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सुबह 9 बजे से पहले कर लें ये 8 काम! ब्लड प्रेशर को लेकर नर्स ने बताया ऐसा राज, जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान



आजकल हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर बदलती जीवनशैली, ज्यादा नमक वाला खाना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, नींद पूरी न होना और वजन बढ़ने जैसी वजहों से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी बना रहता है।

इसी वजह से विशेषज्ञ स्वस्थ दिनचर्या, नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच पर जोर देते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, घर पर सही तरीके से ब्लड प्रेशर की निगरानी करना हाई BP को समझने और उपचार के असर को देखने में मदद कर सकता है।

सोशल मीडिया और स्वास्थ्य संबंधी पोस्ट में अक्सर दावा किया जाता है कि सुबह 9 बजे से पहले कुछ खास काम करने से ब्लड प्रेशर तुरंत नॉर्मल हो सकता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि किसी एक घरेलू उपाय से हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत ठीक करने की गारंटी नहीं दी जा सकती। हां, सुबह की कुछ स्वस्थ आदतें लंबे समय में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं।

तो आइए जानते हैं सुबह की ऐसी 8 आदतों के बारे में, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

1. सुबह उठकर जल्दबाजी के बजाय शरीर को समय दें

सुबह उठते ही अचानक भागदौड़ शुरू करने के बजाय कुछ मिनट शांत रहने की आदत डालें। रात की नींद के बाद शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय होने का समय देना बेहतर माना जाता है।

अगर आप उठते ही मोबाइल देखने, काम की चिंता करने या तेज भागदौड़ शुरू कर देते हैं, तो मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए सुबह उठने के बाद कुछ समय शांत बैठना, सामान्य सांस लेना और दिन की शुरुआत व्यवस्थित तरीके से करना बेहतर विकल्प है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ कुछ मिनट शांत बैठने से हाई BP का इलाज नहीं होता, लेकिन तनाव को नियंत्रित करना स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

2. सुबह ब्लड प्रेशर की सही जांच करें

अगर डॉक्टर ने आपको घर पर ब्लड प्रेशर मॉनिटर करने की सलाह दी है, तो सुबह इसकी जांच की जा सकती है। लेकिन जांच करने का तरीका सही होना बेहद जरूरी है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ब्लड प्रेशर नापने से पहले कम से कम 5 मिनट शांत बैठना चाहिए। मापने से पहले कैफीन, धूम्रपान और व्यायाम से बचना चाहिए। ब्लड प्रेशर नापते समय पीठ को सहारा देकर बैठें, पैर जमीन पर रखें और हाथ को हृदय के स्तर पर रखें।

एक ही समय पर दो रीडिंग लेने और दोनों के बीच लगभग एक मिनट का अंतर रखने की सलाह दी जाती है।

अगर रीडिंग कभी-कभार ज्यादा आती है तो घबराने के बजाय दोबारा सही तरीके से जांच करना चाहिए। लगातार असामान्य रीडिंग आने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

3. सुबह की शुरुआत हल्की शारीरिक गतिविधि से करें

सुबह थोड़ी शारीरिक गतिविधि करना दिनभर की स्वस्थ दिनचर्या के लिए अच्छा हो सकता है। तेज चलना, हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई सामान्य एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

नियमित शारीरिक गतिविधि हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाली महत्वपूर्ण जीवनशैली आदतों में शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित व्यायाम हृदय स्वास्थ्य के साथ-साथ वजन और तनाव को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है।

हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को हृदय संबंधी बीमारी, बहुत ज्यादा BP, चक्कर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो नई एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

4. सुबह नाश्ते में नमक कम रखें

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में नमक की मात्रा का विशेष महत्व है। बहुत ज्यादा सोडियम का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने में योगदान कर सकता है।

इसलिए सुबह के नाश्ते में अत्यधिक नमकीन चीजों, पैकेज्ड स्नैक्स और ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना बेहतर है।

DASH डाइट, जिसे ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया गया है, फल, सब्जियां, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, दालें, बीन्स, नट्स और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों पर जोर देती है। इसमें सोडियम की मात्रा कम रखने की सलाह दी जाती है।

5. चाय-कॉफी पीने से पहले अपनी स्थिति समझें

बहुत से लोगों की सुबह चाय या कॉफी के बिना शुरू नहीं होती। लेकिन कैफीन कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।

अगर आपको ब्लड प्रेशर की निगरानी करनी है, तो माप लेने से पहले कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी ब्लड प्रेशर मापने से पहले कैफीन और व्यायाम से कुछ समय बचने की सलाह देता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को चाय या कॉफी पूरी तरह छोड़नी होगी। यदि आपको हाई BP है, तो अपने डॉक्टर से पूछकर कैफीन की उचित मात्रा तय करना बेहतर है।

6. सुबह कुछ मिनट तनाव कम करने के लिए निकालें

तनाव भी ब्लड प्रेशर प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुबह कुछ मिनट गहरी और आरामदायक सांस लेने, ध्यान, प्रार्थना या शांत बैठने में लगाए जा सकते हैं।

