस बुलाइए... फिर ऐसे खुला राज
उत्तर प्रदेश के संभल जिले से घरेलू रिश्तों और लालच से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी कुछ देर के लिए उलझाकर रख दिया। बहजोई कस्बे में एक घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने की सूचना पुलिस को दी गई। परिवार में हड़कंप मच गया और घरवालों ने अज्ञात चोरों पर शक जताया। लेकिन पुलिस ने जब घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू की तो कहानी कुछ और ही निकली।
जिस चोरी को परिवार के लोग बाहरी चोरों की करतूत समझ रहे थे, उसके पीछे घर के अंदर का ही विवाद सामने आया। पुलिस के मुताबिक, घर की बड़ी बहू ने अपनी देवरानी के जेवर चुरा लिए और इसके बाद ऐसी कहानी रची, मानो घर में बाहर से चोर घुसे हों। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी जेठानी को गिरफ्तार कर लिया और चोरी किए गए जेवर भी बरामद कर लिए।
मामला बहजोई कस्बे का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार करीब 18 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने की सूचना दी गई थी। शुरुआती शिकायत में अज्ञात चोरों पर चोरी का आरोप लगाया गया था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई घर के अंदर ही घूमने लगी।
छोटी बहू के जेवर बने विवाद की वजह
बताया जा रहा है कि परिवार में छोटी बहू की शादी के दौरान उसे बड़ी मात्रा में जेवर दिए गए थे। शादी के बाद वह जेवर लेकर ससुराल पहुंची। परिवार के अंदर ही इन जेवरों को लेकर चर्चा थी।
पुलिस के मुताबिक, बड़ी बहू को यह बात नागवार गुजर रही थी कि छोटी बहू के पास इतने ज्यादा जेवर हैं। इसी को लेकर उसके मन में नाराजगी पैदा हुई और कथित तौर पर उसने देवरानी के जेवर हासिल करने की योजना बना ली।
यहीं से शुरू हुई उस वारदात की कहानी, जिसने पूरे परिवार को परेशान कर दिया।
बड़ी बहू ने कथित तौर पर पहले देवरानी के जेवर अपने कब्जे में किए और फिर घर में चोरी होने का माहौल तैयार कर दिया। जब जेवर गायब मिले तो परिवार के लोगों को लगा कि घर में चोरी हो गई है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
शुरुआत में मामला सामान्य चोरी जैसा ही दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल और परिस्थितियों में कुछ बातें संदिग्ध लगीं।
सुबह-सुबह पुलिस को दी गई चोरी की सूचना
पुलिस को सूचना मिली कि घर से लाखों रुपये के जेवर चोरी हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों से जानकारी ली।
इतने बड़े मूल्य के जेवर चोरी होने की सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया। आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई गई और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच शुरू की गई।
पुलिस की टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर चोर घर में किस रास्ते से दाखिल हुआ और वारदात के बाद किस रास्ते से बाहर निकला।
लेकिन जांच के दौरान कहानी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने पूरे मामले को पलट दिया।
बाहर से चोर आया ही नहीं तो जेवर गए कहां?
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर चोर घर में दाखिल कैसे हुआ?
घटना की परिस्थितियों को देखने के बाद पुलिस को ऐसा कोई स्पष्ट रास्ता नहीं मिला, जिससे किसी बाहरी चोर के घर में घुसने की बात आसानी से साबित हो सके। घर में जबरन प्रवेश या बाहर से किसी व्यक्ति के आने-जाने के ठोस संकेत नहीं मिले।
यहीं से पुलिस का शक घर के सदस्यों पर जाने लगा।
पुलिस ने परिवार के लोगों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की। शुरुआत में सभी ने अपने-अपने तरीके से चोरी की बात बताई, लेकिन पुलिस को कुछ जवाब संतोषजनक नहीं लगे।
जांच टीम ने घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की और परिवार के प्रत्येक सदस्य की भूमिका को अलग-अलग देखा।
इसी पूछताछ में पुलिस को बड़ी बहू की भूमिका संदिग्ध लगी।
पूछताछ में खुल गया पूरा राज
पुलिस के मुताबिक, जब बड़ी बहू से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह अपने जवाबों में उलझने लगी। पुलिस ने जब घटनाक्रम से जुड़े सवाल लगातार पूछे तो कथित तौर पर उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए सोने और चांदी के जेवर बरामद कर लिए।
जांच में सामने आया कि घर में किसी बाहरी चोर ने वारदात नहीं की थी। बल्कि बड़ी बहू ने ही देवरानी के जेवर चुराए थे और फिर चोरी का शोर मचाकर परिवार तथा पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
