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दिल के मरीजों के लिए चौंकाने वाली खबर! जिस दवा से बड़ी उम्मीद थी, ट्रायल में निकला उल्टा नतीजा



नई दिल्ली। दिल की बीमारी से जूझ रहे लाखों-करोड़ों मरीजों के लिए ऐसी दवाओं पर दुनिया भर में लगातार रिसर्च चल रही है, जो सिर्फ कोलेस्ट्रॉल कम करने तक सीमित न रहें, बल्कि हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे गंभीर खतरे को भी कम कर सकें। इसी उम्मीद के बीच एक नई दवा को लेकर बड़ा झटका लगा है। जिस दवा से वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि वह एक खास तरह के आनुवंशिक हार्ट रिस्क को कम करके मरीजों को गंभीर कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं से बचाने में मदद करेगी, उसके बड़े क्लीनिकल ट्रायल का नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं आया।

दवा का नाम है Pelacarsen और इसका परीक्षण Lp(a)HORIZON Phase 3 trial में किया गया था। 4 सितंबर 2026 को Novartis और उसके पार्टनर Ionis Pharmaceuticals ने बताया कि यह ट्रायल अपने मुख्य लक्ष्य यानी प्रमुख कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं के जोखिम को कम करने में सफल नहीं रहा।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दवा ने शरीर में Lipoprotein(a), यानी Lp(a), के स्तर को काफी कम किया, लेकिन इसके बावजूद हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कार्डियोवैस्कुलर मौत जैसी घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं दिखाई दी। यही वजह है कि इस नतीजे ने सिर्फ इस दवा पर ही नहीं, बल्कि Lp(a) को कम करके हार्ट डिजीज रोकने की पूरी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

आखिर क्या है Lp(a), जिस पर टिकी थी इतनी बड़ी उम्मीद?

हमारे शरीर में कई तरह के फैट और प्रोटीन मौजूद होते हैं, जिनका संबंध रक्त में कोलेस्ट्रॉल के परिवहन से होता है। Lp(a) भी ऐसा ही एक लिपोप्रोटीन है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि इसका स्तर काफी हद तक जेनेटिक्स से निर्धारित होता है

Ionis के मुताबिक Lp(a) का स्तर लगभग 90 प्रतिशत तक आनुवंशिक कारकों से निर्धारित हो सकता है और आम खान-पान तथा लाइफस्टाइल से इसमें होने वाला बदलाव सीमित हो सकता है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत आबादी में इसका स्तर बढ़ा हुआ माना जाता है।

यही वजह है कि Lp(a) को लंबे समय से हृदय रोग के एक महत्वपूर्ण आनुवंशिक जोखिम कारक के रूप में देखा जाता रहा है।

यह धमनियों में प्लाक बनने और सूजन से जुड़े प्रक्रियाओं में योगदान कर सकता है। इससे धमनियों में रुकावट और प्लाक के टूटने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जो आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती हैं।

इसी वैज्ञानिक आधार पर उम्मीद की गई कि अगर दवा Lp(a) को काफी नीचे ले आए तो शायद हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी घटाया जा सकेगा।

लेकिन नए ट्रायल ने तस्वीर को इतना आसान नहीं रहने दिया।

8 हजार से ज्यादा मरीजों पर हुआ बड़ा ट्रायल

Pelacarsen का Lp(a)HORIZON ट्रायल छोटा अध्ययन नहीं था। इसमें 8,323 मरीजों को शामिल किया गया। सभी मरीजों में Lp(a) का स्तर बढ़ा हुआ था और पहले से हृदय संबंधी बीमारी मौजूद थी।

यह एक Phase 3, randomized, placebo-controlled और double-blind clinical trial था। यानी मरीजों को उपचार और placebo समूहों में वैज्ञानिक तरीके से बांटकर दवा के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया।

ट्रायल का सबसे अहम लक्ष्य था यह पता लगाना कि Pelacarsen लेने से प्रमुख कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं का जोखिम कम होता है या नहीं।

इसमें चार प्रमुख घटनाओं को संयुक्त रूप से देखा गया—

  • कार्डियोवैस्कुलर कारणों से मौत

  • गैर-घातक हार्ट अटैक

  • गैर-घातक स्ट्रोक

  • अस्पताल में भर्ती की जरूरत वाली तत्काल कोरोनरी रिवास्कुलराइजेशन प्रक्रिया

लेकिन जब नतीजे सामने आए तो दवा अपने primary endpoint को हासिल नहीं कर सकी।

दवा ने Lp(a) घटाया, फिर भी हार्ट अटैक क्यों नहीं रुका?