इसका उद्देश्य किसी बीमारी का घरेलू इलाज करना नहीं बल्कि तनावपूर्ण दिन की शुरुआत को थोड़ा व्यवस्थित करना है।

विशेषज्ञ हाई BP को नियंत्रित रखने के लिए तनाव प्रबंधन को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं।

अगर आप लगातार तनाव, बेचैनी या नींद से जुड़ी परेशानी महसूस करते हैं, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना उचित है।

7. सुबह पर्याप्त और पौष्टिक भोजन लें

ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ नमक कम करना ही पर्याप्त नहीं है। पूरी डाइट का संतुलित होना भी जरूरी है।

सुबह के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दाल या अन्य पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। DASH डाइट में भी फल, सब्जियां, साबुत अनाज, बीन्स, नट्स और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों को महत्व दिया जाता है।

इसके विपरीत बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड और अत्यधिक नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर है।

याद रखें कि कोई एक फल, जूस या घरेलू नुस्खा हाई BP की दवा का विकल्प नहीं है।

8. डॉक्टर की बताई दवा समय पर लें

हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है। डॉक्टर ने अगर रोजाना दवा लेने की सलाह दी है तो केवल इसलिए दवा बंद नहीं करनी चाहिए कि किसी दिन BP सामान्य आया है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन स्पष्ट रूप से सलाह देता है कि घर पर ब्लड प्रेशर की रीडिंग सामान्य आने पर भी बिना स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात किए BP की दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

इसलिए सुबह की स्वस्थ आदतों को दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। सही उपचार व्यक्ति की स्थिति, उम्र, अन्य बीमारियों और BP की रीडिंग के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं।

सुबह 9 बजे तक की एक आसान हेल्दी रूटीन

अगर कोई व्यक्ति अपनी सुबह की दिनचर्या को बेहतर बनाना चाहता है तो एक सामान्य रूटीन इस तरह हो सकती है:

सुबह उठने के बाद कुछ मिनट आराम से बैठें। इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी पिएं और दैनिक गतिविधियां पूरी करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार BP की जांच करनी हो तो सही तरीके से रीडिंग लें। इसके बाद हल्की वॉक या उपयुक्त शारीरिक गतिविधि करें। नाश्ते में कम नमक और पौष्टिक भोजन लें। कुछ मिनट तनाव कम करने के लिए शांत गतिविधि करें और यदि डॉक्टर ने कोई दवा निर्धारित की है तो उसे निर्देश के अनुसार लें।

यह पूरी दिनचर्या किसी व्यक्ति के लिए उसकी उम्र, बीमारी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अलग हो सकती है।

कौन-सी गलतियां BP की रीडिंग बिगाड़ सकती हैं?

कई बार व्यक्ति को लगता है कि उसका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया है, जबकि समस्या मापने के तरीके में हो सकती है।

ब्लड प्रेशर नापते समय बात करना, पैर क्रॉस करके बैठना, हाथ को सही स्थिति में नहीं रखना, कपड़ों के ऊपर कफ लगाना, जांच से पहले कैफीन लेना या तुरंत व्यायाम करना रीडिंग को प्रभावित कर सकता है। सही कफ आकार का इस्तेमाल करना और ऊपरी बांह वाले validated मॉनिटर का उपयोग करना भी महत्वपूर्ण है।

इसलिए एक अकेली रीडिंग के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रीडिंग का रिकॉर्ड रखना बेहतर है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर ब्लड प्रेशर की रीडिंग बहुत ज्यादा आती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार अगर BP 180/120 mm Hg से ज्यादा आता है, तो कम से कम एक मिनट बाद दोबारा जांच करनी चाहिए। अगर रीडिंग फिर भी इतनी ही अधिक है तो तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।

अगर इतनी ज्यादा रीडिंग के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी या सुन्नपन, नजर में बदलाव या बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण हों, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है और तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

सिर्फ सुबह की आदतों पर निर्भर न रहें

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना पूरे दिन और लंबे समय की जीवनशैली से जुड़ा विषय है। सुबह 9 बजे से पहले कुछ स्वस्थ काम करना निश्चित रूप से अच्छी शुरुआत हो सकती है, लेकिन इससे हाई BP तुरंत नॉर्मल होने की गारंटी नहीं है।

नमक कम करना, पौष्टिक भोजन लेना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, वजन को स्वस्थ सीमा में रखना, पर्याप्त नींद लेना, धूम्रपान से बचना, शराब को सीमित करना और तनाव को नियंत्रित करना हाई ब्लड प्रेशर के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसलिए अगर आप भी अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना चाहते हैं तो सुबह की शुरुआत इन स्वस्थ आदतों से कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको पहले से हाई BP है, बार-बार रीडिंग ज्यादा आती है या आप BP की दवा लेते हैं, तो अपनी उपचार योजना में कोई बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की जांच, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह या निर्धारित दवा का विकल्प नहीं है।

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