चोरी के बाद खुद ही मचा दिया शोर
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यही है कि कथित तौर पर जेवर चुराने के बाद आरोपी महिला ने खुद ही घर में चोरी होने की बात कही।
इससे परिवार के अन्य सदस्यों को भी लगा कि कोई बाहरी व्यक्ति घर में घुसकर लाखों के जेवर लेकर चला गया है।
पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई।
लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में ही परिस्थितियां सामान्य चोरी से अलग नजर आने लगीं। बाहर से प्रवेश का रास्ता स्पष्ट नहीं था। इसके बाद परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई और आखिरकार कथित साजिश का पर्दाफाश हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि कई बार चोरी की घटनाओं में पुलिस को बाहर के संदिग्धों के बजाय घर के अंदर मौजूद लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखनी पड़ती है।
कुछ ही घंटों में पुलिस ने किया खुलासा
संभल पुलिस के लिए इस मामले की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों में घटना का खुलासा कर दिया गया।
पुलिस ने आरोपी जेठानी को गिरफ्तार कर लिया और चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर भी बरामद कर लिए। बरामद जेवरों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने घटना की जांच में आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली और परिवार के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की। तकनीकी जांच और पूछताछ को एक साथ आगे बढ़ाने से पुलिस को जल्द ही मामले की दिशा समझ में आ गई।
घरेलू कलेश से शुरू हुई कहानी चोरी तक पहुंची
यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे घरेलू रिश्तों में पैदा हुई नाराजगी और आपसी तुलना की बात भी सामने आई है।
परिवार में जब एक बहू को शादी में ज्यादा जेवर मिले तो दूसरी बहू के मन में इसे लेकर असंतोष पैदा हुआ। कथित तौर पर यही असंतोष धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि उसने अपनी देवरानी के जेवर हासिल करने के लिए चोरी की योजना बना डाली।
हालांकि, पुलिस की जांच के अनुसार वास्तविक कारण और पूरी मंशा का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया में ही होगा।
लेकिन प्रारंभिक पुलिस कार्रवाई ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि जिस चोरी से पूरा परिवार परेशान था, उसके पीछे किसी बाहरी गिरोह का हाथ नहीं था।
लाखों के जेवर बरामद, अब कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के साथ चोरी किए गए सभी जेवर बरामद कर लिए हैं। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की कहानी किस तरह तैयार की गई थी और क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।
ऐसे मामलों में पुलिस के लिए सिर्फ आरोपी को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि यह भी पता लगाना जरूरी होता है कि चोरी की गई संपत्ति कहां रखी गई और पुलिस को गुमराह करने के लिए क्या-क्या किया गया।
रिश्तों के बीच लालच ने बदल दी पूरी कहानी
बहजोई की यह घटना कई सवाल छोड़ती है। एक तरफ परिवार में शादी के बाद छोटी बहू के लिए दिए गए जेवर थे, दूसरी तरफ उन्हीं जेवरों को लेकर कथित तौर पर बड़ी बहू के मन में नाराजगी पैदा हुई। देखते ही देखते मामला घरेलू विवाद से चोरी और फिर पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी का आरोप किसी अजनबी पर लगाया गया, लेकिन जांच के बाद शक घर के भीतर ही जाकर रुका।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लाखों रुपये के जेवर बरामद हो गए और कथित झूठी चोरी का पर्दाफाश भी हो गया।
यह मामला यह भी दिखाता है कि किसी भी चोरी की घटना में केवल शिकायत के आधार पर निष्कर्ष निकालना आसान नहीं होता। घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितियां और संदिग्धों के बयान—इन सभी को जोड़कर ही पुलिस असली कहानी तक पहुंचती है।
बहजोई में भी कुछ ऐसा ही हुआ। परिवार जिस चोरी को लेकर सदमे में था, उसका सच घर के अंदर ही छिपा मिला। अब आरोपी महिला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। न्यायिक प्रक्रिया में आरोपों की अंतिम पुष्टि साक्ष्यों और अदालत के निर्णय के आधार पर होगी।
एक तरफ देवरानी के लाखों के जेवर, दूसरी तरफ जेठानी की कथित नाराजगी और फिर चोरी का पूरा नाटक—संभल का यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि जिस चोर को घर के बाहर तलाशा जा रहा था, पुलिस ने आखिरकार उसे घर के अंदर ही खोज निकाला।

कोई टिप्पणी नहीं