पीआरडी जवानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी! भत्ता बढ़ा, लेकिन असली फायदा जानकर चौंक जाएंगे
उत्तर प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी के जवानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों के हित में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सरकार ने उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी करने के साथ-साथ जवानों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद प्रदेशभर में ड्यूटी करने वाले हजारों पीआरडी जवानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब पीआरडी जवानों को पहले मिलने वाले 500 रुपये प्रतिदिन के बजाय 600 रुपये प्रतिदिन का ड्यूटी भत्ता मिलेगा। यानी प्रत्येक ड्यूटी वाले दिन जवान को 100 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पीआरडी जवान प्रदेश की कानून व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन, चुनाव, मेले, धार्मिक आयोजनों और आपदा के समय प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
500 रुपये से बढ़कर 600 रुपये हुआ दैनिक भत्ता
सरकार के फैसले के बाद पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में सीधे 100 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। पहले एक दिन की ड्यूटी के लिए 500 रुपये मिलते थे, लेकिन अब यही राशि बढ़कर 600 रुपये हो गई है।
अगर कोई पीआरडी जवान लगातार 30 दिन ड्यूटी करता है तो पहले उसे 15 हजार रुपये मिलते थे। अब 30 दिन की ड्यूटी के लिए उसे 18 हजार रुपये मिलेंगे। इस तरह लगातार 30 दिन ड्यूटी करने पर जवान को हर महीने 3,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
हालांकि वास्तविक भुगतान जवान द्वारा किए गए ड्यूटी के दिनों के आधार पर होगा। यानी जितने दिन ड्यूटी होगी, उसी के अनुसार दैनिक भत्ते की गणना की जाएगी।
हजारों जवानों को मिलेगा फायदा
प्रदेश में बड़ी संख्या में पीआरडी स्वयंसेवक अलग-अलग जिलों में प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ काम करते हैं। इनकी ड्यूटी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सरकारी व्यवस्थाओं में लगाई जाती है।
पीआरडी जवानों को पुलिस विभाग की विभिन्न शाखाओं, थानों, चौकियों, महिला थानों, यातायात व्यवस्था, मेलों, प्रदर्शनियों, धार्मिक आयोजनों, तीर्थयात्राओं और निर्वाचन कार्यों में लगाया जाता है। इसके अलावा दैवी आपदा, बाढ़, हड़ताल और अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में भी इनकी सेवाएं ली जाती हैं।
ऐसे में दैनिक भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी उनके लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बांदा में 2367 पीआरडी जवान
दिए गए जिला आंकड़ों के अनुसार बांदा जनपद में कुल 2367 पीआरडी जवान पंजीकृत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में जवान पुलिस और प्रशासन के साथ अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी करते हैं।
जिले में कानून व्यवस्था से जुड़े आयोजनों के अलावा मेलों, चुनाव, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन में भी पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है। बुंदेलखंड क्षेत्र में बारिश के दौरान बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियों में भी प्रशासन को अतिरिक्त मानवबल की आवश्यकता होती है।
केन, यमुना और चंद्रावल जैसी नदियों के आसपास बाढ़ की स्थिति बनने पर राहत एवं प्रशासनिक कार्यों में भी पीआरडी जवानों की सेवाएं ली जाती हैं।
कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी
सरकार का दूसरा फैसला पीआरडी जवानों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। अब जवानों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र जवान और उनके परिवार के सदस्य सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज का लाभ ले सकेंगे।
अब तक बीमारी या इलाज की स्थिति में जवानों को कई बार अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था। इसके बाद चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस पूरी प्रक्रिया में समय लगने की वजह से कई परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।
नई कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद इलाज के समय तत्काल बड़ी रकम की व्यवस्था करने का दबाव कम होने की उम्मीद है।
जवानों के परिवार को भी राहत
इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चिकित्सा सुविधा केवल पीआरडी जवान तक सीमित नहीं रहेगी। निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी इसका लाभ मिलेगा।
किसी परिवार में अचानक बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति आने पर इलाज का खर्च परिवार के बजट पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में कैशलेस सुविधा मिलने से आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार द्वारा इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
