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रात में मेला देखकर लौटे, खाना खाया और सो गए… सुबह 5 लाशें मिलीं! संपत्ति विवाद से जुड़ा ऐसा राज खुला कि जांच की दिशा ही बदल गई



ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्रीपदम गांव में शनिवार की सुबह एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। एक ही परिवार के पांच सदस्य—पति, पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे—घर के अंदर मृत मिले। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों की उम्र 11 वर्ष, 7 वर्ष और 3 वर्ष बताई गई है। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है और परिवार से जुड़े पुराने विवादों को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिवार के सदस्य रात में सामान्य रूप से खाना खाने के बाद सोने गए थे। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि परिवार ने रात में नूडल्स या मैगी खाई थी। सुबह जब घर में कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास के लोगों को शक हुआ। इसके बाद घर के अंदर जाकर देखा गया तो परिवार के पांचों सदस्य मृत अवस्था में मिले। सूचना मिलते ही रबूपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

सुबह खुला दरवाजा तो सामने आया खौफनाक मंजर

परिवार के पांच सदस्यों की मौत की खबर सामने आते ही गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह तक घर में कोई हलचल नहीं दिखाई दे रही थी। इसी बीच जब लोगों ने परिवार के बारे में पता करने की कोशिश की तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।

घर में महेश, उनकी पत्नी और तीनों बच्चे मृत मिले। एक ही घर में पांच लोगों की मौत की खबर तेजी से पूरे गांव में फैल गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, ताकि मौत की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

पुलिस की शुरुआती जांच में खाने से जुड़ी समस्या की आशंका सामने आई थी। परिवार ने रात में नूडल्स खाने की बात भी सामने आई। हालांकि बाद की जानकारी में फूड सेफ्टी अधिकारी ने सामान्य फूड पॉइजनिंग की संभावना पर सवाल उठाते हुए किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका से भी इनकार नहीं किया। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पांचों की मौत केवल भोजन के कारण हुई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी।

मौत के पीछे क्या था? कई सवालों में उलझी पूरी कहानी

इस घटना ने सिर्फ गांव को ही नहीं, बल्कि जांच अधिकारियों के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच लोगों की एक साथ मौत सामान्य घटना नहीं है। इसलिए पुलिस अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

एक तरफ रात में खाए गए भोजन और संभावित जहरीले पदार्थ की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ परिवार के पुराने विवादों और संपत्ति से जुड़े मामलों को भी देखा जा रहा है। पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम है कि मौत किसी जहरीली चीज के सेवन से हुई, भोजन से जुड़ी समस्या के कारण हुई, या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

मामले में हत्या या किसी साजिश की आशंका को लेकर भी परिजनों की ओर से गंभीर बातें कही गई हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

परिवार के पुराने संपत्ति विवाद की चर्चा क्यों तेज हुई?

घटना के बाद परिवार के पुराने इतिहास की जानकारी भी सामने आने लगी है। रिपोर्टों के मुताबिक, महेश के परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से तनाव की स्थिति रही थी।

बताया जाता है कि महेश के पिता किशन लाल मूल रूप से दिल्ली के नरेला क्षेत्र के खेड़ा कलां गांव से जुड़े थे। बाद में उन्होंने नगला पदम क्षेत्र में करीब 10 बीघा जमीन खरीदी थी। इसी जमीन और उससे जुड़े मुआवजे को लेकर परिवार में संपत्ति का विवाद होने की बात सामने आई है।

रिपोर्टों के अनुसार, परिवार को जमीन के बदले यमुना प्राधिकरण से करीब 1.25 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। आरोप है कि यह रकम परिवार की तीन बेटियों में बांटी गई और प्राधिकरण से मिले सात प्रतिशत के प्लॉट को भी बेटियों के नाम कर दिया गया। वहीं, दोनों बेटों को अपेक्षित हिस्सा नहीं मिलने की बात परिवार से जुड़े लोगों ने कही है।

हालांकि संपत्ति का बंटवारा परिवार की निजी और कानूनी स्थिति से जुड़ा विषय है। इसका मौजूदा पांच मौतों से सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। केवल पुराने विवाद के आधार पर मौतों का कारण तय नहीं किया जा सकता।

