Breaking News

नोट गिनते ही बिगड़ी दुकानदार के बेटे की हालत, बुर्के में पहुंचीं 5 महिलाओं पर 8 लाख के सोने की चोरी का आरोप



बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के बास्टा क्षेत्र से ज्वैलर्स की दुकान में कथित चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बुर्का पहने पांच महिलाएं जेवर खरीदने के बहाने एक ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंचीं। आरोप है कि महिलाओं ने पहले कुछ सोने-चांदी के आभूषण पसंद किए और उनकी कीमत भी चुकाई, लेकिन इसके बाद दुकान पर बैठे युवक को कथित तौर पर किसी तरह उलझाकर उसकी मौजूदगी में ही 50 ग्राम से अधिक सोने के जेवर गायब कर दिए।

दुकानदार के मुताबिक, इस घटना में उसे करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान और घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस दावे की हो रही है जिसमें दुकानदार की ओर से कहा गया है कि महिलाओं ने जो रुपये दिए थे, उन पर कथित तौर पर कोई केमिकल लगा हो सकता है। रुपये गिनते समय दुकान पर मौजूद युवक की तबीयत या मानसिक स्थिति अचानक बिगड़ने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

गांव में ही है ज्वैलर्स की दुकान

जानकारी के अनुसार, बास्टा क्षेत्र के गांव रसूलपुर नंगला निवासी दिनेश वर्मा पुत्र रामेश्वर वर्मा की गांव में ही ज्वैलर्स की दुकान है। वह नियमित रूप से दुकान पर बैठते हैं और उनके साथ उनका बेटा भी कारोबार में हाथ बंटाता है।

बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन दोपहर के समय दिनेश वर्मा किसी काम से दुकान से बाहर गए हुए थे। उस दौरान उनका बेटा दुकान पर मौजूद था। इसी बीच बुर्का पहने पांच महिलाएं वहां पहुंचीं। महिलाओं ने दुकान में मौजूद युवक से सोने और चांदी के जेवर दिखाने को कहा।

शुरुआत में सब कुछ सामान्य खरीदारी जैसा ही दिखाई दिया। महिलाओं ने अलग-अलग आभूषण देखे और उनमें से कुछ जेवर खरीदने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने बिछुए और सोने की लौंग खरीदी। दुकानदार के मुताबिक, इन सामानों की कीमत भी महिलाओं ने चुका दी थी।

लेकिन इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने पूरे परिवार को हैरान कर दिया।

रुपये गिनते ही युवक की हालत बिगड़ने का दावा

दुकानदार की ओर से लगाए गए आरोप के मुताबिक, महिलाओं द्वारा दिए गए रुपये जब दुकान पर मौजूद युवक ने गिनने शुरू किए तो उसकी मानसिक स्थिति अचानक बिगड़ गई। दुकानदार का कहना है कि युवक सामान्य तरीके से काम नहीं कर पा रहा था और महिलाएं उससे लगातार अलग-अलग जेवर दिखाने के लिए कहती रहीं।

इसी दौरान कथित तौर पर युवक महिलाओं को जेवर दिखाता रहा। आरोप है कि उसकी इसी स्थिति का फायदा उठाकर महिलाओं ने कई सोने के आभूषण अपने पास कर लिए।

दुकानदार ने आशंका जताई है कि महिलाओं द्वारा दिए गए नोटों पर कोई केमिकल लगा हो सकता है, जिसके संपर्क में आने के बाद रुपये गिनते समय युवक की हालत बिगड़ी। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक की तबीयत या मानसिक स्थिति अचानक क्यों बिगड़ी और क्या वास्तव में नोटों पर कोई संदिग्ध पदार्थ लगा था।

50 ग्राम से अधिक सोना गायब होने का आरोप

दुकानदार के अनुसार, महिलाओं ने दुकान में मौजूद सोने के कई आभूषण देखने के दौरान कथित तौर पर 50 ग्राम से अधिक सोना साफ कर दिया। जब तक युवक को घटना का अंदाजा होता, महिलाएं दुकान से निकल चुकी थीं।

शुरुआत में दुकान पर मौजूद युवक को इस बात का अंदाजा नहीं हो सका कि वास्तव में क्या हुआ है। बाद में जब दिनेश वर्मा दुकान पर पहुंचे तो उन्होंने बेटे की स्थिति और दुकान में रखे जेवरों को लेकर कुछ गड़बड़ी महसूस की।

उन्होंने दुकान में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने का फैसला किया। फुटेज देखने के बाद कथित तौर पर पूरा मामला सामने आया।

CCTV फुटेज में कैद हुई घटना

ज्वैलर्स की दुकान में लगे CCTV कैमरे इस मामले की जांच में अहम कड़ी बन गए हैं। आरोप है कि कैमरे में बुर्का पहने पांच महिलाओं को दुकान में आते और जेवर देखते हुए रिकॉर्ड किया गया है।

