अगले 72 घंटों में होगी 'जमीन बहा ले जाने' वाली बारिश, 250 की स्पीड वाला तूफान साइमन, साथ ला रहा 2 और आफत!
नई दिल्ली: मौसम विज्ञान की दुनिया में एक साथ कई बड़े समुद्री तूफानों का सक्रिय होना अपने आप में असामान्य स्थिति मानी जाती है। इस समय प्रशांत और अटलांटिक महासागर से जुड़े इलाकों में एक ऐसा ही दुर्लभ मौसम सिस्टम चर्चा में है, जिसे विशेषज्ञ ‘रेयर ट्रिपल ट्रॉपिकल थ्रेट’ यानी दुर्लभ तिहरा समुद्री खतरा बता रहे हैं। एक तरफ ‘साइमन’ बेहद ताकतवर हरिकेन में बदल चुका है, तो दूसरी ओर ‘राचेल’ और ‘इसायस’ भी अलग-अलग इलाकों में मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
इन तीनों तूफानों के कारण मेक्सिको और अमेरिका के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं, अचानक बाढ़, समुद्री लहरों और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा चिंता साइमन को लेकर जताई जा रही है, जिसने तेजी से ताकत हासिल करते हुए कैटेगरी-4 हरिकेन का रूप ले लिया है।
एक साथ तीन तूफानों ने बढ़ाया खतरा
मौसम की इस स्थिति में सबसे बड़ा केंद्र मेक्सिको और अमेरिका के तटीय इलाके बने हुए हैं। पूर्वी प्रशांत महासागर में सक्रिय साइमन मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहा है। दूसरी तरफ राचेल का असर दक्षिणी कैलिफोर्निया और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका है।
वहीं अटलांटिक महासागर की ओर सक्रिय इसायस अमेरिका के सेंट्रल गल्फ कोस्ट क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। इस तरह प्रशांत से लेकर अटलांटिक तक एक बड़े क्षेत्र में अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं।
मौसम विशेषज्ञों के लिए चिंता की सबसे बड़ी वजह यह है कि तीनों सिस्टम अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का कारण बन सकते हैं। इसका असर केवल तटीय क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय अंदरूनी इलाकों तक भी पहुंच सकता है।
कैसे अचानक ताकतवर बना साइमन?
साइमन के तेजी से मजबूत होने के पीछे समुद्र के गर्म पानी को प्रमुख कारणों में से एक माना जा रहा है। समुद्री तूफानों के विकास में समुद्र की सतह का तापमान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जब समुद्र का पानी अधिक गर्म होता है तो उससे बड़ी मात्रा में नमी वातावरण में पहुंचती है। यही नमी और गर्म हवा तूफानी सिस्टम को ऊर्जा देती है। यदि वातावरण में अन्य परिस्थितियां भी अनुकूल हों तो कोई ट्रॉपिकल सिस्टम बहुत तेजी से ताकतवर हो सकता है।
साइमन के मामले में भी समुद्र की गर्म सतह और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों ने इसकी ताकत बढ़ाने में भूमिका निभाई। देखते ही देखते यह एक शक्तिशाली कैटेगरी-4 हरिकेन में बदल गया।
हालांकि तूफान जब जमीन की ओर बढ़ता है तो उसे कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी इलाकों की सूखी हवा और जमीन के साथ बढ़ता घर्षण इसकी ताकत को कम कर सकता है। इसके बावजूद तूफान के कमजोर होने तक इससे पैदा होने वाला खतरा गंभीर बना रह सकता है।
24 इंच तक बारिश का अलर्ट
साइमन को लेकर सबसे बड़ी चिंता केवल तेज हवाओं की नहीं है। भारी बारिश भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।
मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। जालिसको और कोलिमा जैसे तटीय क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा 18 से 24 इंच तक पहुंचने की आशंका बताई गई है। कुछ बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में इससे भी अधिक बारिश होने की संभावना बताई गई है।
इतनी भारी बारिश का सीधा असर निचले और पहाड़ी इलाकों पर पड़ सकता है। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। सड़कें पानी में डूब सकती हैं और कई इलाकों में सामान्य जनजीवन बाधित हो सकता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा और भी ज्यादा है, क्योंकि लगातार बारिश के बाद मिट्टी ढीली पड़ने लगती है। ऐसे में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
अचानक बाढ़ का भी खतरा
भारी बारिश के साथ अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में पानी बहुत तेजी से नीचे की ओर आता है। कई बार लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिल पाता।
यदि भारी बारिश लगातार जारी रहती है तो छोटी नदियां और नाले उफान पर आ सकते हैं। निचले इलाकों में पानी भर सकता है और सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।
इसी वजह से प्रशासन की ओर से तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
190 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं हवाएं
