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कम मार्क्स पर भी मिल सकती है MBBS सीट! स्ट्रे वैकेंसी राउंड शुरू, चेक करें नया शेड्यूल और जरूरी नियम



जयपुर। राजस्थान में मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने का इंतजार कर रहे नीट यूजी अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मौका सामने आया है। NEET UG 2026 काउंसलिंग के तीन राउंड पूरे होने के बाद भी राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें अभी तक मेडिकल सीट नहीं मिल पाई है, वे अब स्ट्रे वैकेंसी राउंड के जरिए दाखिले की कोशिश कर सकते हैं।

राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग के स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही है। पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन, फीस भुगतान और नए सिरे से कॉलेज व कोर्स की चॉइस भरनी होगी।

इस राउंड में शामिल होने वाले छात्रों के लिए कुछ नियम पहले के राउंड से अलग हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले, दूसरे या तीसरे राउंड में भरी गई पुरानी चॉइस इस राउंड में मान्य नहीं होगी। अभ्यर्थियों को स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए नए सिरे से अपनी पसंद भरनी होगी।

इसके अलावा सीट आवंटित होने के बाद अगर अभ्यर्थी निर्धारित समय में संबंधित कॉलेज में दाखिला नहीं लेता है, तो उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त हो सकती है। इसलिए चॉइस फिलिंग से पहले छात्रों को कॉलेज, फीस, कोर्स और अपनी आर्थिक क्षमता से जुड़ी सभी जानकारी अच्छी तरह जांच लेना चाहिए।

16 अक्टूबर से शुरू होगा आवेदन

राजस्थान NEET UG 2026 स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

आवेदन और निर्धारित फीस जमा करने की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर 2026 रखी गई है। यानी उम्मीदवारों के पास आवेदन पूरा करने के लिए सीमित समय होगा।

इसके बाद दस्तावेज सत्यापन, सिक्योरिटी राशि जमा करने और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

राजस्थान में MBBS की 1,039 सीटें खाली

तीन राउंड की काउंसलिंग पूरी होने के बाद राजस्थान के निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 1,039 सीटें खाली बताई गई हैं। राज्य में MBBS की कुल 7,533 सीटें हैं।

इनमें से 6,494 सीटों का आवंटन हो चुका है। इस हिसाब से करीब 86.2 प्रतिशत सीटें आवंटित हो चुकी हैं, जबकि लगभग 13.8 प्रतिशत सीटें अभी खाली हैं।

इन खाली सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, सीट का आवंटन अभ्यर्थी की पात्रता, मेरिट, श्रेणी, उपलब्ध सीट और लागू काउंसलिंग नियमों के आधार पर ही किया जाएगा।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटें पहले ही भर चुकी हैं

राजस्थान में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की MBBS सीटों की स्थिति निजी कॉलेजों से अलग है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों की MBBS सीटें भर चुकी हैं।

वहीं राज्य के 18 निजी मेडिकल कॉलेजों में से केवल तीन कॉलेज ऐसे बताए गए हैं, जहां तीन राउंड की काउंसलिंग के बाद सभी सीटें भर गईं। इसका मतलब है कि अधिकांश निजी मेडिकल कॉलेजों में अभी भी स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए सीटें उपलब्ध हैं।

ऐसे में जिन छात्रों को सरकारी कॉलेज में सीट नहीं मिली है और वे निजी मेडिकल कॉलेज में MBBS करने के इच्छुक हैं, उनके लिए यह राउंड एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।

BDS की सभी 1,525 सीटें फुल

MBBS के मुकाबले BDS की स्थिति इस बार काफी अलग रही है। राजस्थान में BDS की सभी 1,525 सीटें भर चुकी हैं।

NEET UG 2026 काउंसलिंग में BDS की सभी सीटों का भरना एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। दूसरी ओर निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 1,039 सीटें अभी भी खाली हैं।