यही इस पूरी खबर का सबसे बड़ा सवाल है।

Pelacarsen को खास तौर पर Lp(a) को कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया था। ट्रायल में दवा ने वास्तव में Lp(a) के स्तर को काफी कम किया। यानी जिस जैविक लक्ष्य पर दवा काम करने के लिए बनाई गई थी, वहां उसका असर दिखाई दिया।

लेकिन समस्या तब सामने आई जब वैज्ञानिकों ने यह देखा कि इस बदलाव का मरीजों के वास्तविक स्वास्थ्य परिणामों पर अपेक्षित असर नहीं पड़ा।

दवा ने Lp(a) कम किया, लेकिन इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक या कार्डियोवैस्कुलर मौत के संयुक्त जोखिम में सांख्यिकीय रूप से पर्याप्त कमी साबित नहीं हुई।

यानी शरीर में एक महत्वपूर्ण biomarker कम करने में सफलता मिली, लेकिन मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या वे कम बीमार पड़े या कम मरे—का जवाब इस ट्रायल में उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला।

इसी अंतर ने वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान खींचा है।

क्या इसका मतलब Lp(a) खतरनाक नहीं है?

नहीं। ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

Lp(a) को अब भी हृदय रोग के एक महत्वपूर्ण और आनुवंशिक जोखिम कारक के रूप में देखा जाता है। नई स्टडी का मतलब सिर्फ इतना है कि Lp(a) को दवा के जरिए कम कर देना अपने आप में हार्ट अटैक और स्ट्रोक को कम करने की गारंटी साबित नहीं हुआ।

Reuters के मुताबिक, विशेषज्ञों के लिए अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या Lp(a) को और ज्यादा कम करना जरूरी होगा, क्या इलाज बहुत पहले शुरू किया जाना चाहिए या क्या कुछ विशेष मरीजों में इसका लाभ दिखाई दे सकता है।

इसलिए इस ट्रायल के पूरे आंकड़े सामने आने के बाद ही ज्यादा स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।

दिल के मरीजों के लिए इसका क्या मतलब है?

इस खबर को सुनकर जिन लोगों का Lp(a) बढ़ा हुआ है या जो हृदय रोग से जूझ रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीजों को अपनी मौजूदा हार्ट की दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए।

Lp(a) के अलावा LDL cholesterol, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधि और पारिवारिक इतिहास जैसे कई कारक हृदय रोग के जोखिम को प्रभावित करते हैं।

Lp(a)HORIZON ट्रायल में शामिल मरीज भी पहले से guideline-directed cardiovascular treatment ले रहे थे, जिसमें lipid-lowering और blood-pressure-lowering treatments शामिल थे।

इसका मतलब यह है कि Pelacarsen को मौजूदा इलाज के ऊपर एक अतिरिक्त रणनीति के रूप में देखा जा रहा था, न कि पुराने उपचारों को पूरी तरह बदलने वाली दवा के रूप में।

दुनिया के करीब हर पांचवें व्यक्ति के लिए क्यों अहम है मामला?

इस ट्रायल का महत्व इसलिए भी बड़ा है क्योंकि Lp(a) का बढ़ा स्तर अपेक्षाकृत बड़ी आबादी में पाया जाता है। Ionis के अनुसार दुनिया की करीब 20 प्रतिशत आबादी में Lp(a) का स्तर बढ़ा हुआ हो सकता है। इसके अलावा समय से पहले होने वाली हृदय संबंधी बीमारी वाले लोगों में इसका अनुपात और ज्यादा हो सकता है।

यानी अगर Pelacarsen सफल होता तो यह हृदय रोग की रोकथाम के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता था।

खासकर उन लोगों के लिए जिनका Lp(a) आनुवंशिक कारणों से ज्यादा है और जिनमें सामान्य लाइफस्टाइल बदलाव से इसे पर्याप्त रूप से कम करना मुश्किल हो सकता है।

लेकिन अब वैज्ञानिकों को एक और कठिन सवाल का सामना करना पड़ रहा है—अगर Lp(a) इतना महत्वपूर्ण जोखिम कारक है, तो उसे कम करने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा उसी अनुपात में क्यों नहीं घटा?