साइमन की सबसे खतरनाक विशेषताओं में इसकी तेज हवाएं भी शामिल हैं। मेक्सिको के तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की रफ्तार बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
ऐसी तेज हवाओं से पेड़ गिर सकते हैं, बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो सकते हैं तथा कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी बना रहता है।
तूफान के केंद्र के करीब हवा की रफ्तार और भी अधिक हो सकती है। ऐसी स्थिति में खुले में रहना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
समुद्र में उठ सकती हैं खतरनाक लहरें
तेज हवाओं के साथ समुद्र भी खतरनाक रूप ले सकता है। तूफान के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठती हैं और तटीय इलाकों में समुद्री पानी के अंदर आने का खतरा बढ़ जाता है।
साइमन के प्रभाव वाले तटीय क्षेत्रों में 10 से 15 फीट तक ऊंची समुद्री लहरों का खतरा बताया गया है। ऐसी लहरें तट के निचले इलाकों में पानी पहुंचा सकती हैं।
तूफान के दौरान समुद्र के बेहद करीब जाना या समुद्र की स्थिति देखने के लिए तट पर पहुंचना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना ऐसे समय में सबसे महत्वपूर्ण होता है।
राचेल भी बढ़ा सकता है मुसीबत
साइमन के अलावा राचेल भी मौसम विशेषज्ञों की निगरानी में है। पूर्वी प्रशांत महासागर में सक्रिय यह ट्रॉपिकल सिस्टम दक्षिणी कैलिफोर्निया और आसपास के इलाकों में नमी पहुंचा सकता है।
यदि यह नमी दूसरी मौसम प्रणालियों के साथ मिलती है तो भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में इससे भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
कैलिफोर्निया जैसे क्षेत्रों में पहले से संवेदनशील पहाड़ी इलाकों के लिए भारी बारिश विशेष चिंता का विषय बन सकती है।
इसायस ने भी बढ़ाई परेशानी
तीसरा सिस्टम इसायस है, जो अटलांटिक महासागर की तरफ से अमेरिका के सेंट्रल गल्फ कोस्ट क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
इसके प्रभाव से कई इलाकों में तेज हवाएं, भारी बारिश और जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। गल्फ कोस्ट से लेकर अमेरिका के अंदरूनी हिस्सों तक इसका मौसम पर असर देखने को मिल सकता है।
इस तरह तीन अलग-अलग तूफानी सिस्टम एक बड़े क्षेत्र में मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
क्या है ‘रियल इम्पैक्ट स्केल’?
तूफानों की ताकत को आमतौर पर सफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल से समझा जाता है, जिसमें मुख्य रूप से हवा की गति के आधार पर श्रेणी निर्धारित की जाती है।
वहीं कुछ मौसम संस्थाएं तूफान के प्रभाव को समझाने के लिए व्यापक पैमाने का इस्तेमाल करती हैं, जिसमें केवल हवा की रफ्तार ही नहीं बल्कि बारिश, बाढ़, समुद्री लहरों और बुनियादी ढांचे पर संभावित असर को भी ध्यान में रखा जाता है।
इसी तरह के व्यापक प्रभाव के आकलन से यह समझने में मदद मिलती है कि किसी तूफान का वास्तविक खतरा केवल उसकी हवा की गति से कहीं ज्यादा हो सकता है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
साइमन के संभावित प्रभाव को देखते हुए मेक्सिको के तटीय क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
तूफान के दौरान समुद्र से दूरी बनाए रखना, खुले इलाकों से बचना और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े न होना बेहद जरूरी है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदियों और नालों के पास जाने से भी बचना चाहिए।
अगले 72 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम विशेषज्ञों की नजर अगले 72 घंटों के घटनाक्रम पर बनी हुई है। इस दौरान तूफानों की दिशा, गति और ताकत में बदलाव स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
साइमन के मामले में भारी बारिश, तेज हवाएं, समुद्री लहरें और लैंडस्लाइड सबसे बड़ी चिंता हैं। वहीं राचेल और इसायस के कारण अलग-अलग अमेरिकी क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
एक साथ तीन सक्रिय तूफानों की यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका असर हजारों किलोमीटर के बड़े क्षेत्र पर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और मौसम एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को लगातार अपडेट के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
समुद्री तूफानों की दिशा और तीव्रता तेजी से बदल सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक मौसम एजेंसियों की ताजा चेतावनियों को ही अंतिम और भरोसेमंद जानकारी माना जाना चाहिए।

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