दिवाली से पहले किसानों के खाते में आएंगे ₹5,000! लेकिन PM किसान की 24वीं किस्त नहीं… जानिए इस पैसे का पूरा राज
PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के बीच इन दिनों ₹5,000 की आर्थिक मदद को लेकर चर्चा तेज है। महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की तत्काल आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद कई किसानों के मन में सवाल है कि क्या यह पैसा PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त है?
इसका जवाब है—नहीं। महाराष्ट्र सरकार की ओर से घोषित ₹5,000 की राशि केंद्र सरकार की PM किसान सम्मान निधि की किस्त नहीं है। यह महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए राज्य सरकार की अलग राहत सहायता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 अक्टूबर को इसका ऐलान किया था और सरकार ने इसे दिवाली से पहले किसानों तक पहुंचाने की बात कही है।
महाराष्ट्र के किसानों के लिए ₹5,000 की राहत
महाराष्ट्र इस समय गंभीर सूखे की स्थिति से गुजर रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, कुल 358 में से 305 तालुके सूखा प्रभावित घोषित किए गए हैं, यानी राज्य के 85 प्रतिशत से अधिक तालुके इस संकट की चपेट में हैं। सरकार ने पहले 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था, लेकिन शिकायतों और स्थिति के आकलन के बाद 40 और क्षेत्रों को सूची में शामिल किया गया।
ऐसे समय में किसानों को तत्काल आर्थिक मदद देने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक पात्र प्रभावित किसान को ₹5,000 की सहायता देने का निर्णय लिया है। इस राशि को किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए भेजने की योजना है।
सरकार का कहना है कि केंद्र से मिलने वाली व्यापक सूखा राहत के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया और आकलन में समय लग सकता है। इसलिए किसानों को दिवाली से पहले राहत पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह शुरुआती सहायता देने का फैसला किया है।
क्या सभी किसानों को मिलेंगे ₹5,000?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह सहायता सूखा प्रभावित क्षेत्रों के पात्र किसानों के लिए है। इसका मतलब यह नहीं है कि महाराष्ट्र के हर किसान या PM किसान योजना के हर लाभार्थी के खाते में ₹5,000 अपने आप पहुंच जाएंगे।
रिपोर्टों में इस सहायता के लाभार्थियों की संख्या का अनुमान लगभग 1.25 करोड़ से 1.45 करोड़ किसानों के बीच बताया गया है, जबकि अंतिम पात्रता और लाभार्थियों की संख्या प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर तय हो सकती है।
इसलिए किसानों को यह समझना जरूरी है कि केवल PM किसान योजना का लाभार्थी होना इस ₹5,000 की राज्य राहत के लिए स्वतः पात्र होने की गारंटी नहीं है।
PM किसान की 24वीं किस्त से बिल्कुल अलग है यह पैसा
PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को केंद्र सरकार की ओर से सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के अनुसार, 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी।
ऐसे में अब किसान अगली यानी 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ₹5,000 की सहायता को PM किसान की 24वीं किस्त मानना सही नहीं होगा।
दोनों योजनाओं में बड़ा अंतर है। PM किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आय सहायता योजना है, जबकि ₹5,000 की राशि महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूखा प्रभावित किसानों के लिए घोषित तत्काल राहत है।
इसलिए सोशल मीडिया पर अगर कोई पोस्ट यह दावा कर रही है कि “PM किसान की 24वीं किस्त में किसानों को ₹5,000 मिलेंगे”, तो उसे बिना आधिकारिक पुष्टि के सच नहीं मानना चाहिए।
85 फीसदी से ज्यादा तालुके सूखे की चपेट में
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति लगातार गंभीर होने के कारण राज्य सरकार ने राहत उपायों का दायरा भी बढ़ाया है। 305 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने के बाद इन क्षेत्रों में किसानों के लिए विभिन्न राहत उपाय लागू करने की बात कही गई है।
सरकार की ओर से फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में राहत और बिजली बिल से संबंधित सहायता जैसे उपायों को भी सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लागू करने की बात कही गई है।
इसके अलावा किसानों पर कर्ज वसूली को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बैंकों और क्रेडिट सोसायटियों को मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहे किसानों पर जबरन वसूली के लिए दबाव नहीं बनाने की चेतावनी दी गई है।
किसानों के बच्चों की फीस में भी राहत
