₹62 हजार मांगना पड़ा भारी! पहले घेरा, फिर डीजल डालकर लगा दी आग... गांव में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के बिलसंडा थाना क्षेत्र के भीकमपुर गांव में बकाया रकम मांगने को लेकर हुआ विवाद उस समय बेहद गंभीर हो गया, जब एक इंटरलॉकिंग टाइल्स ठेकेदार को कथित तौर पर पीटने के बाद डीजल डालकर आग लगा दी गई। घटना में ठेकेदार रामदास गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका उपचार कराया जा रहा है। आरोप है कि बकाया 62 हजार रुपये मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। रामदास को आग की लपटों में घिरा देखकर ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले में राजेश और उसके दो बेटों निकेत व निशांत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर घटना के पूरे क्रम की जानकारी जुटा रही है।
62 हजार रुपये के भुगतान को लेकर था विवाद
भीकमपुर गांव निवासी रामदास इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने का काम करते हैं और इसके साथ ही ठेकेदारी भी करते हैं। उनके बेटे धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, कुछ समय पहले गांव के ही राजेश ने इंटरलॉकिंग टाइल्स बनवाने का काम कराया था। काम पूरा होने के बाद काफी समय बीत गया, लेकिन कथित तौर पर भुगतान नहीं किया गया।
परिवार का कहना है कि राजेश पर 62 हजार रुपये बकाया थे। छोटे स्तर पर काम करने वाले कारोबारी के लिए इतनी बड़ी रकम लंबे समय तक फंसी रहना परेशानी का कारण बन सकता है। इसी वजह से रामदास बकाया रकम मांगने के लिए राजेश से संपर्क कर रहे थे।
बताया गया कि रविवार रात भी रामदास बकाया रकम मांगने के लिए राजेश के पास पहुंचे थे। उन्होंने उससे 62 हजार रुपये का भुगतान करने को कहा। आरोप है कि रकम मांगने की बात पर राजेश नाराज हो गया और उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख रामदास बिना रकम लिए वहां से लौट आए।
दोबारा तकादा करने पहुंचे तो बढ़ गई तनातनी
परिवार के अनुसार, इसके बाद रामदास फिर बकाया रकम मांगने पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ता देखकर आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया और विवाद शांत कराने का प्रयास किया।
ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद रामदास वहां से अपने घर की ओर लौटने लगे। उन्हें लगा कि विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय वापस चले जाना ही बेहतर होगा। लेकिन आरोप है कि वह कुछ ही दूरी तक पहुंचे थे कि राजेश और उसके दोनों बेटे निकेत तथा निशांत उनके पीछे दौड़ते हुए आए।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोप के अनुसार, तीनों ने रामदास को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान विवाद ने बेहद खतरनाक रूप ले लिया।
डीजल डालकर आग लगाने का आरोप
आरोप है कि मारपीट के दौरान राजेश ने ट्रैक्टर या इंजन से निकाला गया डीजल एक बर्तन में रखा था। इसी डीजल को कथित तौर पर रामदास के ऊपर डाल दिया गया और इसके बाद उन्हें आग लगा दी गई।
अचानक आग की लपटों से घिरे रामदास चीखने लगे। उन्हें जलता हुआ देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। रामदास जान बचाने के लिए भागने लगे। इस दौरान आरोपित मौके से भाग निकले।
ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश शुरू की। कुछ ही मिनट में किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक रामदास काफी झुलस चुके थे। घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने बचाई जान
घटना के प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार, अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। आग बुझाने के बाद रामदास की हालत देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम गांव पहुंची और गंभीर रूप से झुलसे रामदास को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। वहां उनका उपचार शुरू कराया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर जुट गए। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई और आरोपितों की तलाश शुरू की।
बेटे की तहरीर पर दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार, रामदास के बेटे धर्मेंद्र कुमार की तहरीर के आधार पर बिलसंडा थाने में राजेश, निकेत और निशांत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपितों पर जानलेवा हमला और धमकाने समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और हमले की पूरी योजना किस तरह बनी।
पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए डीजल और अन्य संभावित साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी का मिलान कर रही है।
छोटे कारोबारियों के लिए बकाया रकम बन सकती है बड़ी परेशानी
इस घटना ने बकाया भुगतान को लेकर होने वाले विवादों की गंभीरता को भी सामने ला दिया है। छोटे कारोबार और ठेकेदारी से जुड़े लोगों के लिए कई बार ग्राहकों से मिलने वाली रकम ही अगले काम और रोजमर्रा के खर्च का आधार होती है।
जब बड़ी रकम लंबे समय तक अटक जाती है तो कारोबारी पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में भुगतान को लेकर विवाद भी पैदा हो सकते हैं। हालांकि किसी भी आर्थिक विवाद का समाधान हिंसा के जरिए नहीं किया जा सकता।
कानून व्यवस्था बनाए रखना और विवाद का समाधान कानूनी तरीके से करना ही उचित रास्ता है।
पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा सच
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। रामदास के परिवार ने आरोप लगाया है कि बकाया 62 हजार रुपये मांगने पर उनके साथ पहले मारपीट की गई और फिर डीजल डालकर आग लगा दी गई।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना किस क्रम में हुई, मौके पर कौन-कौन मौजूद था और हमले में किसकी क्या भूमिका थी। साथ ही पुलिस घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों और ग्रामीणों के बयान के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है।
रामदास की हालत गंभीर होने के कारण परिवार की चिंता बढ़ी हुई है। दूसरी ओर, तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। सिर्फ 62 हजार रुपये के कथित बकाये से शुरू हुआ विवाद आखिरकार आगजनी और जानलेवा हमले के आरोप तक कैसे पहुंच गया, यह सवाल पूरे मामले की जांच के केंद्र में है।

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