इससे यह भी पता चलता है कि इस बार मेडिकल और डेंटल कोर्स की सीटों को लेकर उम्मीदवारों की पसंद में अंतर देखने को मिला है।

177 अंक वाले अभ्यर्थी को मिली MBBS सीट

राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे राउंड से जुड़ी एक जानकारी ने अभ्यर्थियों का ध्यान खींचा है। एक छात्र को 177 अंक प्राप्त करने के बावजूद MBBS की सीट आवंटित हुई।

बताया गया है कि इस उम्मीदवार की ऑल इंडिया रैंक 11,94,909 थी। उसे जयपुर के जेएनयू इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में MBBS सीट मिली।

उम्मीदवार ने NEET UG 2026 में 720 में से 177 अंक प्राप्त किए थे, जो करीब 24.5 प्रतिशत के बराबर हैं। अभ्यर्थी OBC-NCL वर्ग से संबंधित बताया गया है।

हालांकि, इस मामले को देखकर यह मान लेना गलत होगा कि 177 अंक पाने वाले हर उम्मीदवार को MBBS सीट मिल जाएगी। मेडिकल काउंसलिंग में सीट आवंटन कई कारकों पर निर्भर करता है। इसमें अभ्यर्थी की श्रेणी, मेरिट, पात्रता, राज्य के नियम और उपलब्ध सीटें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अनारक्षित वर्ग के लिए 213 अंक का नियम

प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के अनुसार तीसरे राउंड में राजस्थान में अनारक्षित श्रेणी का क्वालिफाइंग कटऑफ 213 अंक बताया गया था।

दूसरे राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह नियम महत्वपूर्ण है। किसी दूसरे राज्य में आरक्षण का लाभ मिलने मात्र से उम्मीदवार को राजस्थान में उसी आरक्षित श्रेणी का लाभ स्वतः नहीं मिल जाता।

राज्य की अपनी आरक्षण और डोमिसाइल व्यवस्था होती है। इसके कारण कुछ अभ्यर्थियों को राजस्थान में अनारक्षित श्रेणी के नियमों के अनुसार माना गया। यही वजह बताई गई कि 213 अंक से कम वाले कुछ उम्मीदवार तीसरे राउंड के सीट आवंटन में शामिल नहीं हो पाए।

आखिर क्यों खाली रह गईं इतनी MBBS सीटें?

इतनी बड़ी संख्या में MBBS सीटें खाली रहने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। प्रवेश बोर्ड की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सिर्फ सीटें भरने के लिए मेरिट, आरक्षण या राज्य की नीतियों में मनमाने तरीके से बदलाव नहीं किया जाएगा।

राज्य में आरक्षण का लाभ मुख्य रूप से पात्र डोमिसाइल अभ्यर्थियों को संबंधित नियमों के अनुसार मिलता है। दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों को राजस्थान में स्वतः वही आरक्षण लाभ नहीं मिल सकता।

इसके अलावा वर्ष 2026 में निजी मेडिकल कॉलेजों में करीब 1,100 नई MBBS सीटें जुड़ने को भी खाली सीटों की संख्या बढ़ने की एक वजह माना जा रहा है।

स्ट्रे वैकेंसी राउंड का पूरा शेड्यूल

स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को पूरा कार्यक्रम ध्यान से देखना चाहिए।

प्रक्रियातारीख
खाली सीटों की अस्थायी सूची16 अक्टूबर 2026
ऑनलाइन आवेदन और फीस भुगतान16–17 अक्टूबर 2026
मूल दस्तावेजों का ऑफलाइन सत्यापन और बॉन्ड जमा18–20 अक्टूबर 2026
अस्थायी संयुक्त मेरिट सूची20 अक्टूबर 2026
सिक्योरिटी राशि जमा19–21 अक्टूबर 2026
ऑनलाइन चॉइस फिलिंग19–21 अक्टूबर 2026
अस्थायी सीट आवंटन परिणाम22 अक्टूबर 2026
आवंटित कॉलेज में रिपोर्टिंग और दस्तावेज जमा22–26 अक्टूबर 2026

