10 महीने में 5000 कॉल्स... सिपाही बनते ही बढ़ा शादीशुदा शिक्षक का दबाव, आखिरकार उठाया खौफनाक कदम
घाटमपुर/कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर क्षेत्र से महिला सिपाही की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में महिला सिपाही और आरोपित शिक्षक के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, महिला सिपाही के परिवार में उसकी शादी के लिए रिश्ता देखे जाने के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
मामला रेउना थाना क्षेत्र के गिरसी गांव से जुड़ा है। यहां रहने वाली 22 वर्षीय प्रतीक्षा सिंह अमेठी जनपद के मोहनगंज थाने में महिला सिपाही के पद पर तैनात थीं। वह छुट्टी लेकर बुधवार को अपने घर आई थीं। उसी दिन उन्होंने अपने घर पर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आत्महत्या से पहले प्रतीक्षा ने अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया था। इसके कारण फोन में मौजूद कई जानकारियां सीधे तौर पर उपलब्ध नहीं थीं। पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर निकलवाया। इसी जांच के दौरान एक ऐसे व्यक्ति का नाम सामने आया, जो लंबे समय से प्रतीक्षा के संपर्क में था।
सीडीआर जांच में सामने आया शिक्षक का नाम
पुलिस के अनुसार, सचेड़ी थाना क्षेत्र के बिनौर निवासी 43 वर्षीय विक्रम सिंह चंदेल लगातार प्रतीक्षा से फोन पर बातचीत करता था। सीडीआर की जांच में सामने आया कि करीब 10 महीने की अवधि में दोनों के बीच लगभग पांच हजार बार फोन पर संपर्क हुआ था।
इतनी बड़ी संख्या में फोन कॉल सामने आने के बाद पुलिस ने विक्रम से पूछताछ की और दोनों के बीच संबंधों तथा हाल के दिनों में हुई बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विक्रम और प्रतीक्षा का परिचय उस समय हुआ था, जब प्रतीक्षा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं।
पुलिस के मुताबिक, विक्रम ने वर्ष 2022-23 के दौरान गजनेर क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए एक फिजिकल एकेडमी शुरू की थी। प्रतीक्षा और उनकी बहन दीपा भी वहां तैयारी के लिए जाती थीं। इसी दौरान विक्रम की दोनों बहनों से पहचान हुई।
धीरे-धीरे विक्रम का प्रतीक्षा के घर आना-जाना शुरू हुआ और बाद में दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। प्रतीक्षा के पुलिस विभाग में चयनित होने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा।
शादी के लिए रिश्ता देखे जाने के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि प्रतीक्षा के परिवार वाले उनकी शादी के लिए लड़का देख रहे थे। परिवार की ओर से शादी की तैयारी शुरू होने के बाद कथित तौर पर विक्रम और प्रतीक्षा के बीच विवाद बढ़ने लगा।
पुलिस के अनुसार, विक्रम स्वयं शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद वह प्रतीक्षा से लगातार संपर्क में था। आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से वह फोन पर प्रतीक्षा से विवाद करता था और शादी को लेकर उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
हालांकि घटना से पहले दोनों के बीच फोन पर वास्तव में क्या-क्या बातचीत हुई, इसका पूरा विवरण पुलिस की जांच का हिस्सा है। पुलिस कॉल डिटेल और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद दुखद रही क्योंकि प्रतीक्षा ने पुलिस विभाग में नौकरी हासिल की थी और अपने भविष्य को लेकर आगे बढ़ रही थीं। नौकरी मिलने के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल था। इसी बीच शादी की तैयारी और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़ा विवाद सामने आया और मामला गंभीर रूप ले गया।
आत्महत्या से पहले मोबाइल किया था रीसेट
पुलिस जांच में मोबाइल फोन का रीसेट किया जाना भी महत्वपूर्ण तथ्य माना जा रहा है। प्रतीक्षा ने घटना से पहले अपना फोन रीसेट कर दिया था। इससे पुलिस को सीधे तौर पर मोबाइल में मौजूद बातचीत और अन्य डिजिटल जानकारी हासिल करने में कठिनाई हुई।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी माध्यम से कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल किया। सीडीआर से सामने आया कि विक्रम पिछले कई महीनों से प्रतीक्षा के लगातार संपर्क में था। करीब 10 महीने में पांच हजार के आसपास कॉल होने की जानकारी ने जांच की दिशा बदल दी।
पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कॉल के दौरान दोनों के बीच किस तरह की बातचीत होती थी और घटना से ठीक पहले संपर्क की स्थिति क्या थी। मोबाइल रिकॉर्ड के अलावा पुलिस अन्य साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, प्रतीक्षा और विक्रम की पहचान अचानक नहीं हुई थी। दोनों के बीच परिचय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान हुआ था। विक्रम द्वारा संचालित फिजिकल एकेडमी में प्रतीक्षा और उनकी बहन दीपा तैयारी करती थीं।
इसी दौरान विक्रम का परिवार से संपर्क बढ़ा। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसका प्रतीक्षा के घर आना-जाना भी शुरू हो गया। समय के साथ दोनों के बीच फोन पर बातचीत बढ़ती गई।
प्रतीक्षा का चयन पुलिस विभाग में होने के बाद उनकी जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ। अमेठी जनपद के मोहनगंज थाने में उनकी तैनाती हुई। इसके बावजूद विक्रम के साथ उनका फोन संपर्क जारी रहा।
जांच में सामने आए हजारों कॉल इसी लंबे संपर्क की ओर इशारा करते हैं। हालांकि केवल कॉल की संख्या से बातचीत की प्रकृति या घटना के लिए जिम्मेदारी का पूरा निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। पुलिस इसी कारण अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।
घटना के बाद पुलिस ने तेज की जांच
महिला सिपाही की मौत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया। मोबाइल फोन रीसेट होने के बावजूद सीडीआर के जरिए पुलिस ने लगातार संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की पहचान की।
इसके बाद आरोपित शिक्षक विक्रम सिंह चंदेल को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपों के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। शनिवार को पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रेउना थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि आरोपित को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया और न्यायालय के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
अब पुलिस के सामने कई सवाल
इस मामले में पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। सबसे पहला सवाल यह है कि घटना से पहले प्रतीक्षा और विक्रम के बीच किस मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा था। दूसरा सवाल यह है कि पिछले एक सप्ताह में दोनों के बीच कितनी बार बातचीत हुई और क्या बातचीत का कोई रिकॉर्ड अन्य डिजिटल माध्यमों में उपलब्ध है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच रही है कि प्रतीक्षा के मोबाइल को रीसेट करने की वजह क्या थी और क्या घटना से पहले किसी अन्य व्यक्ति से भी उनका संपर्क हुआ था। इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपित शिक्षक को जेल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि व्यक्तिगत संबंधों में उत्पन्न विवाद कई बार बेहद गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि कोई व्यक्ति लगातार तनाव, दबाव या मानसिक परेशानी में दिखाई दे, तो उसके साथ बातचीत करना और समय रहते सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
फिलहाल घाटमपुर क्षेत्र में महिला सिपाही की मौत का मामला पुलिस जांच के दायरे में है। आरोपित शिक्षक के जेल भेजे जाने के बाद अब जांच में सामने आने वाले डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों पर सबकी नजर है। पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या परिस्थितियां बनी थीं और इस पूरे मामले में आरोपित की भूमिका किस स्तर तक थी।

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