144 KM की रफ्तार से आया तूफान, तबाही के बीच छाया अंधेरा; लाखों लोगों में मची दहशत
लॉस एंजिलिस। समुद्र की ताकत का अंदाजा लगाने वाला एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वीडियो में समुद्र की बेहद ऊंची और ताकतवर लहरें तट की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। पानी का दबाव इतना ज्यादा नजर आ रहा है कि तटीय इलाके में खड़ी चीजें प्रभावित होती दिख रही हैं और कई जगहों पर समुद्री पानी काफी अंदर तक पहुंचता नजर आता है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना उसके हर दृश्य को मौजूदा तूफान से जोड़ना उचित नहीं होगा।
इस बीच कैलिफोर्निया के दक्षिणी तट पर समुद्री हालात को लेकर अधिकारियों और मौसम विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। हरिकेन मैरी भले ही कैलिफोर्निया के तट से सीधे टकराने की राह पर नहीं है, लेकिन इससे पैदा हुआ शक्तिशाली समुद्री स्वेल यानी लंबी दूरी तक फैलने वाली बड़ी लहरें दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुद्र तटों पर खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती हैं। नेशनल हरिकेन सेंटर के मुताबिक 5 सितंबर की सुबह मैरी दक्षिणी बाजा कैलिफोर्निया के सिरे से काफी दूर, खुले प्रशांत महासागर में था और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। उस समय इसकी अधिकतम लगातार हवाएं करीब 80 नॉट यानी लगभग 148 किलोमीटर प्रति घंटे थीं और समुद्र में अधिकतम लहरें करीब 36 फीट तक दर्ज की जा रही थीं।
यानी खतरा तूफान के सीधे कैलिफोर्निया पहुंचने का कम है, लेकिन समुद्र की लहरों का असर तट तक पहुंचने का खतरा बड़ा है।
मैरी दूर, लेकिन समुद्र के तेवर बेहद खतरनाक
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक हरिकेन मैरी का केंद्र कैलिफोर्निया से सैकड़ों मील दूर रह सकता है। इसके बावजूद तूफान की ताकतवर हवाएं समुद्र में ऐसी ऊर्जा पैदा कर रही हैं, जो लंबे स्वेल के रूप में कैलिफोर्निया के दक्षिणी तट तक पहुंच सकती है।
लॉस एंजिलिस टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मैरी से दक्षिणी कैलिफोर्निया में 6 से 8 फीट तक का स्वेल आने की संभावना जताई गई थी। दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम की ओर खुलने वाले समुद्र तटों पर स्थितियां खास तौर पर चुनौतीपूर्ण रह सकती हैं।
सर्फिंग करने वालों के लिए बड़ी लहरें रोमांच का कारण हो सकती हैं, लेकिन सामान्य समुद्र तट पर घूमने या तैरने वाले लोगों के लिए यही लहरें जानलेवा बन सकती हैं। लंबी अवधि वाले स्वेल में आने वाली कुछ लहरें सामान्य लहरों से कहीं ज्यादा ताकत के साथ किनारे तक पहुंच सकती हैं।
यही वजह है कि अधिकारियों ने लोगों से समुद्र के बेहद करीब न जाने और लाइफगार्ड की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की है।
लागुना बीच पहले ही झेल चुका है समुद्र का कहर
लागुना बीच में हाल के दिनों में समुद्र की तेज लहरों ने तटीय इलाकों को काफी प्रभावित किया है। अलिसो बीच में तेज स्वेल और ज्वार के कारण पार्किंग क्षेत्र में रेत और पानी पहुंचा और तट का कटाव तेज हुआ। शहर ने पार्किंग लॉट के एक हिस्से को बंद भी किया है। वहां समुद्र की मार से तटीय ढांचे पर दबाव बढ़ा है और नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षात्मक इंतजाम किए जा रहे हैं।
