20 अक्टूबर को दशहरा… क्या बारिश बिगाड़ेगी रावण दहन का मजा? 18 अक्टूबर के बाद मौसम का पूरा राज खुल गया!
उत्तर भारत में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े के साथ मौसम तेजी से बदलने लगा है। दिन में धूप और गर्मी का असर दिखाई दे रहा है, तो सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। इसी बीच नवरात्रि के बाद आने वाले दशहरे को लेकर लोगों के मन में एक सवाल बना हुआ है—क्या दशहरे के दिन बारिश त्योहार का मजा बिगाड़ सकती है?
साल 2026 में विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। देश के अधिकांश हिस्सों में इसी दिन रावण दहन और विजयादशमी के कार्यक्रम आयोजित होंगे। हालांकि दशमी तिथि 21 अक्टूबर तक रहने के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार तारीख में अंतर देखने को मिल सकता है।
मौसम के लिहाज से 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच का समय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी हुई हैं, जबकि उत्तर भारत के कई इलाकों में मानसून की विदाई के बाद मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा क्षेत्रीय पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 18 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली जैसी गतिविधियों की चेतावनी है, लेकिन 19 से 24 अक्टूबर तक कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
18 अक्टूबर को यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
18 अक्टूबर का दिन उत्तर प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से थोड़ा मिला-जुला रह सकता है। IMD के क्षेत्रीय चेतावनी पेज के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली की संभावना दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 18 अक्टूबर को कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
इसका मतलब यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में एक जैसी स्थिति रहने की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में बादल छा सकते हैं या स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में मौसम साफ और शुष्क रह सकता है।
ऐसे में जिन लोगों ने 18 अक्टूबर को धार्मिक कार्यक्रम, बाजार या यात्रा की योजना बनाई है, उन्हें अपने जिले का स्थानीय पूर्वानुमान जरूर देखना चाहिए।
दशहरा 20 अक्टूबर को है, क्या उस दिन बारिश होगी?
अब सबसे बड़ा सवाल दशहरे को लेकर है। 20 अक्टूबर को देश के अधिकांश हिस्सों में विजयादशमी मनाई जाएगी। रावण दहन के कार्यक्रम आमतौर पर शाम के समय आयोजित किए जाते हैं, इसलिए उस समय मौसम की स्थिति सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।
IMD की 18 अक्टूबर को जारी क्षेत्रीय चेतावनी के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक कोई चेतावनी नहीं है। इसका अर्थ यह है कि मौजूदा पूर्वानुमान के आधार पर दशहरे के दिन उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश या बड़े स्तर के खराब मौसम का अलर्ट फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है।
हालांकि मौसम पूर्वानुमान लगातार अपडेट होते रहते हैं। स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल, हवा की दिशा और नमी में बदलाव के कारण किसी खास जिले में मौसम अलग हो सकता है। इसलिए दशहरे के कार्यक्रम वाले दिन सुबह और दोपहर में जारी होने वाला ताजा स्थानीय पूर्वानुमान ज्यादा उपयोगी रहेगा।
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद बदल रहा मौसम
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर 2026 को पूरे देश से विदा हो चुका है। मानसून की वापसी के बाद उत्तर भारत में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगता है।
मानसून की विदाई के बाद वातावरण में नमी कम होने लगती है और आसमान साफ रहने के साथ रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि उत्तर भारत के कई शहरों में सुबह और रात के समय मौसम सुहावना महसूस होने लगा है।
दिन के समय धूप के कारण तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है, लेकिन सूर्यास्त के बाद हल्की ठंडक बढ़ने की संभावना रहती है।
18 अक्टूबर के बाद कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मौजूदा क्षेत्रीय पूर्वानुमान को देखें तो 18 अक्टूबर के बाद उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होती दिखाई दे रही हैं। खासकर 19 अक्टूबर से आगे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए जारी चेतावनी में कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
इससे संकेत मिलता है कि प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे स्थिर और शुष्क दिशा में जा सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी जिले में बिल्कुल बारिश नहीं हो सकती। स्थानीय और हल्की बारिश की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
दशहरे के आसपास लोगों को सुबह और रात में हल्की ठंडक और दिन में सामान्य गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
रावण दहन के समय कैसा रह सकता है मौसम?
दशहरे पर सबसे ज्यादा भीड़ शाम के समय रावण दहन देखने के लिए निकलती है। खुले मैदानों में बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में बारिश के साथ-साथ तेज हवा और बिजली चमकने जैसी स्थिति भी

कोई टिप्पणी नहीं