रोज रात 12 बजे घर से निकलती थी पत्नी, पति ने एक रात चुपके से किया पीछा तो खुला ऐसा राज कि पूरे परिवार के उड़ गए होश
शहर के एक शांत मोहल्ले में रहने वाले 38 वर्षीय अमित की जिंदगी पिछले कुछ महीनों से सामान्य नहीं चल रही थी। वजह थी उसकी पत्नी नेहा के व्यवहार में अचानक आया बदलाव। शादी के कई साल बाद तक दोनों की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही थी, लेकिन कुछ समय से अमित को महसूस होने लगा था कि नेहा उससे कुछ छिपा रही है। शुरुआत में उसने इसे महज संयोग समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब एक के बाद एक ऐसी घटनाएं सामने आने लगीं, तो उसके मन में शक गहराता चला गया।
नेहा पहले रात होते ही सो जाती थी। लेकिन अब वह अक्सर आधी रात तक जागती रहती। कई बार अमित की आंख अचानक खुलती तो वह देखता कि नेहा बालकनी में खड़ी है। वह काफी देर तक सड़क की तरफ देखती रहती, जैसे किसी का इंतजार कर रही हो। अमित जब उससे पूछता कि इतनी रात को बालकनी में क्यों खड़ी हो, तो नेहा हर बार कोई न कोई बहाना बना देती।
कभी वह कहती कि नींद नहीं आ रही थी, तो कभी कहती कि उसे बाहर से आवाज सुनाई दी थी। अमित ने कई बार सीधे पूछा कि क्या वह किसी से मिलने का इंतजार कर रही है, लेकिन नेहा हर बार इस बात से इनकार कर देती। वह उल्टा अमित से कहती कि वह बेवजह शक कर रहा है।
धीरे-धीरे अमित को लगने लगा कि मामला सिर्फ नींद या किसी सामान्य परेशानी का नहीं है।
आधी रात को आया एक फोन और खुल गया शक का दरवाजा
एक रात करीब 12 बजे अमित की आंख खुली। कमरे में अंधेरा था और नेहा मोबाइल फोन पर किसी से धीमी आवाज में बात कर रही थी। उसे शायद लगा कि अमित सो रहा है।
अमित ने आंखें बंद रखीं और चुपचाप उसकी बातें सुनने की कोशिश की। तभी नेहा के मुंह से निकला एक वाक्य उसके लिए किसी झटके से कम नहीं था।
उसने कहा कि वह उस रात नहीं आ सकती क्योंकि उसके पति को शक हो गया है।
फोन कटने के कुछ देर बाद नेहा चुपचाप घर से बाहर निकल गई।
अमित अब खुद को रोक नहीं पाया। उसने बिना कोई आवाज किए कपड़े पहने और कुछ दूरी बनाकर नेहा का पीछा करना शुरू कर दिया। नेहा गली पार करके मुख्य सड़क तक पहुंची। कुछ ही मिनटों में वहां एक सफेद रंग की कार आकर रुकी।
कार से एक आदमी बाहर निकला।
दोनों कुछ देर तक बात करते रहे। अमित दूर खड़ा सब कुछ देख रहा था। अंधेरा ज्यादा होने के कारण वह उस व्यक्ति का चेहरा साफ नहीं देख पा रहा था।
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया।
नेहा ने आदमी को दिया पुराना लिफाफा
नेहा ने अपने पास से एक पुराना लिफाफा निकाला और कार के पास खड़े व्यक्ति को दे दिया। उस व्यक्ति ने लिफाफा खोला और उसके अंदर रखे कागज देखने लगा।
कागज देखने के बाद उसके चेहरे का भाव बदल गया। दोनों के बीच बहस होने लगी। कुछ देर तक बातचीत होती रही और फिर वह व्यक्ति लिफाफा लेकर कार में बैठ गया।
कार वहां से निकल गई।
नेहा भी वापस घर लौट आई।
अमित ने उस रात उससे कोई सवाल नहीं किया। उसके मन में अब कई सवाल थे, लेकिन वह बिना किसी सबूत के पत्नी पर आरोप नहीं लगाना चाहता था।
अगली सुबह उसने उस रहस्य की तह तक पहुंचने का फैसला किया।
