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वृद्धावस्था पेंशनर्स के लिए जरूरी अपडेट! यूपी में अब हर डेढ़ महीने पर खाते में आएगा पैसा, जानिए सीएम योगी का ये बड़ा ऐलान



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए भुगतान व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब पात्र बुजुर्गों को तीन महीने की पेंशन एक साथ 3,000 रुपये के रूप में नहीं मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत यह रकम दो बराबर किस्तों में लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। प्रत्येक किस्त में 1,500 रुपये दिए जाएंगे। पेंशन की यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

सरकार की ओर से लागू की गई इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन भुगतान को नियमित और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में करीब 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी हैं और नई भुगतान प्रणाली के तहत उनके खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लाभार्थी अपने मोबाइल पर आने वाले SMS और संबंधित पोर्टल के माध्यम से भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

अब तीन महीने में एक बार नहीं, दो किस्तों में आएगी पेंशन

नई व्यवस्था के तहत तीन महीने की कुल 3,000 रुपये की पेंशन को दो हिस्सों में बांटा गया है। प्रत्येक लाभार्थी को 1,500-1,500 रुपये की दो किस्तें मिलेंगी। दोनों किस्तों के बीच करीब 45 दिन का अंतर रखा जाएगा। यानी लगभग डेढ़ महीने के अंतराल पर पेंशन की एक किस्त लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।

पहले तीन महीने की राशि एक साथ मिलने से लाभार्थियों को लंबे अंतराल तक अगली पेंशन का इंतजार करना पड़ता था। अब भुगतान को दो हिस्सों में किए जाने से लाभार्थियों के खाते में अपेक्षाकृत कम अंतराल पर रकम पहुंच सकेगी। हालांकि कुल त्रैमासिक पेंशन की राशि 3,000 रुपये ही रहेगी।

विभागीय स्तर पर भुगतान प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्र लाभार्थियों को अपने बैंक खातों की स्थिति और आधार लिंकिंग की जानकारी भी सुनिश्चित करने की सलाह दी जा रही है, ताकि DBT भुगतान में किसी तरह की परेशानी न हो।

45 दिन के अंतराल पर जारी होगी किस्त

नई भुगतान प्रणाली की सबसे अहम बात यह है कि पेंशन की दोनों किस्तों के बीच करीब 45 दिन का अंतर रखा जाएगा। यानी लाभार्थी को तीन महीने की पूरी रकम का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहली किस्त मिलने के बाद लगभग डेढ़ महीने के अंतराल पर दूसरी किस्त जारी की जाएगी।

हालांकि भुगतान की वास्तविक तारीख विभागीय प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए लाभार्थियों के लिए जरूरी है कि वे अपने बैंक खाते और पेंशन से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट रखें।

पेंशन जारी होने के बाद लाभार्थी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी सूचना मिल सकती है। इसके अलावा संबंधित सामाजिक पेंशन पोर्टल पर भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है।

80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को केंद्र और राज्य से बराबर योगदान

वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से राशि का योगदान किया जाता है। 80 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशन लाभार्थियों के लिए तीन महीने की कुल 3,000 रुपये की पेंशन में केंद्र और राज्य सरकार का योगदान बराबर बताया गया है।

इस श्रेणी में राज्य सरकार की ओर से 1,500 रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 1,500 रुपये का योगदान होता है। दोनों हिस्सों को मिलाकर लाभार्थी को कुल 3,000 रुपये की त्रैमासिक पेंशन मिलती है।

इस रकम को अब दो किस्तों में भेजे जाने की व्यवस्था लागू की गई है। भुगतान का माध्यम DBT होने के कारण राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाएगी।

80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों के लिए अलग योगदान

वहीं, 80 वर्ष से कम आयु के वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों के मामले में केंद्र और राज्य सरकार का योगदान अलग अनुपात में है। इस श्रेणी में तीन महीने की कुल 3,000 रुपये की पेंशन में राज्य सरकार की ओर से 2,400 रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 600 रुपये का योगदान किया जाता है।

इस तरह केंद्र और राज्य के हिस्से अलग होने के बावजूद लाभार्थी को मिलने वाली कुल पेंशन राशि 3,000 रुपये ही रहती है। नई व्यवस्था के तहत यही रकम 1,500 रुपये की दो किस्तों में लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

60 साल की उम्र पूरी होने पर कर सकते हैं आवेदन

वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। यानी 60 साल की उम्र पूरी कर चुके पात्र व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह के अनुसार, योजना के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आय की अलग-अलग सीमा निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले आवेदक की वार्षिक आय 46,080 रुपये तक होनी चाहिए, जबकि शहरी क्षेत्र के आवेदक के लिए वार्षिक आय की सीमा 56,460 रुपये तक निर्धारित है।

आय और उम्र से जुड़ी पात्रता पूरी करने वाले व्यक्ति योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद संबंधित विभाग द्वारा पात्रता का सत्यापन किया जाता है। पात्र पाए जाने पर लाभार्थी को योजना के तहत पेंशन का लाभ दिया जाता है।

आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत

वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करते समय आवेदक को कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। इनमें परिवार रजिस्टर की नकल, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो प्रमुख रूप से शामिल हैं। यदि आवेदक के पास शैक्षिक योग्यता से संबंधित प्रमाणपत्र उपलब्ध है, तो उसे भी आवेदन के दौरान लगाया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। चूंकि पेंशन की राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, इसलिए बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भुगतान प्रभावित हो सकता है।

लाभार्थियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बैंक खाते में नाम, खाता संख्या और अन्य जरूरी विवरण सही हों। मोबाइल नंबर अपडेट रहने से भुगतान से जुड़ी सूचना प्राप्त करने में भी आसानी होगी।

SSPY पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। पात्र व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन का सत्यापन किया जाता है।

पोर्टल के माध्यम से लाभार्थी आवेदन से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ पेंशन भुगतान की स्थिति भी देख सकते हैं। इससे लोगों को पेंशन के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

लाभार्थियों के लिए जरूरी है बैंक खाते की जांच

नई भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों के लिए अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी की जांच करना जरूरी हो गया है। खासतौर पर यह देखना चाहिए कि बैंक खाता सक्रिय है और आधार से लिंक है। यदि बैंक खाता बंद है, गलत विवरण दर्ज है या आधार लिंकिंग में कोई समस्या है, तो DBT के जरिए भुगतान में परेशानी आ सकती है।

ऐसे में लाभार्थियों को समय रहते बैंक और संबंधित विभाग के स्तर पर अपनी जानकारी दुरुस्त करा लेनी चाहिए।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन के भुगतान की नई व्यवस्था के तहत तीन महीने की 3,000 रुपये की राशि अब दो किस्तों में मिलेगी। प्रत्येक किस्त 1,500 रुपये की होगी और दोनों किस्तों के बीच करीब 45 दिन का अंतर रखा जाएगा। सरकार की इस व्यवस्था से पेंशन भुगतान को अधिक नियमित बनाने और लाभार्थियों के खाते में समय-समय पर राशि पहुंचाने की कोशिश की गई है। बुजुर्ग लाभार्थियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे अपनी पात्रता, बैंक खाता, आधार लिंकिंग और आवेदन से जुड़े दस्तावेजों को सही और अपडेट रखें, ताकि पेंशन की राशि सीधे उनके खाते में पहुंच सके।

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