मौसम ने अचानक बदला रुख! 2 सितंबर को इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
देश के कई हिस्सों में सितंबर की शुरुआत होते ही मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं गरज-चमक के साथ बादल बरसने की तैयारी में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 2 सितंबर 2026 को कई राज्यों के लिए बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 3 से 7 सितंबर तक भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। विभाग ने उत्तराखंड में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ने के संकेत
उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग का ताजा अपडेट लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी स्थिति के लिए चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं हैं। IMD के पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 सितंबर को भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 3 से 5 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसका मतलब है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रह सकता है। लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है, खासकर निचले इलाकों और खराब जल निकासी वाले क्षेत्रों में।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। हालांकि हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी। उदाहरण के तौर पर IMD के अयोध्या पूर्वानुमान में 2 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना है।
दिल्ली-NCR में भी बारिश का दौर
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने का संकेत दिया है। IMD के मुताबिक दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 2 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। 3 और 4 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है, जबकि 5 सितंबर को भी बारिश का असर रह सकता है।
बारिश के दौरान दिल्ली-NCR में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होने, सड़कों पर जलभराव और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में घर से निकलने वाले लोगों को मौसम का अपडेट देखकर यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी मौसम सक्रिय
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में 2 और 3 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश को सामान्य बारिश से अलग नजरिए से देखना जरूरी है। कुछ इलाकों में कम समय में ज्यादा बारिश होने पर नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मध्य भारत में भी बारिश का असर
मौसम का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। IMD के अनुसार मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 1 से 5 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है।
छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में मध्य भारत के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय मौसम अपडेट महत्वपूर्ण रहेगा।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट
पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। IMD के अनुसार बिहार, झारखंड और ओडिशा में शुरुआती सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। बिहार में 2 से 4 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस पूरे सिस्टम के पीछे बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े क्षेत्रों में बना कम दबाव का क्षेत्र तथा उससे जुड़ी मौसम प्रणालियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है और इसके प्रभाव से पूर्वी तथा मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
सितंबर में पूरे देश में कैसी रहेगी बारिश?
यहां एक दिलचस्प बात यह है कि IMD के सितंबर 2026 के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार पूरे देश में सितंबर की कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। विभाग ने देश के स्तर पर महीने की बारिश के सामान्य से नीचे रहने की संभावना जताई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर राज्य में बारिश कम होगी। कई क्षेत्रों में सामान्य से कम कुल बारिश के बावजूद कुछ दिनों में बहुत तेज बारिश हो सकती है।
यानी मौसम का पैटर्न इस बार काफी असमान रह सकता है। एक इलाके में बारिश कम हो सकती है, जबकि दूसरे इलाके में कुछ घंटों के दौरान ही भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश और बिजली के दौरान क्या सावधानी रखें?
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है। पहाड़ी इलाकों में नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बिल्कुल बचना चाहिए।
बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने की स्थिति में वाहन चालकों को गति कम रखनी चाहिए। खासकर दोपहिया वाहन चलाने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
अभी खत्म नहीं हुआ बारिश का दौर
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। उत्तराखंड में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश का खतरा है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
इसलिए अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट मौसम खबरों पर भरोसा करने के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर बारिश, बिजली और तेज हवाओं के समय थोड़ी सी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है।

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