कारगिल युद्ध के रिटायर्ड अफसर पर जानलेवा हमला! पार्किंग विवाद में सिर पर मारी लोहे की रॉड, टूटी कोहनी
गुरुग्राम: 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान हुए ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ से जुड़े रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित गुप्ता पर गुरुग्राम में कथित तौर पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 10 सितंबर 2026 की रात सेक्टर-58 स्थित मैग्नम ग्लोबल पार्क में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद एक पार्किंग अटेंडेंट ने उनके साथ मारपीट की और लोहे की भारी रॉड से हमला कर दिया।
अमित गुप्ता ने इस संबंध में गुरुग्राम पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उन्होंने हमलावर के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराओं में FIR दर्ज करने तथा आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले हमले के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर सकती है और CCTV फुटेज तथा मौके पर मौजूद लोगों के बयान इस घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
परिवार के साथ डिनर के लिए गए थे अमित गुप्ता
शिकायत के मुताबिक, अमित गुप्ता गुरुग्राम के सेक्टर-61 स्थित पायनियर पार्क में रहते हैं। 10 सितंबर की रात करीब 8 बजे वह अपने परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित GONZO रेस्टोरेंट में डिनर करने पहुंचे थे।
उनका कहना है कि रेस्टोरेंट पहुंचने के बाद उन्होंने पहले अपने परिवार के सदस्यों को वहां उतारा और इसके बाद अपनी कार पार्क करने के लिए पार्किंग एरिया की तरफ गए। इसी दौरान पार्किंग व्यवस्था को लेकर उनकी वहां मौजूद कर्मचारियों से बातचीत शुरू हुई।
अमित गुप्ता का आरोप है कि पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें पहले वैले पार्किंग में वाहन खड़ा करने के लिए कहा। जब वह वहां पहुंचे तो उन्हें बेसमेंट में जाने को कहा गया। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें मल्टीलेवल पार्किंग की ओर भेजा गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बार-बार अलग-अलग जगह कार ले जाने को लेकर उन्होंने पार्किंग कर्मचारियों से सवाल किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। उनका आरोप है कि आखिरकार पार्किंग कर्मचारियों ने उनकी कार पार्क करने से मना कर दिया।
कार के शीशे पर रॉड मारने का आरोप
अमित गुप्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वह अपनी कार बैक करके वापस आने लगे, उसी दौरान एक पार्किंग अटेंडेंट ने उनकी कार के शीशे पर लोहे की रॉड से वार कर दिया।
उनका दावा है कि रॉड लगने से कार का शीशा क्रैक हो गया। इसके बाद उन्होंने कार से बाहर निकलकर इसका विरोध किया। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान विवाद और ज्यादा बढ़ गया और आरोपी ने पार्किंग बैरियर से लगी एक भारी लोहे की रॉड उठा ली।
अमित गुप्ता का आरोप है कि आरोपी ने इसी रॉड से उनके सिर पर हमला किया। रॉड सिर पर लगने के बाद खून निकलने लगा। उनका कहना है कि इसके बाद आरोपी ने दोबारा हमला करने की कोशिश की।
बचाव में हाथ आगे किया तो कोहनी में लगी रॉड
शिकायतकर्ता के मुताबिक, दूसरे वार से बचने के लिए उन्होंने अपना हाथ आगे कर दिया। इस दौरान लोहे की रॉड उनके बाएं हाथ की कोहनी पर जा लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि वह मौके पर ही गिर गए।
अमित गुप्ता का आरोप है कि हमले के दौरान आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने बताया कि हमले के कारण उनके सिर और बाएं हाथ की कोहनी में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद उन्होंने किसी तरह फोन के माध्यम से अपने परिवार को सूचना दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।
मेदांता अस्पताल में हुई सर्जरी
अमित गुप्ता के अनुसार, परिवार के लोग उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकीय जांच के बाद पता चला कि उनके बाएं हाथ की कोहनी में फ्रैक्चर हुआ है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि चोट की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी। इसके बाद उनकी कोहनी की हड्डी को प्लेट लगाकर जोड़ा गया।
अमित गुप्ता ने बताया कि सर्जरी और इलाज के कारण वह तत्काल पुलिस को शिकायत नहीं दे सके। स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने के बाद उन्होंने पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की।
मौके पर कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड मौजूद होने का दावा
शिकायत में अमित गुप्ता ने यह भी कहा है कि जब कथित तौर पर उनके साथ मारपीट हुई, उस समय पार्किंग क्षेत्र में कई कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड मौजूद थे।
उनका आरोप है कि घटना के दौरान मौजूद लोगों में से किसी ने भी उन्हें बचाने या हमलावर को रोकने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया। अब उन्होंने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना के समय पार्किंग क्षेत्र में लगे CCTV कैमरे महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस से CCTV फुटेज की जांच करने और पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्डिंग के आधार पर समझने की मांग की है।
आरोपी का नाम नहीं पता, चेहरे से पहचानने का दावा
अमित गुप्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि जिस पार्किंग अटेंडेंट पर उन्होंने हमला करने का आरोप लगाया है, उसका नाम उन्हें मालूम नहीं है। हालांकि, उनका कहना है कि वह आरोपी को देखकर पहचान सकते हैं।
ऐसे में पुलिस के लिए CCTV फुटेज, पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी सूची और उस समय वहां मौजूद स्टाफ की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि जांच में यह सामने आता है कि घटना में किसी कर्मचारी की भूमिका थी, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है।
हत्या के प्रयास की धारा में कार्रवाई की मांग
अमित गुप्ता ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उनका कहना है कि सिर पर भारी लोहे की रॉड से हमला किए जाने और धमकी दिए जाने की घटना को सामान्य मारपीट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने तथा गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही उन्होंने घटनास्थल के CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और घटना के समय मौजूद कर्मचारियों तथा सुरक्षा गार्डों से पूछताछ करने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। घटना के संबंध में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह शुरू हुआ, मारपीट की वास्तविक स्थिति क्या थी और किस व्यक्ति की इसमें भूमिका थी।
CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ जांच के अहम हिस्से हो सकते हैं। मेडिकल रिकॉर्ड से अमित गुप्ता को लगी चोटों की गंभीरता भी स्पष्ट हो सकती है।
अमित गुप्ता का कहना है कि वह इस मामले में न्याय चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी। उन्होंने विशेष रूप से CCTV फुटेज की जांच पर जोर दिया है, क्योंकि उनके मुताबिक घटना के दौरान पार्किंग क्षेत्र में कैमरे मौजूद थे।
इस मामले में फिलहाल किसी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

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