पिता की मौत के बाद भी जारी रहा संपत्ति का विवाद

परिवार से जुड़ी जानकारी के मुताबिक किशन लाल की वर्ष 2023 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद संपत्ति को लेकर परिवार में एक और महत्वपूर्ण फैसला हुआ।

बताया जा रहा है कि किशन लाल की पत्नी चंद्रवती ने दिल्ली स्थित पुश्तैनी मकान भी अपनी दो बेटियों के नाम कर दिया। इसके अलावा नगला पदम में स्थित उस मकान को लेकर भी विवाद की बात सामने आई है, जिसमें महेश अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रह रहा था।

रिपोर्टों के अनुसार, 18 अगस्त 2025 को करीब 167 वर्ग मीटर का यह मकान एक बेटी को बेच दिया गया था। इसी वजह से परिवार में संपत्ति और रहने के अधिकार को लेकर तनाव की चर्चा सामने आई है।

यहां भी यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मकान की बिक्री और मौजूदा मौतों के बीच कोई सीधा संबंध अभी जांच से साबित नहीं हुआ है।

2019 में बड़े भाई राहुल की आत्महत्या ने भी छोड़ा था सवाल

इस परिवार का अतीत पहले से ही बेहद दुखद रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक महेश के बड़े भाई राहुल भी संपत्ति के बंटवारे को लेकर परेशान थे।

परिवार से जुड़े विवरण के अनुसार, राहुल अपने माता-पिता द्वारा बेटियों को संपत्ति दिए जाने से नाराज थे। बताया जाता है कि वह इस वजह से मानसिक तनाव में चले गए थे। वर्ष 2019 में उन्होंने दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर चोला स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

अब वर्षों बाद महेश, उसकी पत्नी और तीन बच्चों की एक साथ मौत ने इस पुराने घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। परिवार के इतिहास में हुई दोनों घटनाओं के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

जांच में सामने आएगा मौत का असली कारण

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पांचों की मौत कैसे हुई।

खाने के नमूने, घर में मौजूद सामान, संभावित जहरीले पदार्थ और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी। अधिकारियों की कोशिश है कि मौत की वजह वैज्ञानिक तरीके से सामने आए और किसी भी संभावना को बिना जांच के खारिज न किया जाए।

खास बात यह भी है कि एक रिपोर्ट में फूड सेफ्टी अधिकारी ने मौके से मिले खाद्य पैकेटों में कोई संदिग्ध या एक्सपायर्ड सामग्री नहीं मिलने की बात कही और सामान्य फूड पॉइजनिंग की संभावना पर सवाल उठाया। इससे जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

गांव में पसरा मातम, हर किसी के मन में एक ही सवाल

महेश और ललिता के तीन छोटे बच्चों की मौत ने इस घटना को और ज्यादा दर्दनाक बना दिया है। जिन बच्चों के लिए परिवार भविष्य के सपने देख रहा था, वे भी इस त्रासदी में अपनी जान गंवा बैठे।

गांव के लोगों के लिए यह घटना सिर्फ पांच मौतों की खबर नहीं है, बल्कि एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसके भीतर लंबे समय से संपत्ति और पारिवारिक तनाव की बातें सामने आती रही थीं। लेकिन इन चर्चाओं के बीच सबसे जरूरी सवाल अभी भी अनसुलझा है—क्या पांचों की मौत भोजन या जहरीले पदार्थ के कारण हुई, या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी?

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम तथा वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार है। जब तक जांच एजेंसियां ठोस सबूतों के आधार पर निष्कर्ष तक नहीं पहुंचतीं, तब तक संपत्ति विवाद, हत्या, आत्महत्या या फूड पॉइजनिंग में से किसी एक को मौत का निश्चित कारण मानना उचित नहीं होगा।

ग्रेटर नोएडा की यह घटना अब कई सवालों के बीच खड़ी है। एक तरफ पांच जिंदगियां अचानक खत्म हो गईं, दूसरी तरफ परिवार के पुराने विवादों ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। आने वाले दिनों में जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, वही बताएंगे कि उस रात आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसने एक पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

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