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12 दिन में चीनी के दाम में ऐसा उलटफेर! ₹6200 से सीधे ₹5050 क्विंटल… अब क्या 60 रुपये किलो वाली चीनी भी होगी सस्ती?



उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की मिलों से निकलने वाली नई चीनी के दाम में महज 12 दिनों के भीतर जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। पिपराइच चीनी मिल और बस्ती की मुंडेरवा चीनी मिल की चीनी, जो 22 अगस्त को 6,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रही थी, उसकी कीमत 3 सितंबर की दूसरी बिक्री में घटकर 5,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गई।

यानी करीब 12 दिन के अंतराल में कीमत में 1,150 रुपये प्रति क्विंटल की बड़ी कमी आई है। चीनी की कीमतों में अचानक आई इस गिरावट से जहां थोक बाजार में हलचल बढ़ गई है, वहीं आम उपभोक्ताओं को भी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसका असर फुटकर बाजार में दिखाई दे सकता है।

फिलहाल खुदरा बाजार में चीनी करीब 58 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है। कारोबारियों का मानना है कि थोक कीमतों में गिरावट का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंच सकता है।

12 दिन में 1,150 रुपये की गिरावट

चीनी की कीमतों में आई गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 22 अगस्त को पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिल की नई चीनी का भाव 6,200 रुपये प्रति क्विंटल था। लेकिन 3 सितंबर को हुई दूसरी बिक्री में यही चीनी 5,050 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई।

इस तरह दोनों मिलों की चीनी के भाव में सीधे 1,150 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई।

चीनी की कीमतों में यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिशों के बीच मिलों की बिक्री दरों पर भी नजर रखी जा रही है।

पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिल की चीनी की एक खास बात यह भी है कि दोनों मिलों की चीनी सल्फरलेस बताई गई है। वहीं, इन दरों पर चीनी उठाने की अंतिम तारीख 6 सितंबर निर्धारित की गई है।

मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल की कीमत भी गिरी

सिर्फ पिपराइच और मुंडेरवा ही नहीं, बल्कि मेरठ की मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल की नई चीनी के दाम में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

चीनी निगम की 3 सितंबर की दूसरी बिक्री दरों के मुताबिक मोहिउद्दीनपुर मिल की एम-30 ग्रेड नई चीनी का भाव 5,000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

इसकी तुलना अगर 22 अगस्त के भाव से करें तो उस समय मोहिउद्दीनपुर की चीनी 6,000 रुपये प्रति क्विंटल थी। यानी करीब 12 दिनों में इस मिल की चीनी भी 1,000 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हो गई।

इस तरह तीनों मिलों की कीमतों पर नजर डालें तो गिरावट काफी बड़ी है।

चीनी मिल22 अगस्त का भाव3 सितंबर का भावकमी
मोहिउद्दीनपुर₹6,000/क्विंटल₹5,000/क्विंटल₹1,000
पिपराइच₹6,200/क्विंटल₹5,050/क्विंटल₹1,150
मुंडेरवा₹6,200/क्विंटल₹5,050/क्विंटल₹1,150

इन आंकड़ों से साफ है कि कम समय में चीनी की बिक्री दरों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

सरकार के दबाव का असर?

चीनी कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे बाजार की परिस्थितियों के साथ-साथ सरकारी स्तर पर कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिशों का भी असर माना जा रहा है।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानियां के मुताबिक सरकार के दबाव का असर चीनी मिलों पर दिखाई देने लगा है। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में चीनी की कीमतों में और नरमी आ सकती है और इसका फायदा खुदरा उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है।

हालांकि, थोक बाजार में पहले से मौजूद महंगी चीनी का स्टॉक भी कीमतों को प्रभावित कर रहा है। कारोबारियों के अनुसार बाजार में काफी मात्रा में चीनी ऐसी है, जिसे पुराने और अपेक्षाकृत ऊंचे भाव पर खरीदा गया था।

अब जब नई चीनी कम कीमत पर उपलब्ध हो रही है, तो पुराने स्टॉक को निकालने के लिए कारोबारियों को कीमतों में नरमी रखनी पड़ रही है।

थोक बाजार में क्या है स्थिति?