दस्तावेजों के ऑफलाइन सत्यापन, बॉन्ड जमा करने और निर्धारित प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज में उपस्थित होना होगा, जैसा कि दिए गए काउंसलिंग कार्यक्रम में बताया गया है।

पुरानी चॉइस नहीं आएगी काम

स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक चॉइस फिलिंग से जुड़ा है।

पहले, दूसरे और तीसरे राउंड के दौरान उम्मीदवारों ने जो कॉलेज और कोर्स की पसंद भरी थी, वह अब इस राउंड में मान्य नहीं होगी। स्ट्रे राउंड में हिस्सा लेने वाले पात्र उम्मीदवारों को नए सिरे से कॉलेज और कोर्स की चॉइस भरनी होगी।

इसलिए उम्मीदवारों को चॉइस फिलिंग करते समय उपलब्ध सीटों की सूची ध्यान से देखनी चाहिए। किसी कॉलेज को प्राथमिकता देने से पहले उसकी फीस, हॉस्टल, अन्य शुल्क, दूरी और प्रवेश की शर्तों को भी समझ लेना बेहतर होगा।

सीट मिली तो दाखिला लेना होगा

स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सीट आवंटित होने के बाद उम्मीदवार को निर्धारित समय सीमा में संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा।

अगर किसी उम्मीदवार को सीट मिल जाती है लेकिन वह निर्धारित समय पर कॉलेज में दाखिला नहीं लेता, तो उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त होने का नियम लागू हो सकता है।

इसलिए उम्मीदवारों को केवल इस उम्मीद में चॉइस नहीं भरनी चाहिए कि सीट मिल जाए और बाद में फैसला किया जाएगा। चॉइस भरने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवंटित होने पर उस कॉलेज में दाखिला लेने की वास्तविक तैयारी है।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

NEET UG 2026 स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को सबसे पहले अपनी पात्रता जांचनी चाहिए। इसके बाद उपलब्ध सीटों की सूची देखकर सोच-समझकर चॉइस भरनी चाहिए।

आवेदन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर है, जबकि चॉइस फिलिंग के लिए 19 से 21 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। सीट आवंटन का अस्थायी परिणाम 22 अक्टूबर को जारी होना है।

छात्रों को अपने मूल दस्तावेज तैयार रखने चाहिए और ऑफलाइन सत्यापन के लिए निर्धारित स्थान और तारीख का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

राजस्थान में NEET UG 2026 के तीन राउंड पूरे होने के बाद निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 1,039 खाली सीटें उन उम्मीदवारों के लिए एक नया अवसर लेकर आई हैं, जिन्हें अब तक सीट नहीं मिली है। हालांकि, स्ट्रे वैकेंसी राउंड में मौका मिलने का मतलब निश्चित प्रवेश नहीं है। सीट आवंटन मेरिट, पात्रता, श्रेणी और उपलब्ध सीटों के आधार पर होगा।

सबसे अहम बात यह है कि उम्मीदवार पुरानी चॉइस पर निर्भर न रहें, बल्कि नए सिरे से कॉलेज और कोर्स की पसंद भरें। सीट मिलने के बाद निर्धारित समय पर कॉलेज में रिपोर्ट न करने पर सिक्योरिटी राशि जब्त हो सकती है। इसलिए इस अंतिम चरण में जल्दबाजी के बजाय नियमों को समझकर और अपनी आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति को ध्यान में रखकर निर्णय लेना छात्रों के लिए सबसे बेहतर रहेगा।

ऊपर दी गई जानकारी आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए राजस्थान NEET UG 2026 काउंसलिंग विवरण पर आधारित है। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर नवीनतम नोटिस, सीट मैट्रिक्स, पात्रता और शेड्यूल जरूर जांच लें।

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