Breaking News

पटना के गेस्ट हाउस में पूरी रात क्या हुआ? सुबह घर पहुंची 15 साल की लड़की ने बताई ऐसी बात, पुलिस भी रह गई हैरान



बिहार की राजधानी पटना से नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि 18 वर्षीय युवक ने 15 साल की नाबालिग लड़की को शादी का भरोसा देकर पटना जंक्शन के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद लड़की जब अगले दिन अपने घर पहुंची तो उसने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाबालिग और आरोपी की पहचान कुछ महीने पहले हुई थी और दोनों मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क में थे।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच भी कराई है। अब नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

शादी का भरोसा देकर मिलने के लिए बुलाने का आरोप

पीड़िता के परिवार की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, नाबालिग लड़की की आरोपी युवक से करीब 9-10 महीने पहले मोबाइल फोन के माध्यम से बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ती गई।

लड़की का आरोप है कि इसी दौरान युवक ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया। पीड़िता के मुताबिक, 31 अगस्त को युवक उससे मिलने के लिए पटना आया था। आरोप है कि उसने लड़की को पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित एक गेस्ट हाउस में बुलाया।

बताया जा रहा है कि दोनों वहां रात में रुके। नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि इसी दौरान युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती की।

अगले दिन सुबह जब लड़की अपने घर पहुंची तो परिवार के सदस्यों ने उसके रात भर घर से बाहर रहने के बारे में पूछा। इसके बाद उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

परिवार पहुंचा कोतवाली थाने

मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजन शुक्रवार को पटना के कोतवाली थाने पहुंचे। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की।

चूंकि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम है, इसलिए मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम यानी POCSO Act के तहत भी कार्रवाई की गई है। इस कानून के तहत नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों की जांच और सुनवाई के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

कई महीनों से मोबाइल पर होती थी बातचीत

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी के बीच पिछले कई महीनों से बातचीत हो रही थी। दोनों मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे।

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ने बताया कि दोनों की दोस्ती करीब 9-10 महीने पुरानी थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उससे शादी करने की बात कही थी।

जांचकर्ताओं के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आरोपी तक पहुंचना है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच संपर्क कैसे हुआ, आरोपी ने लड़की को मिलने के लिए कैसे बुलाया और घटना से पहले तथा बाद में उसकी गतिविधियां क्या थीं।

आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं

मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई है कि पीड़िता आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं बता पा रही है।

पुलिस के मुताबिक, लड़की को कथित आरोपी का स्थायी पता या उसके घर के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। उसके पास आरोपी का मोबाइल नंबर मौजूद है। इसी नंबर और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस मोबाइल नंबर से जुड़े तकनीकी सुरागों की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है। इसके अलावा गेस्ट हाउस में मौजूद रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

गेस्ट हाउस की भी जांच संभव

घटना जिस गेस्ट हाउस में होने का आरोप है, पुलिस वहां की जानकारी भी जुटा रही है। जांच में यह देखा जा सकता है कि आरोपी और नाबालिग वहां कब पहुंचे, किस नाम से कमरा लिया गया और उनके आने-जाने से संबंधित क्या रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।

ऐसे मामलों में गेस्ट हाउस के रजिस्टर, पहचान संबंधी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले आया था या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका थी। फिलहाल मामले की जांच शुरुआती चरण में है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को खंगाल रही है।

पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है। यौन अपराध के मामलों में मेडिकल परीक्षण जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इससे जांच एजेंसियों को मामले से जुड़े संभावित साक्ष्य जुटाने में मदद मिल सकती है।

पुलिस के मुताबिक, आगे पीड़िता का बयान भी नियमानुसार अदालत के समक्ष दर्ज कराया जाएगा। नाबालिग से जुड़े मामलों में उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना कानूनन बेहद जरूरी है।

इसी वजह से पीड़िता के नाम, तस्वीर, पता या ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो।

POCSO कानून के तहत होगी कार्रवाई

नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में POCSO Act लागू होता है। इस कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देना और ऐसे मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

इस मामले में भी पुलिस ने नाबालिग की उम्र को देखते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। अब जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी महत्वपूर्ण है कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। आरोपी की गिरफ्तारी, पूछताछ और जांच के बाद ही मामले के सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को जल्द से जल्द ढूंढना है। पुलिस को आरोपी से संबंधित मोबाइल नंबर मिला है और इसी आधार पर उसकी पहचान तथा लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अलावा जिस गेस्ट हाउस में घटना होने की बात सामने आई है, वहां के रिकॉर्ड और संभावित सीसीटीवी फुटेज की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगे कि आरोपी ने नाबालिग से संपर्क कैसे स्थापित किया और इतने महीनों तक दोनों के बीच किस तरह बातचीत होती रही।

परिवार की शिकायत के बाद सामने आया मामला

बताया जा रहा है कि घटना के अगले दिन जब नाबालिग घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी, तभी परिवार ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। इसके बाद शुक्रवार को परिजन उसे लेकर कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा चुकी है और आगे न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि नाबालिगों से ऑनलाइन या मोबाइल के जरिए होने वाली दोस्ती और संपर्क को लेकर परिवारों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, किसी भी घटना की परिस्थितियों का आकलन जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।

कोई टिप्पणी नहीं