फुटेज में महिलाओं की गतिविधियों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने किस तरह जेवर लिए और घटना के बाद किस दिशा में गईं। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

ज्वैलर्स की दुकानों में आमतौर पर छोटे से छोटे आभूषण भी बड़ी कीमत के होते हैं। ऐसे में दुकान में लगे कैमरे चोरी या ठगी की घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी CCTV फुटेज पुलिस के लिए सबसे अहम साक्ष्यों में से एक हो सकता है।

करीब आठ लाख रुपये के नुकसान का दावा

दुकानदार दिनेश वर्मा ने पुलिस को बताया है कि इस घटना में उन्हें करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उनका दावा है कि महिलाओं ने 50 ग्राम से अधिक सोने के आभूषण कथित तौर पर गायब किए हैं।

हालांकि नुकसान की वास्तविक कीमत पुलिस की जांच और दुकान के रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी देख सकती है कि घटना से पहले दुकान में कितना सोना मौजूद था, किन आभूषणों को महिलाओं ने देखा था और घटना के बाद कौन-कौन से जेवर कम मिले।

इसके लिए दुकान के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री का रिकॉर्ड और CCTV फुटेज को मिलाकर जांच की जा सकती है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। बास्टा पुलिस के कोतवाल राहुल सिंह के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है।

पुलिस का फोकस फिलहाल महिलाओं की पहचान करने और उनके बारे में सुराग जुटाने पर है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि महिलाएं किसी वाहन से आई थीं या पैदल दुकान तक पहुंची थीं। अगर CCTV फुटेज में दुकान के बाहर का रास्ता या आसपास की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं, तो उनसे भी आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

क्या पहले से बनाई गई थी पूरी योजना?

मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि क्या यह पूरी घटना पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी? पांच महिलाओं का एक साथ दुकान पर पहुंचना, जेवर देखने के बाद कथित तौर पर दुकानदार के बेटे को व्यस्त रखना और फिर बड़ी मात्रा में सोना गायब होने का आरोप कई सवाल खड़े करता है।

पुलिस जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि क्या महिलाओं ने पहले दुकान की रेकी की थी या वे अचानक वहां पहुंचीं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि क्या इस घटना में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था।

अगर आसपास के CCTV कैमरों से महिलाओं के आने-जाने का रास्ता पता चलता है, तो पुलिस को इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

केमिकल वाले नोट की भी होगी जांच

इस घटना का सबसे असामान्य पहलू कथित तौर पर नोटों पर केमिकल लगाए जाने का दावा है। दुकानदार की ओर से आशंका जताई गई है कि युवक की हालत बिगाड़ने के लिए किसी पदार्थ का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

हालांकि इसे अभी पुलिस ने तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया है। यह केवल दुकानदार की ओर से जताई गई आशंका है। अगर पुलिस को नोट या किसी अन्य वस्तु पर कोई संदिग्ध पदार्थ मिलता है, तो उसकी वैज्ञानिक जांच कराई जा सकती है।

इसी तरह दुकान पर मौजूद युवक की मेडिकल जांच या अन्य चिकित्सकीय जानकारी से भी यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना के समय उसकी तबीयत क्यों बिगड़ी थी।

ज्वैलर्स को भी सतर्क रहने की जरूरत

इस घटना ने ज्वैलर्स और छोटे कारोबारियों के लिए भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सोने-चांदी की दुकानों पर एक साथ कई ग्राहक पहुंचते हैं और दुकानदारों को कम समय में कई तरह के आभूषण दिखाने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति में अगर कोई व्यक्ति दुकानदार का ध्यान भटकाता है, तो चोरी का खतरा बढ़ सकता है।

व्यापारियों के लिए CCTV कैमरे चालू रखना, महंगे आभूषणों को एक साथ बड़ी संख्या में बाहर न निकालना और ग्राहक के व्यवहार पर नजर रखना उपयोगी सावधानी हो सकती है। बड़ी खरीदारी या संदिग्ध स्थिति में अतिरिक्त स्टाफ की मौजूदगी भी मददगार साबित हो सकती है।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी सच्चाई

फिलहाल इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। दुकानदार ने करीब आठ लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है और 50 ग्राम से अधिक सोना गायब होने की बात कही है।

वहीं नोटों पर कथित केमिकल और युवक की मानसिक स्थिति बिगड़ने से जुड़े दावों की भी पुलिस जांच करेगी। CCTV फुटेज, दुकान के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना वास्तव में किस तरह हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने का इंतजार है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

कोई टिप्पणी नहीं