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पहले धार्मिक यात्रा की बात… फिर फार्महाउस तक पहुंची महिला, आगे जो हुआ उसने पुलिस को चौंकाया



उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक फार्महाउस में हरियाणा की रहने वाली करीब 23-24 वर्षीय महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के दो कर्मियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मामला 22 और 23 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात का है। महिला ने आरोप लगाया कि उसे धार्मिक स्थलों की यात्रा के नाम पर अमरोहा लाया गया था। बाद में उसे हसनपुर क्षेत्र के एक फार्महाउस में ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पुलिस ने एक स्थानीय उप निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल, एक CRPF अधिकारी और एक CRPF हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है।

धार्मिक स्थलों की यात्रा के नाम पर संपर्क करने का आरोप

अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के अनुसार, हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 सितंबर को उसकी एक महिला परिचित ने उससे संपर्क किया था। आरोप है कि उसे अमरोहा में धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए CRPF से जुड़े एक परिचित व्यक्ति से मिलने के लिए कहा गया।

पुलिस के मुताबिक महिला की 21 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत में CRPF कर्मी मोहित से मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों मेरठ की ओर गए। वहां मोहित का एक अन्य परिचित और CRPF कर्मी लालाराम यादव भी उनके साथ शामिल हो गया। पुलिस के अनुसार लालाराम राजस्थान के अलवर का रहने वाला है।

मामले की जांच कर रही पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला को अमरोहा लाने की पूरी योजना क्या थी और इस दौरान कौन-कौन लोग संपर्क में थे।

अमरोहा पहुंचने के बाद क्या हुआ?

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की शाम महिला को कार से हसनपुर क्षेत्र में लाया गया। रास्ते में हसनपुर थाने से जुड़े उप निरीक्षक संजय तोमर को भी उनके साथ लिए जाने का आरोप है।

इसके बाद महिला समेत सभी लोग अतरासी-हसनपुर मार्ग के पास स्थित एक फार्महाउस पहुंचे। पुलिस के मुताबिक वहां दो कमरे लिए गए थे। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि फार्महाउस पर खाने और शराब की व्यवस्था भी की गई थी।

इसके बाद महिला ने तीन लोगों पर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। चौथे आरोपी पर भी दुष्कर्म के प्रयास का आरोप है। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर सभी चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये सभी आरोप फिलहाल पुलिस में दर्ज शिकायत और प्राथमिकी पर आधारित हैं। आरोपों की न्यायिक जांच और अदालत में होने वाली कार्यवाही के बाद ही अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा।

महिला ने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस से मांगी मदद

पुलिस के अनुसार, महिला ने शिकायत में बताया कि जब चौथे व्यक्ति ने भी उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का प्रयास किया तो उसने विरोध किया और उसे कमरे से बाहर कर दिया। इसके बाद महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया।

पुलिस के मुताबिक महिला ने ऑनलाइन पुलिस हेल्पलाइन नंबर तलाशकर मदद लेने की कोशिश की। बुधवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस को मामले की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद हसनपुर और रजबपुर थाने की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

इसके बाद पुलिस ने मौके से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू की।

चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

एसपी के मुताबिक महिला की शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें कथित तौर पर महिला को बहला-फुसलाकर या ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।

पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं।

स्थानीय पुलिसकर्मी पर विभागीय कार्रवाई

इस मामले में दो अलग-अलग सुरक्षा बलों से जुड़े कर्मियों के नाम सामने आने के कारण मामला और गंभीर हो गया है।

पुलिस के अनुसार, स्थानीय उप निरीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू की गई है और उसके खिलाफ विभागीय जांच भी की जा रही है। वहीं CRPF से जुड़े दोनों कर्मियों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

इससे यह संकेत मिलता है कि जांच केवल आपराधिक मुकदमे तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित विभाग अपने स्तर पर भी आरोपों की जांच करेंगे।

फार्महाउस के मालिक को लेकर क्या सामने आया?

मामले की जांच के दौरान उस फार्महाउस को लेकर भी जानकारी सामने आई है, जहां कथित घटना हुई। हसनपुर कोतवाली प्रभारी के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि फार्महाउस उत्तराखंड के एक निर्दलीय विधायक से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने संपत्ति के प्रबंधक से पूछताछ की है।

हालांकि, फार्महाउस के मालिक या उससे जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। इसलिए किसी व्यक्ति को इस मामले में आरोपी या दोषी बताना उचित नहीं होगा, जब तक जांच में उसके खिलाफ कोई ठोस भूमिका सामने न आए।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फार्महाउस में कमरा किसने बुक कराया था, वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे और घटना के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी थी या नहीं।

पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल

मामले में स्थानीय पुलिसकर्मी के आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विभागीय प्रक्रिया अभी जारी है।

ऐसे मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप लगना अपने आप में गंभीर विषय है, क्योंकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस बल की होती है। इसी वजह से स्थानीय पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।

साथ ही, CRPF कर्मियों के खिलाफ भी उनके संगठन की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

अखिलेश यादव ने उठाया मामला

अमरोहा की इस घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने इस घटना को पुलिस बल के लिए गंभीर मामला बताया।

यह प्रतिक्रिया राजनीतिक बहस का हिस्सा है। दूसरी ओर, पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने और जांच आगे बढ़ाने की जानकारी दी है।

जांच में अब किन बिंदुओं पर नजर?

मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाया जाना है कि महिला को अमरोहा लाने की योजना कैसे बनी और इसमें किस-किस व्यक्ति की भूमिका थी।

इसके अलावा पुलिस फार्महाउस से जुड़े रिकॉर्ड, कमरे की बुकिंग, वहां मौजूद लोगों, वाहन और घटनाक्रम से संबंधित अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर सकती है। महिला के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने फार्महाउस के प्रबंधक से पूछताछ भी की है।

आरोप साबित होना अभी बाकी

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चारों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। उनके खिलाफ आरोप महिला की शिकायत और पुलिस द्वारा दर्ज FIR पर आधारित हैं। अदालत में मामले की सुनवाई, साक्ष्यों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह तय होगा कि आरोप किस हद तक साबित होते हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चारों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

महिला सुरक्षा को लेकर फिर उठी बहस

अमरोहा की घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। खास तौर पर इस मामले में आरोपियों में पुलिस और CRPF से जुड़े कर्मियों के शामिल होने की बात सामने आने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है।

जांच एजेंसियों के सामने अब चुनौती यह है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की जाए, उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और अदालत के सामने पूरा मामला सही तरीके से रखा जाए।

फिलहाल चारों आरोपी गिरफ्तार हैं, स्थानीय पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू होने की जानकारी है और CRPF कर्मियों के खिलाफ भी संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आने की उम्मीद है।

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