अलमारी के नीचे मिला लोहे का पुराना डिब्बा
अमित ने मौका देखकर नेहा की अलमारी की तलाशी ली। काफी सामान देखने के बाद उसकी नजर अलमारी के सबसे नीचे रखे एक पुराने लोहे के डिब्बे पर पड़ी।
डिब्बा काफी पुराना था और उसमें कुछ तस्वीरें, कागज और अखबार की कतरनें रखी थीं।
अमित ने जैसे ही अखबार की कटिंग उठाई, उसके होश उड़ गए।
कटिंग करीब नौ साल पुरानी थी। उसमें इसी शहर में हुए एक सड़क हादसे की खबर छपी थी। खबर के मुताबिक हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में उसकी पहचान भी तुरंत नहीं हो सकी थी।
अमित ने कटिंग को कई बार पढ़ा।
इसके बाद उसने डिब्बे में रखी तस्वीरें देखनी शुरू कीं।
एक तस्वीर पर उसकी नजर रुक गई।
तस्वीर में एक युवक था।
अमित को अचानक पिछली रात का दृश्य याद आया। उसे लगा कि कार के पास खड़ा व्यक्ति उसी युवक जैसा दिख रहा था।
लेकिन अगर तस्वीर वाला युवक नौ साल पहले सड़क हादसे में मर चुका था, तो आखिर पिछली रात नेहा से मिलने वाला आदमी कौन था?
यही सवाल अब पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य बन चुका था।
पुराने हादसे की फाइल खंगालने लगा अमित
अमित ने इस मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। उसे पता चला कि नौ साल पहले हुए उस हादसे को सड़क दुर्घटना मानकर मामला बंद कर दिया गया था।
लेकिन उस केस में कुछ ऐसे सवाल भी थे जिनका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला था।
मृत युवक के परिवार ने भी कुछ समय तक मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में जांच ठंडी पड़ गई।
अमित को इसी दौरान नेहा के मोबाइल में एक पुराना नंबर मिला। उसने जब उस नंबर के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था, जिसका नाम पुराने हादसे से संबंधित पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज था।
अब अमित के लिए चुप रहना मुश्किल हो गया था।
पत्नी से सीधे पूछा सवाल
आखिरकार अमित ने नेहा से सीधे पूछा कि वह रात में किससे मिलने जाती है और पुराने हादसे से उसका क्या संबंध है।
पहले नेहा चुप रही।
उसकी आंखों में आंसू आ गए।
कुछ देर बाद उसने जो सच बताया, उसने अमित के अब तक के सारे शक को बदल दिया।
नेहा ने बताया कि रात में उससे मिलने वाला व्यक्ति उस युवक का छोटा भाई विवेक था, जिसकी नौ साल पहले सड़क हादसे में मौत हुई थी।
यानी अमित ने जिसे मृत युवक समझ लिया था, वह वास्तव में उसका भाई था।
लेकिन इसके बाद कहानी और भी गंभीर हो गई।
नेहा के पास था नौ साल पुराने हादसे का राज
नेहा ने बताया कि मृत युवक उसका पुराना दोस्त था और हादसे की रात वह कुछ ऐसी परिस्थितियों की गवाह बनी थी, जिनके बारे में उसने कभी पुलिस को पूरी जानकारी नहीं दी।
उसे शुरू से ही लगता था कि यह सिर्फ एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं थी।
मृत युवक के भाई विवेक को भी कई साल बाद अपने भाई की मौत पर शक हुआ। उसने पुराने दस्तावेज और घटनाक्रम खंगालना शुरू किया।
विवेक को कुछ ऐसे सुराग मिले जिनसे उसे लगा कि हादसे के पीछे किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।