अब मैरी के कारण आने वाला नया स्वेल पहले से कमजोर हो चुके तटीय इलाकों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है।
लागुना बीच के मरीन सेफ्टी चीफ काई बॉन्ड ने लोगों से समुद्र की स्थिति को हल्के में न लेने की अपील की है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक Labor Day वीकेंड के दौरान कुछ जगहों पर सर्फ की ऊंचाई करीब 10 फीट तक पहुंच सकती है। बॉन्ड ने लोगों से पानी में उतरने से पहले अपनी क्षमता समझने और लाइफगार्ड से स्थिति की जानकारी लेने को कहा है।
इस गर्मी में तीन जानें जा चुकी हैं
लागुना बीच के लिए समुद्र की मौजूदा स्थिति इसलिए भी ज्यादा चिंताजनक है क्योंकि इस गर्मी में वहां समुद्र से जुड़ी तीन घातक घटनाएं हो चुकी हैं।
जून में एक पांच साल की बच्ची समुद्र में बह गई थी। काफी बड़े स्तर पर खोज अभियान चलाने के बाद उसका शव बरामद किया गया। अगस्त में 24 वर्षीय एक व्यक्ति भी तैरते समय समुद्र में डूब गया था। स्थानीय अधिकारियों ने इन घटनाओं के दौरान तेज लहरों और समुद्री धाराओं के खतरे को लेकर लगातार चेतावनी दी थी।
लागुना बीच के अधिकारियों का कहना है कि समुद्र का खतरा सिर्फ पानी में उतरने वाले लोगों तक सीमित नहीं है। तेज लहरें अचानक रेत वाले हिस्से तक पहुंच सकती हैं और किनारे पर खड़े या चलते लोगों को भी संतुलन से गिराकर समुद्र की ओर खींच सकती हैं।
यही वजह है कि अधिकारियों ने समुद्र की तरफ पीठ करके खड़े होने, चट्टानों के बेहद करीब जाने और जेट्टी या अन्य समुद्री ढांचे पर चढ़ने से बचने की सलाह दी है।
‘समुद्र के किनारे चलना भी हमेशा सुरक्षित नहीं’
लागुना बीच मरीन सेफ्टी चीफ काई बॉन्ड ने चेतावनी देते हुए कहा है कि समुद्र तट पर घटना केवल पानी में उतरने के दौरान ही नहीं हो सकती। उनके मुताबिक रेत पर चलते समय भी अचानक आने वाली लहर खतरा पैदा कर सकती है।
इसका कारण समुद्र में बनने वाला रिप करंट और अचानक आने वाली बड़ी लहरें हैं। रिप करंट तेज गति से समुद्र की ओर बहने वाली संकरी धाराएं होती हैं। यदि कोई व्यक्ति इनके बीच फंस जाए तो कुछ ही समय में वह तट से काफी दूर जा सकता है।
खास बात यह है कि शांत दिखाई देने वाला समुद्र भी हमेशा सुरक्षित नहीं होता। कुछ बड़ी लहरें लंबे अंतराल के बाद अचानक आती हैं। ऐसे में समुद्र को लगातार देखते रहना और चेतावनी संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है।
बारिश के साथ तटीय बाढ़ का भी खतरा
मैरी का असर सिर्फ लहरों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। दक्षिणी कैलिफोर्निया में Labor Day वीकेंड के दौरान हल्की बारिश और कुछ इलाकों में गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। बड़ी लहरों के साथ ऊंचे ज्वार का समय मिल जाने पर निचले तटीय क्षेत्रों में मध्यम स्तर की तटीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि कुछ निचले इलाकों में समुद्र का पानी सामान्य सीमा से ज्यादा अंदर तक पहुंच सकता है। खासकर वे इलाके ज्यादा संवेदनशील हैं जहां पहले से समुद्र तट का कटाव हो चुका है।
इसी वजह से स्थानीय प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अलिसो बीच में समुद्र से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए रेत की संरचनाएं तैयार की गई हैं। कई अन्य तटीय समुदायों में भी रेत की बोरियां और अस्थायी सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
समुद्र से दूरी बनाए रखने की अपील
अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि छुट्टी के लंबे वीकेंड पर बड़ी संख्या में लोग समुद्र तटों का रुख करेंगे। आम दिनों की तुलना में भीड़ बढ़ने पर जोखिम और बढ़ सकता है।
लाइफगार्ड अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी समुद्र तट पर चेतावनी झंडा लगाया गया है तो उसका मतलब समझना जरूरी है। पीले झंडे का अर्थ सामान्य से ज्यादा सतर्कता हो सकता है, जबकि लाल झंडे जैसी चेतावनियों का मतलब अधिक खतरनाक समुद्री परिस्थितियां हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन स्थिति के अनुसार कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद भी कर सकता है।
मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों की सलाह है कि समुद्र में उतरने से पहले ताजा समुद्री स्थिति की जानकारी लें और केवल ऐसे स्थानों पर तैरें जहां लाइफगार्ड मौजूद हों।
कैलिफोर्निया नहीं टकराएगा हरिकेन, फिर भी खतरा कम नहीं
हरिकेन मैरी को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि उपलब्ध पूर्वानुमानों के मुताबिक इसका सीधे दक्षिणी कैलिफोर्निया में पहुंचना या वहां हरिकेन के रूप में लैंडफॉल करना अपेक्षित नहीं है। इसका केंद्र तट से काफी दूर रहने की संभावना है।
लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि कैलिफोर्निया के समुद्र तट सुरक्षित हैं।
दरअसल तूफान का समुद्र से काफी दूर रहना ही यह दिखाता है कि किसी बड़े तूफान का असर हमेशा उसके केंद्र तक सीमित नहीं होता। विशाल समुद्री क्षेत्र में तूफान द्वारा पैदा की गई ऊर्जा लंबी दूरी तय करके तटों तक पहुंच सकती है।
मैरी का मौजूदा ट्रैक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में है और नेशनल हरिकेन सेंटर के 5 सितंबर के विश्लेषण में इसे बाजा कैलिफोर्निया के दक्षिणी सिरे से कई सौ मील पश्चिम में बताया गया है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की चिंता
सोशल मीडिया पर समुद्र की खतरनाक लहरों से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चिंता और बढ़ गई है। वीडियो में समुद्र की ताकत का भयावह दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है और इसे लागुना बीच से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
हालांकि, किसी वायरल वीडियो की तारीख, स्थान और संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है। इसलिए वीडियो को देखकर यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि उसमें दिखाई देने वाली हर घटना हरिकेन मैरी की वजह से ही हुई है।
लेकिन एक बात स्पष्ट है—लागुना बीच और दक्षिणी कैलिफोर्निया में समुद्री परिस्थितियां इस समय सामान्य नहीं हैं। स्थानीय प्रशासन पहले से हाई सर्फ, रिप करंट, तटीय कटाव और संभावित तटीय बाढ़ को लेकर लोगों को सावधान कर रहा है।
समुद्र से दूर रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा
हरिकेन मैरी भले ही कैलिफोर्निया की जमीन पर दस्तक देने नहीं जा रहा हो, लेकिन उसके कारण पैदा हुआ समुद्री स्वेल छुट्टी के वीकेंड को खतरनाक बना सकता है। ऐसे में समुद्र की लहरों को केवल मनोरंजन या रोमांच के नजरिए से देखना भारी पड़ सकता है।
अधिकारियों की सलाह साफ है—लाइफगार्ड की बात मानें, चेतावनी वाले इलाकों से दूर रहें, चट्टानों और जेट्टी पर न जाएं और समुद्र की तरफ पीठ करके खड़े न हों।
क्योंकि समुद्र की सबसे खतरनाक लहर वही हो सकती है, जिसे आते हुए आपने देखा ही नहीं।

कोई टिप्पणी नहीं