चुनाव से लेकर बाढ़ तक निभाते हैं जिम्मेदारी
पीआरडी जवानों की भूमिका सिर्फ सामान्य ड्यूटी तक सीमित नहीं रहती। चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग से लेकर भीड़ प्रबंधन तक में इनकी सेवाएं ली जाती हैं।
इसके अलावा बड़े धार्मिक आयोजन, मेले, प्रदर्शनी और तीर्थयात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में इनकी ड्यूटी लगाई जाती है।
आपदा के समय भी पीआरडी जवान प्रशासन के साथ खड़े दिखाई देते हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग और प्रशासनिक गतिविधियों में सहायता जैसे कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
जवान बोले- परिवार का खर्च चलाने में मिलेगी मदद
पीआरडी जवानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। लंबे समय से ड्यूटी कर रहे जवानों का कहना है कि दैनिक भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी भले ही एक दिन के हिसाब से दिखाई देती हो, लेकिन लगातार ड्यूटी करने पर इसका असर महीने के बजट में साफ दिखाई देगा।
एक पीआरडी जवान के मुताबिक अगर महीने में 30 दिन ड्यूटी मिलती है तो 3,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे घर के राशन, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों में सहायता मिलेगी।
जवानों का यह भी कहना है कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से बीमारी की स्थिति में परिवार को इलाज के लिए अचानक कर्ज लेने या बड़ी रकम जुटाने की परेशानी कम हो सकती है।
आठ साल से ड्यूटी कर रहे जवान ने बताया अनुभव
पीआरडी जवान रामबाबू, अर्जुनाह ने बताया कि वह पिछले आठ साल से ड्यूटी कर रहे हैं। उनका कहना है कि भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी से लगातार ड्यूटी मिलने पर महीने में लगभग 3,000 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। इससे परिवार के खर्च में सहूलियत होगी।
उन्होंने कहा कि कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से बीमारी के समय आर्थिक परेशानी भी कम होगी। इलाज के लिए कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ेगी और जवान अपने परिवार की चिंता कम करके ड्यूटी पर ध्यान दे सकेंगे।
खतरनाक परिस्थितियों में भी देते हैं ड्यूटी
पीआरडी जवान शीतल प्रसाद, पिपरगवां ने बताया कि जवानों की ड्यूटी कई बार ऐसी जगहों पर लगती है जहां परिस्थितियां सामान्य नहीं होतीं। मेला, चुनाव, बाढ़ और अन्य संवेदनशील स्थानों पर उन्हें पुलिस और प्रशासन के साथ काम करना पड़ता है।
उनके मुताबिक पहले इलाज के लिए कई बार अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ता था। अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से इस परेशानी में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले से जवानों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपनी जिम्मेदारी और अधिक लगन से निभा सकेंगे।
विभाग ने भी फैसले को बताया महत्वपूर्ण
जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि बांदा जनपद में पंजीकृत पीआरडी जवानों को सरकार के नए फैसले का लाभ मिलेगा। इस संबंध में शासन स्तर से जो दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ ड्यूटी भत्ता और चिकित्सा सुविधा जवानों के लिए महत्वपूर्ण है। शासन के निर्देशों के अनुरूप पात्र जवानों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों में राहत
सरकार के दोनों फैसलों को देखा जाए तो पीआरडी जवानों को एक साथ दो स्तर पर राहत मिलने वाली है। पहली राहत उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते में हुई बढ़ोतरी है और दूसरी राहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा के रूप में मिलेगी।
दैनिक भत्ता 500 रुपये से बढ़कर 600 रुपये होने के बाद लगातार 30 दिन ड्यूटी करने वाले जवान को पहले की तुलना में 3,000 रुपये अधिक मिल सकते हैं। वहीं चिकित्सा सुविधा से जवान और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को इलाज के समय आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
पीआरडी जवान लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के साथ विभिन्न जिम्मेदारियों में सहयोग करते रहे हैं। ऐसे में सरकार के इन फैसलों से उनके आर्थिक हितों के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी संबोधित करने की कोशिश की गई है।
अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि नए प्रावधानों को जिलों में किस तरह लागू किया जाता है और पात्र पीआरडी जवानों को बढ़ा हुआ भत्ता और कैशलेस चिकित्सा सुविधा किस प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाती है।

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