सूखा प्रभावित किसानों के परिवारों को सिर्फ सीधे आर्थिक भुगतान ही नहीं, बल्कि दूसरे स्तर पर भी राहत देने की योजना बताई गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के बच्चों की शिक्षा फीस में छूट को व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने इससे जुड़ी पुरानी पाबंदियों को हटाने की बात कही है, जिससे सूखे से प्रभावित परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम हो सके।
यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब फसल खराब होने और आय प्रभावित होने के कारण ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव है।
कृषि बिजली बिल को लेकर भी राहत
सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए बिजली से संबंधित राहत की भी बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली देने की राज्य नीति जारी रहेगी।
साथ ही बकाया बिजली बिलों की जबरन वसूली को लेकर भी किसानों को राहत देने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यह है कि सूखे और फसल नुकसान से परेशान किसान तत्काल वसूली के दबाव में न आएं।
3.5 लाख अतिरिक्त किसानों की सूची भी तैयार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, लगभग 3.5 लाख अतिरिक्त किसानों की प्रमाणित सूची तैयार की गई है, जिसे निर्धारित कर्ज राहत भुगतान के लिए भी प्रोसेस किया गया है। यानी राज्य सरकार की राहत व्यवस्था केवल ₹5,000 की तत्काल सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को कर्ज और दूसरी आर्थिक परेशानियों से राहत देने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग राहत योजनाओं की पात्रता अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी राशि के खाते में आने की उम्मीद केवल सोशल मीडिया संदेश के आधार पर नहीं करनी चाहिए।
PM किसान 24वीं किस्त को लेकर क्या करें किसान?
PM किसान योजना के लाभार्थियों को अपनी e-KYC, भूमि रिकॉर्ड और बैंक खाते की जानकारी सही रखनी चाहिए। आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के अनुसार e-KYC अनिवार्य है और किसान अपना स्टेटस “Know Your Status” के माध्यम से जांच सकते हैं।
किसानों को किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके बैंक डिटेल, OTP या आधार संबंधी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अगर PM किसान की अगली किस्त की तारीख या पात्रता को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा होती है, तो उसकी पुष्टि PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल या संबंधित सरकारी माध्यम से ही करनी चाहिए।
₹5,000 को लेकर एक और जरूरी बात
महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला सूखा प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत के रूप में सामने आया है। लेकिन ₹5,000 को “दिवाली बोनस” या “PM किसान की 24वीं किस्त” कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा।
यह राज्य सरकार की सूखा राहत सहायता है और इसका उद्देश्य किसानों को त्योहार से पहले तत्काल आर्थिक मदद देना है। वहीं PM किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की अलग योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार सालाना ₹6,000 की सहायता मिलती है।
इसलिए अगर आप PM किसान की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो ₹5,000 वाली महाराष्ट्र राहत और PM किसान की किस्त को अलग-अलग समझना बेहद जरूरी है।
किसानों के लिए राहत के साथ बढ़ी उम्मीदें
महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के लिए ₹5,000 की तत्काल सहायता भले ही सीमित आर्थिक राहत हो, लेकिन सरकार का कहना है कि इसे दिवाली से पहले इसलिए दिया जा रहा है ताकि किसानों को संकट की स्थिति में कुछ तत्काल सहारा मिल सके।
दूसरी ओर, सूखे का असर लंबे समय तक रहने की स्थिति में किसानों को व्यापक मुआवजे और अतिरिक्त राहत की जरूरत पड़ सकती है। राज्य सरकार ने केंद्र से मिलने वाली सहायता की प्रक्रिया के बीच तत्काल राहत देने का रास्ता चुना है।
महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित पात्र किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की सहायता देने का ऐलान हुआ है। यह राशि PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त नहीं है। PM किसान की 24वीं किस्त की तारीख और उससे जुड़ी जानकारी के लिए किसानों को केवल आधिकारिक सरकारी घोषणा पर भरोसा करना चाहिए।
लाभार्थी संख्या, भुगतान की प्रक्रिया और पात्रता से जुड़े अंतिम विवरण सरकारी प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी भुगतान की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल/सरकारी सूचना से करें।

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