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दीपावली से पहले मोदी-योगी सरकार का बड़ा धमाका! करोड़ों महिलाओं को मिलेगा मुफ्त LPG सिलेंडर, जानिए कौन होगा पात्र



लखनऊ। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाखों परिवारों को बड़ी राहत दी है। दीपावली और होली के मौके पर रसोई गैस के खर्च को कम करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त LPG सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने की योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार के इस निर्णय पर अनुमानित 2,142.78 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

सरकार की यह योजना खास तौर पर उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिनके घरों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन है। योजना के तहत एक मुफ्त रिफिल दीपावली के आसपास और दूसरा होली के आसपास उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक और दूसरे चरण में जनवरी से मार्च 2027 तक मुफ्त LPG रिफिल की व्यवस्था रहेगी।

योगी कैबिनेट ने फिर बढ़ाई उज्ज्वला परिवारों की राहत

उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वित्तीय वर्षों से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को त्योहारों के दौरान मुफ्त LPG रिफिल उपलब्ध कराती रही है। अब वित्त वर्ष 2026-27 में भी इस व्यवस्था को जारी रखने का फैसला लिया गया है।

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, पहला मुफ्त सिलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दिया जाएगा। इसका मुख्य संबंध दीपावली के अवसर से है। वहीं दूसरा मुफ्त सिलेंडर जनवरी से मार्च 2027 के बीच दिया जाएगा, जो होली के आसपास उपलब्ध कराया जाएगा।

इसका सीधा असर उन परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है, जिनके लिए त्योहारों के दौरान बढ़ते खर्च के बीच LPG सिलेंडर खरीदना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। खासकर ग्रामीण और निम्न आय वाले परिवारों के लिए मुफ्त रिफिल की यह सुविधा महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है।

कितना खर्च करेगी यूपी सरकार?

मुफ्त LPG रिफिल की इस योजना को जारी रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 2,142.78 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च को मंजूरी दी है।

सरकार का उद्देश्य सिर्फ त्योहारों के दौरान आर्थिक राहत देना नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी है। पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी, उपले और अन्य ठोस ईंधन के मुकाबले LPG का इस्तेमाल घर के अंदर धुएं को कम करता है। इसका सबसे सीधा फायदा महिलाओं और बच्चों को मिल सकता है, क्योंकि खाना पकाने के दौरान घर के अंदर रहने वाले लोग धुएं के संपर्क में कम आते हैं।

हर उज्ज्वला उपभोक्ता को नहीं मिलेगा मुफ्त सिलेंडर

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर मुफ्त LPG सिलेंडर का लाभ किसे मिलेगा?

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, यह सुविधा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए है। खास तौर पर लाभ पाने के लिए लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और आधार प्रमाणीकरण पूरा होना जरूरी है। यानी केवल उज्ज्वला कनेक्शन होना पर्याप्त नहीं माना जाएगा; लाभार्थी की पहचान और बैंक खाते से संबंधित जरूरी प्रक्रिया भी पूरी होनी चाहिए।

इसलिए जिन लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या जिनका आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं हुआ है, उन्हें समय रहते अपनी जानकारी दुरुस्त करा लेनी चाहिए।

पहला सिलेंडर कब मिलेगा?

योजना की समय सीमा को दो चरणों में बांटा गया है।

पहला चरण: अक्टूबर से दिसंबर 2026
दूसरा चरण: जनवरी से मार्च 2027

यानी दीपावली के आसपास पहला मुफ्त रिफिल और होली के आसपास दूसरा मुफ्त रिफिल दिया जाएगा। इससे त्योहारों के दोनों प्रमुख सीजन में उज्ज्वला परिवारों को रसोई गैस के खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर वितरण की प्रक्रिया और गैस बुकिंग से जुड़ी जानकारी अपनी संबंधित LPG एजेंसी से भी जांच लेनी चाहिए।

क्या ₹300 की सब्सिडी भी मिलेगी?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत केंद्र सरकार की लक्षित LPG सब्सिडी भी अलग व्यवस्था है। केंद्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में PMUY लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹300 प्रति रिफिल तक की लक्षित सब्सिडी को मंजूरी दी थी, निर्धारित वार्षिक रिफिल सीमा के भीतर। 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर के लिए यह राशि आनुपातिक आधार पर लागू होती है।

जून 2026 में केंद्र सरकार ने भी बताया था कि उज्ज्वला उपभोक्ताओं को पहले चार रिफिल पर ₹300 प्रति सिलेंडर का DBT लाभ मिल रहा है, जिसके बाद प्रभावी कीमत कम होती है। हालांकि, केंद्र की सब्सिडी और यूपी सरकार की मुफ्त रिफिल योजना को एक ही लाभ नहीं समझना चाहिए। दोनों अलग-अलग सरकारी सहायता व्यवस्थाएं हैं।

उज्ज्वला योजना की शुरुआत कब हुई थी?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराना था।

योजना के शुरुआती चरण में सरकार ने 8 करोड़ LPG कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था, जिसे सितंबर 2019 तक हासिल कर लिया गया। इसके बाद उज्ज्वला 2.0 के माध्यम से योजना का विस्तार किया गया।

सरकारी PMUY पोर्टल के अनुसार, 23 सितंबर 2026 तक देश में 10,56,85,306 PMUY कनेक्शन जारी किए जा चुके थे। यानी योजना का दायरा अब 10.5 करोड़ से अधिक कनेक्शनों तक पहुंच चुका है।

नया उज्ज्वला कनेक्शन लेने के लिए क्या शर्तें हैं?