फिलहाल थोक बाजार में चीनी करीब 5,450 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। इस कीमत में करीब 250 रुपये जीएसटी, पल्लेदारी और भाड़ा भी शामिल बताया जा रहा है।

यानी मिल से निकलने वाली चीनी और अंतिम थोक कीमत के बीच परिवहन, कर और अन्य खर्च जुड़ने के बाद भाव बढ़ जाता है।

थोक कारोबारियों का कहना है कि बाजार में पहले से ही महंगे दाम पर खरीदी गई चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ऐसे में बाजार में सस्ती नई चीनी आने के बावजूद पुराने स्टॉक को लेकर दबाव बना हुआ है।

यही कारण है कि फिलहाल बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी के बजाय नरमी का रुख दिखाई दे रहा है।

फुटकर बाजार में अभी 58 से 60 रुपये किलो

आम उपभोक्ताओं की नजर सबसे ज्यादा फुटकर बाजार की कीमत पर होती है। फिलहाल फुटकर बाजार में चीनी 58 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है।

हालांकि, मिल और थोक बाजार में कीमतों में जिस तरह की गिरावट आई है, उसका पूरा फायदा अभी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है। इसका एक कारण पुराने महंगे स्टॉक को भी माना जा रहा है।

व्यापारियों के मुताबिक जैसे-जैसे पुराना स्टॉक खत्म होगा और कम कीमत पर खरीदी गई चीनी बाजार में पहुंचेगी, वैसे-वैसे फुटकर कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

अगर थोक कीमतों में गिरावट बनी रहती है तो आने वाले दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं को चीनी कुछ सस्ती मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।

त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं के लिए राहत की उम्मीद

आने वाले समय में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में घरों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए चीनी की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। मांग बढ़ने के समय कीमतों में बढ़ोतरी के बजाय अगर बाजार में चीनी सस्ती उपलब्ध होती है, तो यह उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात होगी।

हालांकि, त्योहारों के दौरान मांग में अचानक बढ़ोतरी होने पर कीमतों पर दोबारा दबाव भी बन सकता है। इसलिए अगले कुछ सप्ताह चीनी बाजार के लिए महत्वपूर्ण माने जा सकते हैं।

मिलों की कीमत और बाजार भाव में अंतर क्यों?

मिलों की बिक्री दर वह कीमत होती है जिस पर चीनी मिल से थोक खरीदार चीनी उठाते हैं। इसके बाद इसमें जीएसटी, परिवहन, पल्लेदारी और अन्य खर्च जुड़ते हैं। यही वजह है कि मिल की कीमत और खुदरा बाजार में मिलने वाली कीमत अलग-अलग होती है।

इस समय पिपराइच और मुंडेरवा की नई चीनी 5,050 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर उपलब्ध होने के बावजूद खुदरा उपभोक्ता को बाजार में 58-60 रुपये प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं।

आने वाले दिनों में नई कम कीमत वाली चीनी की सप्लाई बढ़ने और महंगे पुराने स्टॉक के कम होने पर दोनों के बीच का अंतर कम हो सकता है।

अभी राहत, लेकिन आगे बाजार पर नजर

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमतों में पिछले 12 दिनों के दौरान आई गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। पिपराइच और मुंडेरवा की चीनी 6,200 रुपये से घटकर 5,050 रुपये प्रति क्विंटल और मोहिउद्दीनपुर की चीनी 6,000 रुपये से घटकर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।

थोक बाजार में फिलहाल करीब 5,450 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव चल रहा है, जबकि फुटकर बाजार में उपभोक्ताओं को 58 से 60 रुपये प्रति किलो खर्च करने पड़ रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मिलों से शुरू हुई यह बड़ी गिरावट जल्द ही किराना दुकानों तक पहुंचेगी? अगर नई कम कीमत वाली चीनी की आवक और बिक्री इसी तरह जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को चीनी के दाम में और राहत मिल सकती है।

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