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नागपुर में एक रात, दो खौफनाक घटनाएं! बेटी ने उठाया क्रिकेट बैट तो दूसरी तरफ भीड़ ने कर दी ऐसी पिटाई, दोनों मामलों में मौत से मचा हड़कंप



महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना में एक 17 वर्षीय किशोरी पर अपने 45 वर्षीय पिता के सिर पर क्रिकेट बैट से हमला करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय पिता कथित तौर पर शराब के नशे में था और बेटी के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करने की कोशिश कर रहा था। विरोध के बाद घर में विवाद बढ़ा और इसी दौरान किशोरी ने बचाव में बैट से पिता के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद पिता की मौत हो गई।

दूसरी घटना नागपुर के पारडी थाना क्षेत्र की है, जहां 9 वर्षीय बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में एक 35 वर्षीय व्यक्ति की स्थानीय लोगों ने जमकर पिटाई कर दी। घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग कार्रवाई शुरू कर दी है।

17 वर्षीय बेटी ने पुलिस को खुद फोन किया

पहली घटना नागपुर के एमआईडीसी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 45 वर्षीय जयपाल बारेलाल खोलपिटणे के रूप में हुई है। वहीं, घटना में शामिल 17 वर्षीय लड़की 12वीं कक्षा की छात्रा है।

बताया गया है कि जयपाल को शराब पीने की आदत थी और शराब के कारण परिवार में अक्सर विवाद की स्थिति बनती रहती थी। घटना वाली रात भी वह कथित तौर पर शराब के नशे में घर पहुंचा था।

पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसने अपनी नाबालिग बेटी के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक तरीके से जबरदस्ती करने की कोशिश की। किशोरी ने इसका विरोध किया। आरोप है कि विरोध के बाद पिता ने उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।

इसी दौरान किशोरी ने घर में रखा क्रिकेट बैट उठाया और पिता के सिर पर वार कर दिया।

हमले में पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद किशोरी ने कथित तौर पर खुद 112 नंबर पर फोन किया और पुलिस को अपने पिता पर हमला किए जाने की जानकारी दी। यह पहल जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पुलिस को घटना की जानकारी परिवार या किसी पड़ोसी के माध्यम से नहीं, बल्कि किशोरी की ओर से मिली।

पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लिया

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर एमआईडीसी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने 17 वर्षीय लड़की को हिरासत में लिया है। चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए उसके मामले में सामान्य वयस्क आरोपी की तरह प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी। उसे किशोर न्याय व्यवस्था के तहत संबंधित प्रक्रिया से गुजरना होगा।

बताया गया है कि किशोरी को अमरावती स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में वास्तव में क्या हुआ था और हमले की परिस्थितियां क्या थीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी सामने आएगी अहम जानकारी

पिता की मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण और चोटों की गंभीरता को स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों तथा परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि परिवार में पहले से किस तरह के विवाद होते थे और क्या इससे पहले किसी प्रकार की शिकायत या घटना सामने आई थी।

फिलहाल पुलिस ने मामले को जांच के दायरे में रखा है। किशोरी द्वारा लगाए गए कथित आरोपों और घटना के दौरान आत्मरक्षा की स्थिति वास्तव में कैसी थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

दूसरी घटना में भीड़ ने आरोपी को घेरा

नागपुर में इसी दौरान एक दूसरी गंभीर घटना सामने आई। पारडी थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में एक 35 वर्षीय व्यक्ति की लोगों ने पिटाई कर दी।

पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की पहचान पारडी के शिवनगर निवासी नारायण दास मोहनदास वैष्णव के रूप में हुई है। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला बताया गया है और नागपुर में मजदूरी करता था।

आरोप है कि सोमवार रात उसने बच्ची के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकत की। बच्ची ने शोर मचाकर घटना की जानकारी अपने माता-पिता और आसपास के लोगों को दी।

इसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कथित आरोपी को पकड़ लिया।

8 से 10 लोगों पर मारपीट का आरोप

पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, भीड़ में मौजूद करीब 8 से 10 लोगों ने नारायण दास के साथ मारपीट की। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तब तक कथित हमलावर वहां से फरार हो चुके थे।

मारपीट में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद पुलिस ने कथित तौर पर बच्ची के साथ अपराध के आरोप से जुड़े मामले में पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई शुरू की है। साथ ही, भीड़ द्वारा की गई मारपीट और व्यक्ति की मौत को लेकर भी अलग से जांच की जा रही है।

CCTV फुटेज से आरोपियों की तलाश

पुलिस अब घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जिन्होंने कथित तौर पर व्यक्ति को पकड़कर उसके साथ मारपीट की।

पुलिस के अनुसार, कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। हालांकि, अभी तक जांच में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

इस मामले में पुलिस के सामने चुनौती यह भी है कि कथित अपराध की जांच और उसके बाद हुई भीड़ की हिंसा—दोनों पहलुओं को अलग-अलग तरीके से देखा जाए।

कानून हाथ में लेने से नहीं मिलता न्याय

दूसरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गंभीर अपराध के आरोप लगने के बाद भी लोगों को कानून अपने हाथ में लेने से बचना चाहिए। किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगना और अदालत में अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं।

यदि किसी बच्चे के साथ अपराध का संदेह हो, तो सबसे जरूरी कदम पुलिस को सूचना देना और पीड़ित बच्चे को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। भीड़ द्वारा हिंसा करने से स्थिति और गंभीर हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप एक अलग आपराधिक मामला भी बन सकता है।

दोनों घटनाओं की जांच जारी

नागपुर की इन दोनों घटनाओं में पुलिस अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। पहली घटना में यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि पिता और बेटी के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और हमले के समय परिस्थितियां कैसी थीं। दूसरी घटना में पुलिस कथित बाल अपराध और उसके बाद हुई भीड़ की हिंसा, दोनों की जांच कर रही है।

पहली घटना में नाबालिग लड़की के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उसके द्वारा बताए गए घटनाक्रम की जांच किशोर न्याय व्यवस्था के तहत होगी। वहीं दूसरी घटना में बच्ची की सुरक्षा और गोपनीयता सबसे महत्वपूर्ण है।

दोनों मामलों में पुलिस की जांच, मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज और गवाहों के बयान आगे की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। दोनों मामलों में अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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