इसी वजह से वह पिछले कुछ महीनों से नेहा से संपर्क कर रहा था।
नेहा के मुताबिक, विवेक उससे लगातार सच बताने के लिए कह रहा था। वह चाहता था कि नौ साल पुराने मामले से जुड़े दस्तावेज और सबूत सामने आएं।
नेहा डर के कारण इतने वर्षों तक चुप रही थी।
लेकिन अब मामला फिर से उसके सामने आ चुका था।
पुलिस तक पहुंचा मामला
सच्चाई जानने के बाद अमित ने पुलिस को पूरी जानकारी देने का फैसला किया। पुराने दस्तावेजों और अखबार की कटिंग को सामने रखा गया।
मामले की दोबारा जांच शुरू होने पर पुराने हादसे से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए।
जांच के दौरान एक ऐसे गवाह का नाम सामने आया, जिसने हादसे के समय महत्वपूर्ण बयान दिया था। बाद में उसके बयान में बदलाव आया था और इसी वजह से मामला सड़क दुर्घटना मानकर बंद कर दिया गया था।
कई साल बाद उस गवाह ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने दबाव में अपना बयान बदला था।
इसके बाद जांच की दिशा बदल गई।
दुर्घटना के पीछे आर्थिक विवाद का शक
जांच में यह बात सामने आई कि मृत युवक का एक करीबी परिचित उसके साथ आर्थिक विवाद में था। आशंका जताई गई कि इसी विवाद के कारण उसके खिलाफ साजिश रची गई हो सकती है।
हालांकि मामले की वास्तविक सच्चाई सामने लाने के लिए पुराने सबूतों, गवाहों और दस्तावेजों की दोबारा जांच जरूरी थी।
अमित के लिए यह पूरा घटनाक्रम किसी सदमे से कम नहीं था।
जिस पत्नी पर वह कई महीनों से शक कर रहा था, उसके रात में घर से बाहर निकलने की वजह कोई प्रेम संबंध नहीं था। वह एक पुराने रहस्य की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही थी।
जिस सच ने पति-पत्नी के रिश्ते को भी बदल दिया
अमित को सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का हुआ कि उसने बिना पूरी सच्चाई जाने अपनी पत्नी पर शक करना शुरू कर दिया था।
दूसरी तरफ नेहा भी इतने वर्षों तक अपने भीतर एक ऐसा राज दबाए बैठी थी, जिसने उसकी जिंदगी को सामान्य नहीं रहने दिया।
पुराने मामले की जांच आगे बढ़ी तो नौ साल पहले बंद हो चुकी फाइल फिर चर्चा में आ गई। पुलिस ने पुराने गवाहों और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की।
अमित और नेहा के बीच पैदा हुई दूरी भी धीरे-धीरे कम होने लगी, लेकिन उस रात की घटना दोनों के लिए हमेशा यादगार रह गई।
यह पूरा घटनाक्रम एक अहम बात सामने लाता है—कई बार आंखों के सामने दिखाई देने वाली तस्वीर पूरी सच्चाई नहीं होती। अमित को लगा था कि उसकी पत्नी आधी रात को किसी दूसरे व्यक्ति से मिलने जाती है और शायद उससे कोई रिश्ता छिपा रही है। लेकिन जब पुराने लोहे के डिब्बे का राज खुला, तो सामने एक ऐसी कहानी आई, जिसका अंदाजा उसने सपने में भी नहीं लगाया था।
नौ साल पुराने हादसे की सच्चाई ने न सिर्फ एक बंद केस के सवालों को फिर जिंदा कर दिया, बल्कि अमित और नेहा के रिश्ते की उस गलतफहमी को भी बदल दिया, जो कई महीनों से उनके बीच दीवार बनती जा रही थी।
कभी-कभी जिस व्यवहार को हम धोखा समझ लेते हैं, उसके पीछे कोई ऐसा सच छिपा होता है, जो सामने आने के बाद पूरी कहानी ही बदल देता है।

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