आसमान से आफत की आहट! 14 सितंबर को 23 राज्यों में आंधी-बारिश का बड़ा अलर्ट, कहीं आपका शहर तो नहीं?
नई दिल्ली। सितंबर का मध्य आते ही अगर आपको लग रहा है कि मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है और बारिश से राहत मिलने वाली है, तो मौसम का मिजाज एक बार फिर आपकी उम्मीद बदल सकता है। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है और अगले कुछ दिनों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 सितंबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
इस समय सबसे ज्यादा सक्रिय मौसम प्रणाली का असर मध्य और पश्चिमी भारत में दिखाई दे रहा है। IMD के मुताबिक, 13 सितंबर की सुबह दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर विदर्भ के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर गुजरात की ओर बढ़ सकता है। इसके कारण मध्य और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
14 सितंबर को कई राज्यों में बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 14 सितंबर को गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, महाराष्ट्र और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। गुजरात में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। कोंकण और गोवा में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। मुंबई और आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी से उठे सिस्टम का असर
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े मौसम सिस्टम की अहम भूमिका है। मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र का निर्माण उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास हुआ था। इसके बाद यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ऐसे सिस्टम अपने साथ बड़ी मात्रा में नमी लेकर चलते हैं। जब यह नमी वाले बादल जमीन के ऊपर पहुंचते हैं तो कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति पैदा हो सकती है। मौजूदा सिस्टम भी धीरे-धीरे मध्य भारत से पश्चिमी हिस्सों की तरफ बढ़ रहा है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों में बारिश का प्रभाव अलग-अलग राज्यों में देखने को मिल सकता है।
गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा
14 सितंबर को गुजरात मौसम की सबसे ज्यादा निगरानी वाले राज्यों में शामिल रहेगा। IMD ने गुजरात में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इससे पहले 13 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।
सौराष्ट्र और कच्छ में भी 13 और 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार या कम समय में तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के लिए ऐसी स्थिति में निचले इलाकों पर विशेष नजर रखना जरूरी होगा। आम लोगों को भी मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
महाराष्ट्र में भी तेज बारिश की संभावना
महाराष्ट्र में मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी मौसम विभाग का पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है। IMD के मुताबिक कोंकण और गोवा में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जैसे इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। शहरों में भारी बारिश का सीधा असर ट्रैफिक और लोकल परिवहन पर पड़ता है। ऐसे में बारिश के दौरान लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में भी बदल सकता है मौसम
दिल्ली-NCR में 14 सितंबर को बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD के उपलब्ध पूर्वानुमान में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों का संकेत दिया गया है।
हालांकि देश के हर हिस्से में एक जैसी बारिश नहीं होगी। कुछ इलाकों में केवल हल्की बारिश या गरज-चमक हो सकती है, जबकि आसपास के दूसरे क्षेत्रों में अपेक्षाकृत तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
दिल्ली में बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने पर पेड़ या कमजोर ढांचे गिरने जैसी स्थानीय समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
उत्तर प्रदेश में क्या रहेगा मौसम का हाल?
उत्तर प्रदेश में भी मौसम पूरी तरह शांत रहने की उम्मीद नहीं है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि मौजूदा मौसम सिस्टम का सबसे मजबूत असर मध्य और पश्चिमी भारत की तरफ बताया जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि मध्य और पूर्वी हिस्सों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर बारिश हो सकती है।
लखनऊ समेत कई शहरों में लोगों को अगले एक-दो दिनों में मौसम के बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर दोपहर बाद या शाम के समय अचानक बादल बनने पर गरज-चमक और बारिश हो सकती है।
पंजाब-हरियाणा में भी बारिश बढ़ने के आसार
पंजाब और हरियाणा में हाल के दिनों में मानसूनी गतिविधि अपेक्षाकृत कमजोर रही है, लेकिन 14 और 15 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार, दोनों राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होने का पूर्वानुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
मध्य प्रदेश और राजस्थान पर भी नजर
मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण मध्य प्रदेश और राजस्थान के मौसम पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है।
पूर्वी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ बारिश का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिम की ओर खिसक सकता है। यही वजह है कि राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में 13 से 15 सितंबर के बीच मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं से सावधान
बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी कई इलाकों में बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और पानी वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
अगर तेज गरज-चमक शुरू हो जाए तो लोगों को खुले स्थान पर खड़े रहने के बजाय सुरक्षित इमारत के अंदर चले जाना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान गति कम रखने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जाती है।
मानसून की विदाई से पहले एक और सक्रिय दौर
सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों से पीछे हटने लगता है, लेकिन इसकी विदाई से पहले भी निम्न दबाव वाले सिस्टम बारिश के सक्रिय दौर पैदा कर सकते हैं। मौजूदा मौसम प्रणाली इसी तरह की स्थिति का उदाहरण है।
IMD के अनुसार, इस सिस्टम के कारण मध्य और पश्चिमी भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर गुजरात और महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
फिलहाल 14 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम करवट लेने वाला है। कहीं तेज बारिश होगी तो कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों के अलावा पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। स्थानीय स्तर पर IMD और प्रशासन की चेतावनियों को प्राथमिकता देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

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