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अक्टूबर में LPG को लेकर बड़ा बदलाव! त्योहारों से पहले बढ़ सकती है गैस की खपत, जानिए 5 किलो के ‘छोटू’ सिलिंडर में छुपा बड़ा फायदा



अक्टूबर का महीना शुरू होते ही देश में त्योहारों का माहौल बनने लगा है। नवरात्रि से लेकर दशहरा और आगे आने वाले दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के कारण घरों से लेकर बाजारों और छोटे कारोबारों तक गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। इसका सीधा असर रसोई गैस की खपत पर भी पड़ सकता है। ऐसे समय में LPG को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में पैदा हुए संकट के बाद भारत में LPG की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर सरकार तथा तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं। इसी दौरान छोटे उपभोक्ताओं और सीमित गैस जरूरत वाले लोगों के लिए 5 किलोग्राम का LPG सिलिंडर भी चर्चा में आया। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इसे ‘छोटू’ सिलिंडर के नाम से उपलब्ध कराती है।

सबसे खास बात यह है कि इस सिलिंडर के लिए ग्राहकों को सामान्य बड़े घरेलू सिलिंडर की तरह भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा सिलिंडर वापस करने पर तय रकम वापस मिलने की सुविधा भी इसे अलग बनाती है।

त्योहारों में क्यों बढ़ सकती है LPG की मांग?

अक्टूबर आते ही घरों में खाना बनाने और पकवान तैयार करने का सिलसिला बढ़ जाता है। त्योहारों के दौरान घरों में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा खाना बनता है। मिठाइयों और अन्य व्यंजनों की तैयारी के अलावा रिश्तेदारों और मेहमानों के आने-जाने से भी रसोई में गैस की खपत बढ़ सकती है।

दूसरी ओर, बाजारों में भी त्योहारों के दौरान गतिविधियां बढ़ती हैं। मिठाई की दुकानें, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे छोटे-बड़े खाद्य कारोबार LPG का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में घरेलू और कमर्शियल दोनों क्षेत्रों में गैस की मांग में तेजी आने की संभावना रहती है।

यही वजह है कि सितंबर में LPG की खपत में दर्ज गिरावट के बाद अक्टूबर का आंकड़ा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आखिर क्या है 5 किलो वाला ‘छोटू’ सिलिंडर?

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से उपलब्ध कराया जाने वाला ‘छोटू’ LPG सिलिंडर 5 किलोग्राम गैस की क्षमता वाला सिलिंडर है। इसका उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को सुविधा देना है जिनकी LPG की खपत कम है या जिन्हें बड़े सिलिंडर की जरूरत नहीं पड़ती।

यह खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो काम या रोजगार के सिलसिले में अपने घर से दूर किसी दूसरे शहर में रहते हैं। प्रवासी कामगार, छात्र, अकेले रहने वाले लोग और छोटे परिवारों के लिए कम क्षमता वाला सिलिंडर सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।

इसके अलावा ऐसे लोग जिनके घर में LPG की खपत कम होती है या जिनके पास बड़े सिलिंडर को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, वे भी इस विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कहां से मिलेगा ‘छोटू’ सिलिंडर?

छोटू सिलिंडर लेने के लिए ग्राहक इंडेन के वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा इंडियन ऑयल के रिटेल आउटलेट और कुछ चुनिंदा किराना स्टोर तथा लोकल सुपरमार्केट पर भी इसकी उपलब्धता हो सकती है।

इसकी एक खास सुविधा यह बताई गई है कि सिलिंडर को एक जगह से लेने के बाद रिफिल के लिए ग्राहक को उसी स्थान पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। देशभर में उपलब्ध बिक्री केंद्र या संबंधित इंडेन डिस्ट्रीब्यूटरशिप से रिफिल कराया जा सकता है।

इस सुविधा से उन लोगों को काफी राहत मिल सकती है जो नौकरी या काम के कारण लगातार एक शहर से दूसरे शहर में जाते रहते हैं।

सिलिंडर वापस करने पर मिलेंगे 500 रुपये

छोटू सिलिंडर की सबसे आकर्षक सुविधाओं में से एक इसकी रिफंड व्यवस्था है। इसे खरीदने के लिए भारी सिक्योरिटी डिपॉजिट की आवश्यकता नहीं होती।

ग्राहक जब इस सिलिंडर को वापस करना चाहें तो उन्हें 500 रुपये की निश्चित राशि वापस मिलने की सुविधा बताई गई है। खास बात यह है कि सिलिंडर कितने दिनों तक इस्तेमाल किया गया है, इससे इस निश्चित रिफंड राशि पर असर नहीं पड़ता।

यानी जो ग्राहक कुछ समय के लिए ही दूसरे शहर में रह रहे हैं, उनके लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है। काम पूरा होने या शहर छोड़ने के बाद वे सिलिंडर वापस कर सकते हैं।

घर तक भी पहुंच सकता है छोटू सिलिंडर

छोटू सिलिंडर के लिए होम डिलीवरी की सुविधा का विकल्प भी मौजूद है। ग्राहक प्वाइंट ऑफ सेल्स के माध्यम से अतिरिक्त शुल्क देकर इसे घर तक मंगवा सकते हैं।

बताई गई व्यवस्था के अनुसार होम डिलीवरी के लिए 25 रुपये प्रति रिफिल का अतिरिक्त डिलीवरी चार्ज देना पड़ सकता है।

इससे उन ग्राहकों को सुविधा मिल सकती है जिन्हें गैस सिलिंडर लेने के लिए बार-बार बिक्री केंद्र तक जाने में परेशानी होती है।

सितंबर में क्यों कम हुई LPG की खपत?

