सोना खरीदने से पहले ये खबर जरूर पढ़ें! आज के नए भाव ने सबको चौंकाया, चांदी ने भी बदला अपना खेल
सोने और चांदी की कीमतों पर नजर रखने वाले लोगों के लिए आज का दिन काफी अहम है। भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के भाव में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है। शादी-ब्याह, त्योहार या निवेश के लिए सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि आज बाजार में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का भाव किस स्तर पर चल रहा है और एक किलो चांदी खरीदने के लिए कितनी रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
सोने को हमेशा से भारत में सिर्फ आभूषण के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसे सुरक्षित निवेश के तौर पर भी काफी पसंद किया जाता है। यही वजह है कि जब भी Gold Rate में कुछ रुपये या हजारों रुपये का बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर आम ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ता है। वहीं चांदी की कीमत में तेजी या गिरावट भी निवेशकों और कारोबारियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सोने की कीमत ने फिर बदला रुख
पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी तनाव जैसी परिस्थितियों का असर Gold Price पर पड़ता है।
भारत में सोने की कीमत तय होने के पीछे सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार ही जिम्मेदार नहीं होता। डॉलर और रुपये की विनिमय दर, आयात शुल्क, स्थानीय मांग और बाजार में उपलब्धता जैसे कई दूसरे फैक्टर भी कीमत को प्रभावित करते हैं। इसलिए देश के अलग-अलग शहरों में ज्वेलरी खरीदते समय कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
24 कैरेट सोने को सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषणों के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए ग्राहकों को दुकान पर पहुंचने से पहले यह जरूर समझ लेना चाहिए कि उन्हें किस कैरेट का सोना चाहिए।
24 कैरेट और 22 कैरेट Gold में क्या अंतर?
अगर आप सोना खरीदने जा रहे हैं तो 22 कैरेट और 24 कैरेट के अंतर को समझना बेहद जरूरी है। 24 कैरेट Gold में सोने की शुद्धता सबसे ज्यादा होती है। हालांकि इसकी शुद्धता अधिक होने के कारण यह अपेक्षाकृत नरम होता है और रोजाना पहनने वाले आभूषणों के लिए इसका इस्तेमाल कम किया जाता है।
दूसरी तरफ 22 कैरेट सोने में अन्य धातुओं की थोड़ी मात्रा मिलाई जाती है, जिससे आभूषण मजबूत बनते हैं। इसी कारण ज्यादातर ज्वेलरी 22 कैरेट Gold से बनाई जाती है।
यानी अगर आप निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं तो 24 कैरेट Gold या शुद्धता के अनुरूप अन्य निवेश विकल्प देख सकते हैं, जबकि आभूषण खरीदने वालों के लिए 22 कैरेट Gold ज्यादा सामान्य विकल्प है।
चांदी के भाव में भी हलचल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। पिछले कुछ समय में Silver ने निवेशकों का ध्यान काफी आकर्षित किया है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ आभूषण बनाने में नहीं होता, बल्कि इसका उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।
सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य औद्योगिक उत्पादों में चांदी की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि Silver की कीमत पर निवेशकों के साथ-साथ इंडस्ट्री की मांग का भी असर पड़ता है।
चांदी में छोटी सी तेजी भी एक किलो चांदी खरीदने वाले ग्राहक के बजट पर बड़ा असर डाल सकती है। उदाहरण के लिए, कीमत में सिर्फ ₹1,000 प्रति किलो का बदलाव होने पर बड़ी मात्रा में खरीदारी करने वाले कारोबारियों के खर्च में काफी अंतर आ सकता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। जिन लोगों को शादी या किसी अन्य जरूरी अवसर के लिए सोना खरीदना है, उनके लिए बाजार में लंबे समय तक गिरावट का इंतजार करना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसे ग्राहकों के लिए कीमत की तुलना करने के साथ-साथ जरूरत के हिसाब से खरीदारी करना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
वहीं निवेश के नजरिए से सोना खरीदने वाले लोगों को एक ही दिन के भाव देखकर फैसला लेने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से बाजार को देखना चाहिए। Gold की कीमतें अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होती हैं, इसलिए भविष्य की कीमत को निश्चित रूप से बताना संभव नहीं है।
अगर आपका बजट सीमित है तो पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करने का विकल्प भी कुछ निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि किसी भी निवेश का फैसला अपनी आर्थिक स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ Gold Rate न देखें
अक्सर ग्राहक दुकान पर पहुंचकर सिर्फ 22 या 24 कैरेट सोने का रेट पूछते हैं और उसी आधार पर कीमत तय मान लेते हैं। लेकिन ज्वेलरी की अंतिम कीमत इससे काफी अलग हो सकती है।
आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST, हॉलमार्किंग और अन्य लागू शुल्क को भी बिल में जरूर देखें। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज अलग हो सकता है। इसलिए एक ही डिजाइन की ज्वेलरी अलग-अलग दुकानों पर अलग कीमत में मिल सकती है।
ग्राहकों को खरीदारी के समय बिल जरूर लेना चाहिए और उस पर सोने की शुद्धता, वजन, प्रति ग्राम दर तथा अन्य शुल्क की जानकारी जांचनी चाहिए।
हॉलमार्क देखकर ही खरीदें सोना
सोने की शुद्धता की जांच करना भी बेहद जरूरी है। आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क से जुड़ी जानकारी जरूर देखें। सिर्फ दुकानदार द्वारा बताए गए कैरेट पर भरोसा करने के बजाय बिल और आभूषण पर उपलब्ध शुद्धता संबंधी विवरण की जांच करना बेहतर होता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सोना खरीदना सिर्फ कीमत का मामला नहीं है। उसकी शुद्धता, वजन, बिल और खरीदने के उद्देश्य को भी ध्यान में रखना चाहिए।
आगे कैसी रह सकती है Gold-Silver की चाल?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमत किस दिशा में जाएगी, यह कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और दुनिया में बढ़ता या घटता तनाव कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर सकता है।
इसी वजह से ग्राहकों को सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी कीमत या तेजी-गिरावट की खबर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय अपने शहर के भरोसेमंद सर्राफा बाजार में वास्तविक रेट की पुष्टि करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, आज भी सोना और चांदी निवेश तथा पारंपरिक बचत के लिहाज से भारतीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। लेकिन कीमतों में लगातार बदलाव को देखते हुए खरीदारी से पहले 22K और 24K Gold का अंतर, चांदी का मौजूदा भाव, मेकिंग चार्ज, GST और हॉलमार्क जैसी सभी जानकारियां जांचना जरूरी है। खासकर बड़ी खरीदारी करने वालों को अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट और शुल्क की तुलना करने के बाद ही अंतिम फैसला लेना चाहिए।

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