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आसमान में बन रहा बड़ा सिस्टम! 12 अक्टूबर को अचानक बदलेगा मौसम, इन राज्यों में आंधी-बिजली का अलर्ट



देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जहां कई राज्यों में दिन के समय गर्मी महसूस हो रही है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 12 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की संभावना है।

मौसम में यह बदलाव अचानक नहीं आया है। इसके पीछे उत्तर-पश्चिम भारत में एक साथ सक्रिय कई मौसमी प्रणालियां जिम्मेदार हैं। IMD के अनुसार हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। निचले स्तर पर उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर एक ट्रफ भी बनी हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मौसम अस्थिर रह सकता है।

हालांकि, एक जरूरी बात यह है कि हर राज्य में 12 अक्टूबर को बारिश या आंधी का एक जैसा असर नहीं रहेगा। IMD की 11 अक्टूबर की चेतावनी में पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए 12 अक्टूबर को थंडरस्टॉर्म, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट दिया गया है, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए उस दिन कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। इसलिए किसी एक वेदर सिस्टम के आधार पर पूरे उत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना मानना सही नहीं होगा।

पंजाब में 12 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

पंजाब में 12 अक्टूबर को मौसम में हलचल देखने को मिल सकती है। IMD ने राज्य के लिए गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।

ऐसे मौसम में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खेतों में यदि फसल कट चुकी है और उपज खुले में रखी है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखना या तिरपाल से ढकना बेहतर होगा। तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे जोखिम पैदा कर सकते हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ या अकेले खड़े ऊंचे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

हरियाणा में आंधी के साथ बिजली का खतरा

हरियाणा में 12 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय रह सकता है। IMD ने राज्य के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके कुछ स्थानों पर परेशानी बढ़ा सकते हैं।

राज्य के कई हिस्सों में 11 से 16 अक्टूबर के बीच छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना भी बताई गई है। 12 अक्टूबर को बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत ज्यादा व्यापक रहने का अनुमान है।

इस दौरान वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवाओं के दौरान सड़क किनारे लगे होर्डिंग, पेड़ या कमजोर ढांचे गिरने का खतरा रहता है।

दिल्ली-एनसीआर में क्या होगा?

दिल्ली के मौसम को लेकर तस्वीर थोड़ी मिश्रित है। IMD की नवीनतम उप-विभागीय चेतावनी में 12 अक्टूबर को दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।

वहीं शहर के पूर्वानुमान में 12 अक्टूबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री तथा न्यूनतम करीब 23 डिग्री रहने का अनुमान दिया गया है। इसका मतलब है कि पूरे दिल्ली-NCR में लगातार बारिश जरूरी नहीं है, बल्कि मौसम में स्थानीय स्तर पर बदलाव हो सकता है।

इसलिए दिल्ली वालों को आसमान में बादल देखकर भारी बारिश की उम्मीद करने के बजाय स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए। खासकर दोपहर और शाम के समय अचानक तेज हवा या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभी नहीं, आगे बढ़ेगा असर

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम का बड़ा बदलाव 12 अक्टूबर के बजाय उसके बाद ज्यादा दिखाई दे सकता है। IMD के अनुसार 13 और 16 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि 14-15 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 14 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली की संभावना भी जताई गई है।

इसका असर पहाड़ी इलाकों में तापमान पर भी पड़ सकता है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से ठंडा हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश में 12 अक्टूबर को क्या होगा?

हिमाचल प्रदेश में 12 अक्टूबर को IMD की उप-विभागीय चेतावनी में कोई विशेष अलर्ट दर्ज नहीं है। हालांकि राज्य में 11 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है। गरज-चमक और बिजली की गतिविधि 13 और 14 अक्टूबर को ज्यादा संभावित बताई गई है।

इसलिए हिमाचल जाने वाले पर्यटकों को अगले कुछ दिनों के मौसम पर नजर रखनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है और बारिश के दौरान यात्रा की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी

उत्तराखंड में भी 11 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि 12 अक्टूबर के लिए IMD की उप-विभागीय चेतावनी में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है।

इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है। यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्या होगा?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 12 अक्टूबर को IMD की नवीनतम चेतावनी में कोई विशेष अलर्ट नहीं है। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर और फिर 14 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।

इसलिए मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में 12 अक्टूबर को बहुत बड़े बारिश वाले सिस्टम की बात करना जल्दबाजी होगी। मौसम मुख्य रूप से स्थानीय बादलों और तापमान में बदलाव के साथ रह सकता है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम रहेगा अपेक्षाकृत शांत

लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 12 अक्टूबर को IMD ने कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है।

इससे संकेत मिलता है कि 12 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर आंधी या भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि अक्टूबर में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है, इसलिए सुबह और रात के समय मौसम दिन की तुलना में कुछ सुहाना महसूस हो सकता है।

राजस्थान में 12 अक्टूबर को क्या होगा?

राजस्थान में भी मौसम सभी हिस्सों में एक जैसा नहीं रहेगा। IMD के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में 11 अक्टूबर को तेज हवाओं की संभावना थी, जबकि 12 अक्टूबर के लिए पश्चिमी राजस्थान में कोई विशेष चेतावनी नहीं है। पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना पहले के पूर्वानुमानों में जताई गई थी, लेकिन नवीनतम चेतावनी में 12 अक्टूबर को कोई विशेष अलर्ट दर्ज नहीं है।

इसलिए जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जैसे पश्चिमी इलाकों में धूलभरी हवा का असर 11 अक्टूबर के आसपास ज्यादा महत्वपूर्ण रहा, जबकि 12 अक्टूबर को स्थिति अपेक्षाकृत शांत रहने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड में भी बदल रहा मौसम

मानसून की वापसी के बीच बिहार और झारखंड में भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। IMD के अनुसार झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। वहीं बिहार में 11 अक्टूबर और फिर 15-16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है।

झारखंड में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना

ओडिशा में 11 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD ने राज्य में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति का भी पूर्वानुमान दिया है।

तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए। समुद्र से जुड़े काम करने वाले लोगों के लिए हवा और बारिश की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश

छत्तीसगढ़ में 12 से 16 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। खासकर 12 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

किसानों को खुले में रखी उपज को सुरक्षित करने और तेज हवाओं के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।

मध्य प्रदेश में भी दिखेगा मौसम का असर

मध्य प्रदेश में 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। IMD के अनुसार निचले स्तर पर उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश तक ट्रफ बनी हुई है, जो मौसम में अस्थिरता पैदा करने वाले सिस्टम का हिस्सा है।

हालांकि पूरे मध्य प्रदेश में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है।

किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली के समय पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए और खुले मैदान में रहने से भी बचना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान घर की छतों और बालकनी में रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करना बेहतर होगा।

किसानों के लिए कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने की सलाह महत्वपूर्ण है। बागवानी फसलों और कमजोर पौधों को तेज हवा से नुकसान से बचाने के लिए सहारा देने की भी सलाह दी गई है।

आगे क्या होगा?

12 अक्टूबर के बाद भी उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह स्थिर होने में कुछ समय लग सकता है। IMD के अनुसार पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान भी कुछ स्तर पर गरज-चमक की गतिविधि बनी रह सकती है, जबकि 16 अक्टूबर के बाद इन क्षेत्रों में विशेष चेतावनी नहीं है।

वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 से 16 अक्टूबर के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधि बढ़ सकती है। दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में भी एक नया सिस्टम विकसित होने की संभावना है। IMD के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के आसपास 13 अक्टूबर के करीब कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर आगे दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के मौसम पर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर 12 अक्टूबर को उत्तर भारत के लिए मौसम का सबसे बड़ा अपडेट पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली की संभावना है। लेकिन पूरे उत्तर भारत में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 12 अक्टूबर को IMD की नवीनतम चेतावनी में कोई विशेष अलर्ट नहीं है। इसलिए लोगों को अफवाहों के बजाय अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और IMD की ताजा चेतावनियों पर भरोसा करना चाहिए।

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