LPG बाजार के लिए सितंबर का आंकड़ा कुछ अलग तस्वीर दिखाता है। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सितंबर में LPG की खपत सालाना आधार पर 9.15 प्रतिशत घटकर 26.36 लाख टन रह गई।

पिछले साल सितंबर में LPG की खपत लगभग 29.02 लाख टन दर्ज की गई थी। यानी एक साल के अंतराल में खपत में उल्लेखनीय कमी आई।

अब सवाल यह है कि जब LPG की जरूरत लगातार बनी हुई है तो सितंबर में इसकी मांग आखिर क्यों कम हुई?

PNG नेटवर्क के विस्तार का भी पड़ा असर

पश्चिम एशिया संकट के बाद ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर भी ध्यान बढ़ा है। सरकार की ओर से रसोई गैस पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG नेटवर्क को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

जहां PNG की सुविधा उपलब्ध हुई है, वहां कुछ उपभोक्ताओं ने LPG सिलिंडर की जगह पाइप से मिलने वाली गैस का इस्तेमाल शुरू किया है। इससे LPG की मांग पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

इसके अलावा कई शहरों और क्षेत्रों में लोग खाना बनाने के दूसरे विकल्पों की ओर भी बढ़ रहे हैं।

महंगे कमर्शियल सिलिंडर के बाद बदला विकल्प

कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमतों में बदलाव का असर भी कारोबारियों पर पड़ता है। रेस्टोरेंट, ढाबे, चाय की दुकानें और छोटे खाद्य कारोबार अपनी लागत कम रखने के लिए वैकल्पिक साधनों पर विचार करते हैं।

इसी वजह से कुछ व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हे जैसे विकल्पों को अपनाना शुरू किया है। इससे भी कमर्शियल LPG की मांग प्रभावित हो सकती है।

हालांकि त्योहारों के दौरान तस्वीर बदलने की संभावना है।

अक्टूबर में फिर बढ़ सकती है खपत

सितंबर में LPG की मांग कम रहने के बाद अक्टूबर में इसमें दोबारा तेजी आने की उम्मीद की जा रही है। त्योहारों के कारण घरों में खाना पकाने की गतिविधियां बढ़ेंगी तो घरेलू LPG की खपत पर असर पड़ सकता है।

वहीं बाजारों में मिठाई, खानपान और अन्य खाद्य कारोबारों की गतिविधियां बढ़ने से कमर्शियल LPG की जरूरत भी बढ़ सकती है।

यही वजह है कि अक्टूबर LPG बाजार के लिए महत्वपूर्ण महीना बन सकता है।

छोटू सिलिंडर किन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी?

5 किलो वाला छोटू सिलिंडर खास तौर पर इन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है—

  • दूसरे शहर में रहने वाले प्रवासी कामगार।

  • छात्र और अकेले रहने वाले लोग।

  • छोटे परिवार।

  • कम LPG खपत वाले ग्राहक।

  • सीमित जगह वाले छोटे घर।

  • ऐसे लोग जिन्हें बड़े सिलिंडर की आवश्यकता नहीं होती।

  • अस्थायी रूप से किसी शहर में रहने वाले लोग।

हालांकि LPG सिलिंडर लेने से पहले ग्राहकों को अपने क्षेत्र में इसकी उपलब्धता, कीमत, नियम और वितरण संबंधी जानकारी संबंधित अधिकृत बिक्री केंद्र से जरूर जांच लेनी चाहिए।

त्योहारों के बीच असली चुनौती क्या होगी?

अक्टूबर में LPG की मांग बढ़ने की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना होगी। त्योहारों के दौरान अचानक मांग बढ़ने पर उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल मिलना जरूरी है।

यही वजह है कि आने वाले दिनों में LPG की उपलब्धता, कीमत और खपत से जुड़े आंकड़ों पर लोगों की नजर बनी रहेगी।

फिलहाल सितंबर की कम खपत के बाद अक्टूबर में त्योहारों के कारण LPG की मांग में संभावित उछाल एक दिलचस्प बदलाव हो सकता है। एक तरफ PNG, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ त्योहारों के मौसम में LPG की पारंपरिक मांग फिर जोर पकड़ सकती है।

ऐसे में 5 किलो वाला छोटू सिलिंडर उन लोगों के लिए एक विकल्प बनकर सामने आ रहा है, जिन्हें कम मात्रा में LPG चाहिए और जो बड़े सिलिंडर की तुलना में हल्का तथा आसानी से इस्तेमाल होने वाला विकल्प चाहते हैं।

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