अगर कोई महिला अभी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का नया कनेक्शन लेना चाहती है, तो आधिकारिक PMUY जानकारी के अनुसार आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

इसके अलावा आवेदक के परिवार में पहले से कोई अन्य LPG कनेक्शन नहीं होना चाहिए। योजना में पात्रता के लिए गरीब परिवारों से संबंधित निर्धारित श्रेणियां और गरीब परिवार के लिए आवश्यक घोषणा संबंधी प्रावधान भी लागू होते हैं।

आवेदन के लिए KYC, राशन कार्ड अथवा परिवार की संरचना प्रमाणित करने वाला संबंधित दस्तावेज और आधार जैसे दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं। आधिकारिक PMUY पोर्टल पर पात्रता और दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।

मुफ्त सिलेंडर पाने के लिए क्या करें?

जिन महिलाओं के पास पहले से उज्ज्वला कनेक्शन है, उन्हें सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता आधार से लिंक है और आधार प्रमाणीकरण पूरा है।

इसके साथ ही LPG कनेक्शन में दर्ज मोबाइल नंबर और KYC की जानकारी भी सही रखना उपयोगी है। सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया अपनी LPG कंपनी और स्थानीय वितरक के नियमों के अनुसार करनी होगी।

नए कनेक्शन के लिए आधिकारिक PMUY पोर्टल पर आवेदन विकल्प उपलब्ध है। वहां से उपभोक्ता अपने क्षेत्र के LPG वितरक की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

त्योहारों पर क्यों अहम है सरकार का यह फैसला?

दीपावली और होली दोनों ही ऐसे त्योहार हैं जब परिवारों के खर्च सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाते हैं। घर की सफाई, कपड़े, मिठाई, पूजा सामग्री और अन्य जरूरी सामान के साथ रसोई का खर्च भी बढ़ता है।

ऐसे समय में LPG सिलेंडर पर होने वाला खर्च गरीब परिवारों के बजट को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि सरकार की मुफ्त रिफिल योजना को आर्थिक राहत के साथ-साथ सामाजिक कल्याण की योजना के रूप में देखा जा रहा है।

इसका दूसरा महत्वपूर्ण पहलू स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाना है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, PMUY परिवारों में LPG खपत समय के साथ बढ़ी है। वित्त वर्ष 2024-25 में PMUY उपभोक्ताओं की औसत प्रति व्यक्ति खपत लगभग 4.47 रिफिल तक पहुंची थी।

लाभार्थी इन बातों का रखें ध्यान

मुफ्त सिलेंडर योजना का लाभ लेने वाले परिवारों को कुछ जरूरी बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

  • बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।

  • आधार प्रमाणीकरण पूरा होना चाहिए।

  • LPG कनेक्शन की KYC जानकारी सही होनी चाहिए।

  • मोबाइल नंबर और बैंक विवरण में किसी गलती की स्थिति में संबंधित एजेंसी से संपर्क करना चाहिए।

  • मुफ्त रिफिल की तारीख और बुकिंग प्रक्रिया के लिए अपनी LPG एजेंसी से जानकारी लेते रहना चाहिए।

  • किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक PIN या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए।

महिलाओं के लिए राहत, परिवारों के बजट पर असर

योगी सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब दीपावली का त्योहार नजदीक है। वित्त वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त LPG रिफिल उपलब्ध कराने की मंजूरी से उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को साल में दो प्रमुख त्योहारों के दौरान रसोई गैस के खर्च में राहत मिल सकती है।

राज्य सरकार का अनुमानित ₹2,142.78 करोड़ का खर्च यह बताता है कि योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने की तैयारी है। वहीं केंद्र की ओर से PMUY के लिए दी जाने वाली लक्षित सब्सिडी अलग सहायता व्यवस्था है।

कुल मिलाकर, दीपावली 2026 से पहले उत्तर प्रदेश के उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए यह बड़ा राहत वाला फैसला है। लेकिन लाभ लेने से पहले आधार प्रमाणीकरण और बैंक खाते से जुड़ी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इसलिए पात्र लाभार्थियों को अपनी जानकारी समय रहते जांच लेनी चाहिए, ताकि मुफ्त रिफिल का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

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