“‘मां मेरा अंतिम समय है... ओबरा डैम पर हूं’, फिर फोन हुआ बंद... 5 दिन बाद पानी में मिला हिमांशु का शव, मौत के पीछे क्या है राज?”
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र से एक युवक की मौत का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परिवार और ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। गोठानी गांव निवासी 24 वर्षीय हिमांशु मिश्रा 25 सितंबर को घर से लापता हो गया था। घर से निकलने के कुछ समय बाद उसने अपनी मां को फोन किया। परिजनों के अनुसार, फोन पर हिमांशु ने ऐसी बातें कहीं, जिन्हें सुनकर परिवार की चिंता बढ़ गई थी। उसने अपनी मां से कहा था कि “मां, मेरा अंतिम समय है, ओबरा डैम पर हूं।” इसके साथ ही उसने यह भी कहा था कि अगर कोई उन्हें परेशान करे तो जहर खाकर मर जाना।
इसके बाद हिमांशु का मोबाइल फोन बंद हो गया और परिवार के लोगों का उससे संपर्क नहीं हो सका। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। पिता सुरेंद्र मिश्रा ने उसी दिन जुगैल थाने में बेटे के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की। पांच दिन बाद गुरुवार की शाम ओबरा डैम में एक शव उतराता हुआ मिला। शव की पहचान हिमांशु मिश्रा के रूप में की गई।
मछली पकड़ने गए बच्चों ने पानी में देखा शव
बताया गया कि गुरुवार की शाम कुछ बच्चे ओबरा डैम की तरफ मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में उतराए एक शव पर पड़ी। पानी में शव दिखाई देने के बाद बच्चों ने इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद शव की पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। परिजनों को जानकारी दी गई तो वे भी मौके पर पहुंचे। पहचान के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
हिमांशु के पांच दिन से लापता होने और अब उसका शव ओबरा डैम में मिलने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
25 सितंबर को मां से हुई थी आखिरी बातचीत
परिवार के मुताबिक, हिमांशु 25 सितंबर को घर से निकला था। काफी देर बाद उसने अपनी मां को फोन किया था। यही बातचीत उसकी आखिरी बातचीत साबित हुई। परिजनों के अनुसार, फोन पर हिमांशु ने अपनी मां से कहा था कि वह ओबरा डैम पर है और उसका अंतिम समय है।
इस बातचीत के बाद परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई थी। जब हिमांशु वापस घर नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी संपर्क में नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रिश्तेदारों और परिचितों से भी उसके बारे में जानकारी ली गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
इसके बाद उसके पिता सुरेंद्र मिश्रा ने जुगैल थाना पहुंचकर बेटे के लापता होने की तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बेटे की आखिरी बातचीत का भी उल्लेख किया था। पुलिस ने मामले को गुमशुदगी के तौर पर लेते हुए युवक की तलाश शुरू की थी।
पिता ने तहरीर में कुछ लोगों का नाम देने की बात कही
परिवार की ओर से मामले में एक और गंभीर बात सामने आई है। स्वजन का आरोप है कि हिमांशु को कुछ लोग पहले से धमकी दे रहे थे। परिजनों के अनुसार, उसके पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में कुछ लोगों के नाम भी बताए थे।
परिवार ने आशंका जताई है कि जिन लोगों से हिमांशु को कथित तौर पर खतरा था, उनकी भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। स्वजन ने युवक की मौत को लेकर हत्या की आशंका भी व्यक्त की है।
हालांकि, अभी तक हत्या की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
जुगैल थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रताप वर्मा के मुताबिक, युवक के लापता होने की तहरीर मिलने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने अपने स्तर से युवक का पता लगाने का प्रयास किया था। पांच दिन बाद ओबरा डैम में उसका शव मिलने की सूचना मिली।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकलवाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी की गई है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हिमांशु की मौत पानी में डूबने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि वह ओबरा डैम तक किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसके साथ उस दौरान क्या हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
जुगैल थाना के प्रभारी उपनिरीक्षक अमित सिंह के अनुसार, स्वजन की ओर से दी गई तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि युवक की मौत किस कारण से हुई।
यदि रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि होती है, तब भी पुलिस घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच करेगी। वहीं यदि शरीर पर किसी प्रकार की चोट या अन्य संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ सकती है।
पुलिस यह भी देख सकती है कि हिमांशु की आखिरी मोबाइल लोकेशन कहां थी, उसने किन लोगों से बातचीत की थी और घर से निकलने के बाद वह किन रास्तों से ओबरा डैम तक पहुंचा। हालांकि, इन बिंदुओं पर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
हिमांशु की मौत के बाद परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति ने उसे धमकी दी थी तो उसकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि हिमांशु की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
एक तरफ उसकी मां से हुई आखिरी बातचीत में ओबरा डैम का जिक्र सामने आया है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों द्वारा कुछ लोगों से खतरे की आशंका जताई जा रही है। इन दोनों पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच आगे बढ़ा दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर यह तय होगा कि हिमांशु की मौत दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य परिस्थिति में हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पांच दिन तक लापता रहने के बाद ओबरा डैम में हिमांशु का शव मिलने से गोठानी गांव में भी मातम का माहौल है। परिवार अपने बेटे की मौत के कारणों को जानना चाहता है और अब सभी की नजर पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।

कोई टिप्पणी नहीं