बरेली जेल से अस्पताल पहुंची महिला बंदी, टॉयलेट में गई नीले सूट में... बाहर निकली बुर्के में, 2 महिला पुलिसकर्मी रह गईं दंग!
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में जिला अस्पताल से एक महिला बंदी के फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामले में जेल में निरुद्ध 48 वर्षीय ममता देवी को कोर्ट में पेशी के लिए जेल से लाया गया था। पेशी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान वह अस्पताल के टॉयलेट से फरार हो गई।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। महिला बंदी की सुरक्षा में तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
नीले सूट में टॉयलेट गई, बुर्का पहनकर निकली
बताया जा रहा है कि ममता देवी अस्पताल में इलाज के दौरान नीले रंग का सूट पहनकर टॉयलेट गई थी। टॉयलेट के बाहर उसकी सुरक्षा में दो महिला पुलिसकर्मी तैनात थीं।
आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी बाहर उसका इंतजार करती रहीं, लेकिन ममता देवी काफी देर तक बाहर नहीं आई। जब काफी समय बीत गया तो पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ और टॉयलेट की जांच की गई।
जांच के दौरान महिला के वहां नहीं होने का पता चला। बताया जा रहा है कि वह अंदर से बुर्का पहनकर दूसरे रूप में बाहर निकल गई और पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
महिला के फरार होने की जानकारी मिलते ही अस्पताल और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी निलंबित
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने महिला बंदी की सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और कांस्टेबल रिंकी को निलंबित कर दिया है।
दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि महिला बंदी सुरक्षा घेरे से कैसे बाहर निकल गई और उसके पास बुर्का कहां से आया।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि महिला के टॉयलेट में जाने के बाद उसकी निगरानी किस तरह की जा रही थी और काफी देर तक बाहर नहीं आने के बावजूद तत्काल जांच क्यों नहीं की गई।
कोर्ट में पेशी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के मुताबिक ममता देवी को सेंट्रल जेल-2 से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। वह अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश हुई थी।
पेशी के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में उपचार के दौरान ही वह टॉयलेट जाने के बहाने सुरक्षा घेरे से निकल गई।
क्या था पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि ममता देवी बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के तुलाशेरपुर की रहने वाली है। उसकी उम्र करीब 48 वर्ष बताई जा रही है।
मामला एक नाबालिग लड़की के घर से चले जाने से जुड़ा है। आरोप है कि ममता देवी का बेटा एक नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गया था।
इस मामले में पुलिस ने बेटे के साथ उसकी मां ममता देवी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस कार्रवाई में दोनों को जेल भेजा गया था।
ममता देवी इसी मामले में जेल में निरुद्ध थी और उसे न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया था।
बुर्का कहां से आया, जांच का बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला बंदी के पास बुर्का कहां से आया।
अगर महिला वास्तव में नीले सूट में टॉयलेट के अंदर गई थी और वहां से बुर्का पहनकर बाहर निकली, तो यह जांच का अहम बिंदु होगा कि उसके पास बुर्का पहले से मौजूद था या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे उपलब्ध कराया।
पुलिस इस मामले में अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है। इससे महिला के अस्पताल से बाहर निकलने के रास्ते और उसके बाद की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने शुरू की तलाश
फरार महिला की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। अस्पताल और उसके आसपास के इलाकों की जांच की जा रही है। संभावित रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में भी महिला की तलाश की जा सकती है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरारी में किसी अन्य व्यक्ति ने उसकी मदद तो नहीं की।
अगर किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
ड्यूटी में लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में भर्ती किसी महिला बंदी की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन इसके बावजूद वह टॉयलेट से निकलकर फरार होने में कामयाब हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि टॉयलेट में जाने के बाद महिला की निगरानी किस तरीके से की जा रही थी। आमतौर पर अस्पताल जैसे स्थान पर बंदी को ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है।
इसी लापरवाही के आरोपों के चलते दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस महिला बंदी की तलाश में जुटी है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ममता देवी टॉयलेट से किस रास्ते से बाहर निकली, उसे बुर्का कैसे मिला और क्या फरारी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी।
इस घटना ने अस्पताल में बंदी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर टॉयलेट के अंदर पहुंचने के बाद ममता देवी बुर्के में कैसे बाहर निकली और इतने समय तक सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और बताए गए घटनाक्रम के आधार पर तैयार की गई है। मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही फरारी से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

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