दिन में हुआ जमीन विवाद… रात में मिट गया पूरा परिवार! सुबह तक जंगल में दफन थे 3 शव, ऐसे खुला खौफनाक राज
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद इतना बढ़ गया कि एक ही परिवार के तीन लोगों की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में पति-पत्नी के अलावा उनका महज 12 साल का बेटा भी शामिल है। वारदात के बाद आरोपियों ने तीनों शवों को जंगल में ले जाकर दफना दिया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे।
मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। परिवार के तीन सदस्यों के अचानक लापता होने के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो धीरे-धीरे इस खौफनाक वारदात की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर जंगल से तीनों शव बरामद किए। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कथित हथियार टांगी भी बरामद कर ली है।
दिन में हुआ था जमीन को लेकर झगड़ा
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मृतक राजिन दोरायबुरू का गांव के ही रहने वाले बोंज केरायबुरू और मुचिया दोरायबुरू के साथ जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। जमीन के मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और विवाद होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि 21 अगस्त को भी जमीन के इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में दिन के समय जमकर झगड़ा हुआ था। उस समय मामला किसी तरह शांत हो गया, लेकिन पुलिस के मुताबिक, विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ था।
आरोप है कि दिन में हुए झगड़े के बाद दोनों युवकों ने रात में वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।
नशे के बाद घर पहुंचे दोनों युवक
पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि दिन में विवाद होने के बाद बोंज केरायबुरू और मुचिया दोरायबुरू ने शराब पी। इसके बाद दोनों रात के समय राजिन दोरायबुरू के घर पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, दोनों के पास टांगी थी। आरोप है कि घर पहुंचने के बाद उन्होंने राजिन पर हमला कर दिया। इस हमले में राजिन की मौत हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी जानो दोरायबुरू और 12 साल के बेटे काण्डे को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया।
एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर शवों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
जंगल में ले जाकर दफना दिए तीनों शव
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने तीनों शवों को जंगल की ओर ले जाकर जमीन में दफना दिया। माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि परिवार के लोगों और पुलिस को तुरंत घटना की जानकारी न हो सके।
एक साथ तीन लोगों के गायब होने से परिवार के सदस्य परेशान हो गए। जब काफी तलाश के बावजूद राजिन, उनकी पत्नी और बेटे का पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस से संपर्क किया।
26 अगस्त को दर्ज हुई शिकायत
मामले में राजिन के परिवार की सदस्य रमिया दोरायबुरू ने 26 अगस्त को टोंटो थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में परिवार के तीन सदस्यों के लापता होने की जानकारी दी गई थी। साथ ही उनकी हत्या किए जाने की आशंका भी जताई गई थी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के लिए टीम गठित की। पुलिस ने परिवार, गांव और आसपास के लोगों से जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने बोंज केरायबुरू और मुचिया दोरायबुरू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में खुला हत्याकांड का राज
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। कथित तौर पर पूछताछ में दोनों ने वारदात से जुड़ी जानकारी दी और पुलिस को उस जगह के बारे में बताया जहां तीनों शवों को दफनाया गया था।
इसके बाद पुलिस टीम जंगल पहुंची। तलाशी अभियान के दौरान 27 अगस्त को तीनों शव बरामद कर लिए गए। घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी भी बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
जमीन विवाद को माना जा रहा मुख्य कारण
पुलिस की शुरुआती जांच में जमीन विवाद को हत्याकांड की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में केवल दो आरोपी शामिल थे या उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था।
घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या, उनमें 12 साल के बच्चे का शामिल होना और फिर शवों को जंगल में दफना देना इस मामले को बेहद गंभीर बना देता है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस हत्या की परिस्थितियों, जमीन विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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