बरेली में युवती के साथ आखिर क्या हुआ? पिता से विवाद के बाद बदली जिंदगी, धर्म परिवर्तन से लेकर धमकी तक के आरोप
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक युवती ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला पर बहला-फुसलाकर अपने साथ रखने, धर्म परिवर्तन कराने, मारपीट करने और गंभीर धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। युवती की शिकायत के आधार पर किला थाना पुलिस ने 9 सितंबर 2026 को मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि उसके पिता के साथ पारिवारिक मतभेद चल रहे थे। इसी स्थिति का फायदा उठाकर मस्जिद के पास रहने वाली फरहा बेगम नाम की महिला ने उससे संपर्क बढ़ाया। युवती का दावा है कि फरहा ने उसके पिता के खिलाफ उसे भड़काया और बाद में उसे अपने साथ रहने के लिए तैयार कर लिया।
मामले में धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, फरहा बेगम युवती को अपने साथ मस्जिद ले गई, जहां कथित तौर पर उसे कलमा पढ़वाकर इस्लाम कबूल कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पिता से अनबन का फायदा उठाने का आरोप
युवती की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि कुछ समय से उसके अपने पिता के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक दूरी के दौरान फरहा बेगम उसके संपर्क में आई।
शिकायत के अनुसार, फरहा ने कथित तौर पर युवती के मन में उसके पिता के प्रति नाराजगी बढ़ाई। युवती का यह भी आरोप है कि उससे किसी वकील के माध्यम से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद कथित तौर पर उसे परिवार से अलग कर अपने साथ रखा गया।
पीड़िता का आरोप है कि शुरुआत में उसे भरोसे में लिया गया, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं। इसी दौरान उसे धार्मिक गतिविधियों में शामिल कराया गया और कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया।
मस्जिद ले जाकर कलमा पढ़वाने का आरोप
शिकायत में युवती ने दावा किया है कि फरहा बेगम उसे मस्जिद ले जाने लगी थी। आरोप है कि वहीं उसे कलमा पढ़वाया गया और उसका धर्म परिवर्तन कराया गया।
मामले का यह पहलू अब पुलिस जांच का हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती के साथ वास्तव में क्या हुआ, क्या धर्म परिवर्तन उसकी इच्छा के विरुद्ध कराया गया और इस पूरे घटनाक्रम में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर पुलिस संबंधित कानून की धाराओं में जांच कर रही है। मामले में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के बयान और दर्ज मुकदमे का हिस्सा हैं।
मारपीट का भी लगाया आरोप
युवती ने अपनी शिकायत में मारपीट के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि कुछ समय बाद फरहा बेगम ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी।
शिकायत के मुताबिक, रक्षाबंधन के अवसर पर उसके साथ कथित तौर पर बुरी तरह मारपीट की गई। युवती का आरोप है कि घर से बाहर शोर न पहुंचे, इसके लिए तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम चलाया गया।
इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस घटना के समय और स्थान से जुड़े तथ्यों के साथ-साथ संभावित गवाहों और अन्य साक्ष्यों को भी देख सकती है।
मौका मिलते ही घर से निकलने का दावा
पीड़िता के मुताबिक, रक्षाबंधन के अगले दिन उसे मौका मिला और वह फरहा बेगम के घर से निकलकर अपने पिता के पास वापस पहुंच गई। परिवार के पास लौटने के बाद भी कथित तौर पर उसे धमकियां मिलने लगीं।
शिकायत में युवती ने दावा किया है कि उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा था। उसने पुलिस को बताया कि उसे तेजाब फेंकने और जान से मारने जैसी गंभीर धमकियां दी गईं।
यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है तो मामला और गंभीर हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवार ने 112 पर भी मांगी मदद
शिकायत में यह भी कहा गया है कि धमकियों के चलते परिवार को कई बार पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 से मदद मांगनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि युवती के वापस आने के बाद भी उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी।
पुलिस अब यह भी जांच सकती है कि 112 पर की गई शिकायतों का रिकॉर्ड क्या है और उन मौकों पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर क्या कार्रवाई की थी। इससे घटनाओं के क्रम और आरोपों की जांच में मदद मिल सकती है।
धर्म परिवर्तन कानून के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने युवती की शिकायत पर धर्म परिवर्तन से संबंधित कानून के साथ अन्य धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस मामले के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है।
जांच में पुलिस यह पता लगाएगी कि कथित धर्म परिवर्तन किस परिस्थिति में हुआ, युवती की उम्र क्या है, उसके दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किस उद्देश्य से करवाए गए और क्या उस पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था।
इसके अलावा मारपीट और धमकी के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय संगठनों ने कार्रवाई की मांग की
मामला सामने आने के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों ने भी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों की ओर से आरोपित महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अफवाहों पर भरोसा न करें।
पुलिस जांच से साफ होगी पूरी तस्वीर
यह मामला कई गंभीर आरोपों से जुड़ा है, लेकिन अभी तक सामने आया घटनाक्रम मुख्य रूप से पीड़िता की शिकायत और उसके आधार पर दर्ज एफआईआर पर आधारित है। धर्म परिवर्तन, मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, संबंधित व्यक्तियों के बयान, दस्तावेजों और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपितों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बरेली के किला थाना क्षेत्र के इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि पारिवारिक विवाद या किसी व्यक्ति की कमजोर परिस्थिति का फायदा उठाकर उस पर दबाव बनाने की शिकायतों से पुलिस और प्रशासन को किस तरह निपटना चाहिए। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और उसके निष्कर्ष पर है।
इस खबर में धर्म परिवर्तन, मारपीट और धमकी से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

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