दूसरी कंपनियों की दवाओं पर भी पड़ेगा असर

Pelacarsen अकेली दवा नहीं है जिस पर Lp(a) कम करने को लेकर काम हो रहा है। दुनिया की कई बड़ी फार्मा कंपनियां इस दिशा में अलग-अलग तकनीकों के जरिए उपचार विकसित कर रही हैं।

Reuters के मुताबिक Amgen और Eli Lilly समेत अन्य कंपनियां भी Lp(a) कम करने वाली दवाओं पर काम कर रही हैं। Pelacarsen के नतीजे से इस पूरे क्षेत्र में निवेशकों और वैज्ञानिकों की उम्मीदों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

हालांकि अलग-अलग दवाओं की तकनीक, मरीजों की आबादी, इलाज की अवधि और अध्ययन की डिजाइन अलग हो सकती है। इसलिए Pelacarsen की असफलता का मतलब यह नहीं है कि Lp(a) को लक्ष्य करने वाली हर दूसरी दवा भी असफल होगी।

क्या दवा असुरक्षित साबित हुई?

यहां एक बेहद जरूरी अंतर समझना होगा।

ट्रायल ने यह नहीं कहा कि Pelacarsen मरीजों के लिए खतरनाक साबित हुई। कंपनी के अनुसार दवा ने एक स्वीकार्य safety profile दिखाया। समस्या मुख्य रूप से यह रही कि Lp(a) कम होने के बावजूद cardiovascular risk reduction का primary endpoint हासिल नहीं हुआ।

यानी खबर का सही अर्थ है—दवा ने अपने जैविक लक्ष्य पर असर किया, लेकिन उस असर को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे वास्तविक क्लीनिकल परिणामों में बदलकर साबित नहीं कर सकी।

अब आगे क्या होगा?

Novartis और Ionis ने कहा है कि Lp(a)HORIZON के पूरे आंकड़े आने वाले मेडिकल सम्मेलन में पेश किए जाएंगे। इन विस्तृत आंकड़ों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग-अलग मरीज समूहों में दवा का प्रदर्शन कैसा रहा और किन परिस्थितियों में Lp(a) कम करने का संभावित लाभ दिखाई दे सकता है।

आगे की रिसर्च यह भी समझने की कोशिश करेगी कि क्या Lp(a) को कम करने की मात्रा, इलाज शुरू करने का समय या मरीजों की विशेष श्रेणी परिणामों को प्रभावित करती है।

सबसे बड़ा सबक क्या मिला?

Pelacarsen ट्रायल का नतीजा मेडिकल रिसर्च के लिए एक महत्वपूर्ण सबक लेकर आया है।

किसी बीमारी से जुड़े एक biomarker को कम करना और उस बीमारी से होने वाली मौत या गंभीर घटना को रोकना—दो अलग-अलग बातें हैं।

इस मामले में वैज्ञानिकों ने Lp(a) को काफी कम किया, लेकिन हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कार्डियोवैस्कुलर मौत जैसे वास्तविक परिणामों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।

यही वजह है कि इस ट्रायल को सिर्फ एक दवा की असफलता के रूप में नहीं देखा जा रहा। यह इस सवाल को भी दोबारा सामने ला रहा है कि दिल की बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए कौन सा जैविक लक्ष्य वास्तव में मरीजों की जिंदगी बचाने में सबसे ज्यादा मायने रखता है।

फिलहाल दिल के मरीजों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि इस खबर के आधार पर अपनी दवाएं बंद न करें और न ही Lp(a) को लेकर खुद से कोई इलाज शुरू करें। यदि किसी व्यक्ति में हृदय रोग का इतिहास है या परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक की घटनाएं रही हैं, तो डॉक्टर से जोखिम का आकलन और उपयुक्त जांच के बारे में सलाह लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

यह लेख ताजा क्लीनिकल ट्रायल के सार्वजनिक परिणामों पर आधारित सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। किसी भी हार्ट या कोलेस्ट्रॉल की दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।

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